... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
पीरियड्स से जुड़ी ये 8 बातें हैं असल जिंदगी में हैं झूठ, जानें कौन सी बातों पर कभी न करें विश्वास
पीरियड्स एक महिला के शरीर की प्राकृतिक प्रक्रिया है, हालांकि इससे कई तरह की गलत अवधारणाएं और भ्रांतियां जुड़ी हुई हैं। पीरियड्स से जुड़े इन मिथकों को दूर करना और इसके बारे में जागरूकता बढ़ाना बहुत जरूरी है। इन गलत अवधारणाओं को दूर कर हम महिलाओं के लिए अनुकूल माहौल का निर्माण कर सकते हैं। याद रखें कि पीरियड्स एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। इसकी वजह से महिलाओं के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए, इस दौरान उन्हें आइसोलेट नहीं करना चाहिए। नोएडा के जेपी हॉस्पिटल की एसोसिएट डायरेक्टर ऑफ ऑब्स्टेट्रिक्स एण्ड गायनेकोलोजी डॉ. पूनम यादव का कहना है कि अब समय आ गया है कि इन समाज में फैली इन गलत अवधारणाओं को दूर किया जाए। साथ ही इन मिथकों पर से पर्दा उठाया जाए ताकि आपके दिल में पीरियड्स को लेकर कोई भी भ्रम न रहे।
तथ्यः पीरियड्स का रक्त अशुद्ध या गंदा नहीं होता। यह नियमित रक्त से अलग दिख सकता हैए क्योंकि इसमें यूट्रस की लाइनिंग के टिश्यू मिक्स हो जाते हैं, जो पीरियड्स प्रक्रिया का सामान्य भाग है।
तथ्यः पीरियड्स के दौरान न तो लड़कियां अशुद्ध होती हैं और न ही वे आस-पास के वातावरण को अशुद्ध करती हैं। ऐसे में इस दौरान उन्हें आइसोलेट करनाध् अलग रखना गलत है। यह उनके शरीर की प्राकृतिक प्रक्रिया है।
तथ्यः पीरियड्स महिला के प्रजनन तंत्र से जुड़ी सामान्य प्रक्रिया है। इसके पीछे कोई वैज्ञानिक या धार्मिक आधार नहीं हैए जिसके आधार पर महिलाओं को पीरियड्स के दौरान मंदिर जाने से रोका जाए।
तथ्यः पीरियड्स के दौरान साफ-सफाई रखनाऔर नियमित रूप से नहाना बहुत ज़रूरी हैए इससे आपका शरीर साफ और फ्रैश महसूस होता है। किसी भी तरह के संभावी इन्फेक्शन से बचने के लिए साफ और हाइजीनिक सैनिटरी नैपकिन या मैन्स्ट्रुअल प्रोडक्ट इस्तेमाल करें।
तथ्यः महिलाओं को पीरियड्स के दौरान अपनी रोज़मर्रा की गतिविधियों को नियमित रूप से करना चाहिए। पीरियड्स की वजह से उनकी गतिविधियों में कोई रूकावट नहीं आनी चाहिए।
तथ्यः पीरियड्स एक प्राकृतिक और स्वस्थ प्रक्रिया है जो सामान्य प्रजनन स्वास्थ्य को दर्शाती है। दिमागए अण्डाश्यों और गर्भाश्य के आपसी तालमेल केे कारण शरीर की यह प्रक्रिया नियमित रूप से होती है। इसका बीमारी या अस्वच्छता से कोई संबंध नहीं है।
तथ्यः पीरियड्स का अचार खराब होने से कोई संबंध नहीं है। इस दौरान महिलाएं रोज़मर्रा की गतिविधियां नियमित रूप से कर सकती हैंए खाद्य पदार्थों को हैण्डल कर सकती हैं।
तथ्यः मसालेदार खाने का पीरियड्स के स्वास्थ्य से कोई संबंध नहीं है। कुछ महिलाओं को पीरियड्स के दौरान दर्द होता हैए इसका मसालेदार खाने या असहजता से कोई संबंध नहीं है। महिलाओं को ऐसे खाने से बचना चाहिए जो उन्हें गैस या एसिडिटी जैसी समस्या पैदा करता हो।