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बढ़ती उम्र के साथ हृदय स्वास्थ्य कमजोर होना और इससे जुड़ी समस्याएं होना एक आम बात है। लेकिन आजकल हम देखते हैं कि लोग कम उम्र में ही हृदय संबंधी समस्याओं का सामना करने लगे हैं। इनमें हार्ट अटैक, हार्ट फेलियर और स्ट्रोक आदि जैसी समस्याएं शामिल हैं। इसके अलावा, हाई बीपी और कोरोनरी धमनी रोग जैसी समस्याओं सा का भी सामना करते हैं, जो हृदय रोगों के लिए जिम्मेदार प्रमुख जोखिम कारकों में शामिल हैं। मोटापा, डायबिटीज और नींद से जुड़ी स्थितियों को भी हृदय रोगों के साथ जोड़ा गया है। हार्ट फेलियर एक गंभीर स्थिति है, जिसमें हमारा हृदय अचानक काम करना बंद कर देता है। ऐसा तब होता है, जब हृदय शरीर में पर्याप्त रक्त और ऑक्सीजन पंप नहीं कर पाता है। समय के साथ हृदय की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं, जिसकी वजह से हृदय अपना कार्य कुशलतापूर्वक नहीं कर पाता है।
हालांकि, ऐसा आमतौर पर उम्र बढ़ने पर होता है। लेकिन खराब खानपान और जीवनशैली की खराब आदतों के चलते इन दिनों लोगों को कम उम्र में ही हार्ट फेलियर जैसी स्थितियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसके कारण लोगों की मृत्यु के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। अच्छी बात यह है कि अगर समय रहते हृदय रोगों का पता चल जाए, तो हार्ट फेलियर के खतरे को कम किया जा सकता है।
दिल जोरों से धड़कना हृदय रोगों एक चेतावनी संकेत है। इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें।
सांस से जुड़ी समस्याओं को हार्ट फेलियर का एक बड़ा लक्षण माना जाता है। अगर आप शारीरिक रूप से एक्टिव होने के बाद भी सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या का सामना करते हैं, तो इसे आपको गंभीरता से लेने की जरूरत है।
अगर आप खांसी और गले में खराश से परेशान हैं, साथ ही कभी-कभी खांसी के साथ सफेद या हल्के लाल बलगम की समस्या का सामना करते हैं, तो ऐसे में आपको अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
अगर आपकी भूख अचानक से कम होने लगती है और दिन भर उल्टी जैसी मन रहता है, तो अपने डॉक्टर को इसके बारे में जरूर बताएं।
अगर आप नोटिस करते हैं कि आपका वजन बढ़ रहा है या शरीर के कुछ अंग जैसे पैर, टखनों, टांगों या पेट में सूजन की समस्या हो रही है, तो आपको बता दें कि यह हार्ट फेलियर से पहले का संकेत हो सकता है।
जब हृदय ठीक से रक्त पंप नहीं करता है और मस्तिष्क तक रक्त का संचार ठीक से नहीं होता है, तो इससे कई आपको चीजें भूलने और भ्रमित होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
ऐसा तब होता है जब आपका हृदय ठीक से पंप नहीं करता है। ऐसा होने पर आपके मस्तिष्क तक रक्त का संचार ठीक से नहीं हो पाता है। इससे आपको हाथ-पैरों में कमजोरी भी महसूस हो सकती है। गंभीर स्थिति होने पर आपको सीढ़ियां-चढ़ने उतरने या दिनभर के सामान्य काम करने में बहुत थकान महसूस हो सकती है।
अगर आप इन लक्षणों को अक्सर नोटिस करते हैं, तो डॉक्टर के पास जाने में बिल्कुल भी देरी न करें। इससे आप किसी गंभीर स्थिति से बच सकते हैं।