
... Read More
Written By: Atul Modi | Published : March 2, 2023 5:57 PM IST
PCOS एक ऐसी समस्या है जो महिलाओं को धीमी मॉड पर भी प्रभावित करती है। अंग्रेजी में Polycystic Ovary Syndrome के नाम से जानी जाने वाली इस समस्या के कारण महिलाओं के शरीर में हार्मोनल असंतुलन होता है। इससे अधिक मात्रा में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन बनता है जो कई समस्याओं को पैदा करता है। इस रोग की समस्या से दुनियाभर की लगभग 10% महिलाएं पीड़ित होती हैं। आमतौर पर PCOS महिलाओं के अंडाशय (Ovaries) में अनियमितता पैदा करता है जिससे वे अनियमित मासिक धर्म, गर्भाशय में अंडों के गठन की समस्या और अतिरिक्त अंड्रोजन और इंसुलिन के स्तरों में वृद्धि की समस्या से पीड़ित होती हैं। यह स्थिति अधिक वजन, अधिक शराब पीना, अनियमित खान-पान आदि तत्वों के कारण बढ़ती है।
PCOS एक वैश्विक समस्या है। इससे हर उम्र की महिलाओं पर प्रभाव पड़ता है। इस बीमारी की सबसे बड़ी समस्या यह है कि अधिकतर महिलाएं इसे नहीं समझतीं और इसे समझने के बाद भी इससे जुड़ी समस्याओं का उपचार करने के लिए उचित सलाह नहीं लेती हैं।
1. वजन बढ़ने की समस्या
2. शरीर के कुछ हिस्सों पर अत्यधिक बाल उगना
3. अनियमित मासिक धर्म
4. त्वचा की समस्याएं जैसे एक्ने
5. उच्च रक्तचाप
6. डायबिटीज
7. लिवर की समस्याएं
8. हाई ब्लड शुगर लेवल
इस समस्या के उपचार के लिए कुछ लाइफस्टाइल बदलाव करने चाहिए। यहां 10 टिप्स दिए गए हैं जो PCOS रोगियों को उनके रोग का इलाज करने और उनके जीवनशैली में बदलाव लाने में मदद कर सकते हैं:
1. वजन कम करें: अधिक वजन लेने से PCOS रोगी को ज्यादा पीड़ा होती है। इसलिए वजन कम करने में मदद करने वाले ब्यूटी एक्सपर्ट से सलाह लें।
2. आहार: स्वस्थ आहार खाएं, अन्य तत्वों के साथ शुगर खाने से बचें, शराब और सिगरेट छोड़ें।
3. नियमित रूप से व्यायाम करें: नियमित व्यायाम से PCOS रोगी को फायदा मिलता है।
4. दिनचर्या: समय पर सोएं और समय पर उठें।
5. तनाव मुक्त जीवन जिएं: ध्यान योग और प्राणायाम करें।
6. अनियमित मासिक धर्म: डॉक्टर से सलाह लें।
7. प्रोबायोटिक्स खाएं: दही, केफीर या प्रोबायोटिक टैबलेट खाने से सहायता मिल सकती है।
8. सिगरेट या तंबाकू से दूर रहें।
9. विटामिन सप्लीमेंट लें: विटामिन डी और कैल्शियम का सेवन करना फायदेमंद हो सकता है।
10. डॉक्टर की सलाह पर दवाओं का सेवन करें।
(इनपुट्स: डॉ अर्चना मेहता, हेड एंड सीनियर कंसलटेंट, स्त्री रोग एवं प्रसूति विज्ञान विभाग, शारदा अस्पताल।)