
प्रिया मिश्रा
प्रिया को पिछले 4 सालों से हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर लिखने का अनुभव है। इन्हें हेल्थ और ... Read More
Written By: priya mishra | Published : August 14, 2023 2:02 PM IST
Folate Deficiency Symptoms: शरीर को स्वस्थ रखने के लिए कई तरह के पोषक तत्वों की जरूरत होती है। फोलेट या विटामिन B9 भी शरीर के लिए एक आवश्यक न्यूट्रिएंट है। फोलेट शरीर में रेड ब्लड सेल्स के निर्माण में मदद करता है। इसके अलावा, यह डीएनए बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। फोलेट ऊर्जा उत्पादन और शरीर के कामकाजों के लिए भी जरूरी होता है। साथ ही, यह लिवर, बालों और आंखों को स्वस्थ रखने के लिए भी आवश्यक होता है। गर्भवती महिलाओं को फोलेट की ज्यादा जरूरत होती है, क्योंकि यह भ्रूण के विकास के लिए जरूरी होता है। प्रेगनेंसी के दौरान फोलेट की कमी शिशु में जन्मजात दोषों का कारण बन सकती है। अगर शरीर में फोलेट की कमी हो जाए, तो कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। फोलेट की कमी होने पर शरीर में कई लक्षण नजर आते हैं। सही समय पर इन लक्षणों को पहचानकर आप कई गंभीर समस्याओं से बच सकते हैं। तो आइए, इस लेख में जानते हैं कि फोलेट की कमी होने पर कौन-कौन से लक्षण नजर आते हैं और इसकी कमी को कैसे पूरा किया जा सकता है -
फोलेट की कमी होने पर आपको एनीमिया की शिकायत हो सकती। दरअसल, फोलेट शरीर में रेड ब्लड सेल्स के उत्पादन में मदद करता है। जब शरीर में फोलेट की कमी हो जाती है, तो इससे रेड ब्लड सेल्स की संख्या में कमी आ जाती है। इसकी वजह से आपको एनीमिया से जुड़े लक्षण नजर आ सकते हैं।
शरीर में फोलेट की कमी होने पर थकान और कमजोरी जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं। दरअसल, रेड ब्लड सेल्स की संख्या कम होने के कारण शरीर के सभी हिस्सों में ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती है। इसकी वजह से व्यक्ति हर वक्त थका हुआ महसूस करता है।
शरीर में फोलेट की कमी होने पर व्यक्ति को ओरल हेल्थ से जुड़े लक्षणों का अनुभव हो सकता है। अगर आप मुंह में छाले, सांस में दुर्गंध, खाने का स्वाद महसूस न होना, जीभ पर सूजन या लाल जीभ जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं, तो यह फोलेट की कमी का संकेत हो सकता है।
फोलेट की कमी के कारण मस्तिष्क में फील गुड केमिकल्स का उत्पादन कम हो जाता है। इसकी वजह से व्यक्ति को चिड़चिड़ापन महसूस हो सकता है। इसके अलावा, फोलेट की कमी होने कर याददाश्त कम होना, उलझन, बेचैनी, फोकस करने में दिक्कत होना या डिप्रेशन जैसे लक्षण भी नजर आ सकते हैं।
हाथ-पैरों में सुई जैसा चुभना या सुन्न होना भी फोलेट की कमी के संकेत हो सकते हैं। इस स्थिति को पैरास्थेसिया कहा जाता है। इसके अलावा, फोलेट की कमी होने पर मांसपेशियों में दर्द या कमजोरी का भी अनुभव हो सकता है।
फोलेट की कमी को पूरा करने के लिए आप अपनी हरी पत्तेदार सब्जियां, फल, नट्स, सीड्स, राजमा, सोयाबीन, एवोकाडो, सीफूड अनाज, अंडा और डेयरी प्रोडक्ट्स को अपनी डाइट में शामिल करें।