
आशु कुमार दास
आशु कुमार दास एक अनुभवी हेल्थ कंटेंट स्पेशलिस्ट हैं। इन्हें हेल्थ कंटेंट राइटर के तौर पर काम करते हुए 6 ... Read More
Written By: Ashu Kumar Das | Published : April 28, 2026 11:36 AM IST
Medically Verified By: Dr. Naveen Sanchety
Image credits by: लाल मणि सिंह भोजन की नली के कैंसर से जूझ रहे थे।
डॉक्टर साहब, मुझे कुछ दिनों से खाना निगलने में बहुत दिक्कत हो रही है और सांस लेने में भी परेशानी हो रही है- 74 साल के लाल मणि सिंह कुछ समय पहले अपने डॉक्टर के पास कुछ इस तरह की ही समस्या को लेकर पहुंचे थे। लाल मणि सिंह पिछले कुछ समय से काफी परेशान थे। पहले उन्हें लगा था कि खाना निगलने में हो रही परेशानी हार्ट की बीमारी से जुड़ी हुई है। उन्हें ऐसा इसलिए लगा क्योंकि मेडिकल हिस्ट्री में हार्ट की बीमारी रही है। लेकिन जब डॉक्टरों ने लाल मणि सिंह का चेकअप किया तो पता चला कि उन्हें हार्ट नहीं बल्कि कैंसर की बीमारी है। डॉक्टर ने लाल मणि सिंह को बताया कि उनकी फूड पाइप (खाने की नली) में एक गांठ है, जो कैंसर का रूप ले चुकी है। इसी के कारण उन्हें खाना निगलने में परेशानी हो रही है। पहले हार्ट की बीमारी फिर कैंसर डॉक्टर की बात सुनकर लाल मणि सिंह और उनके परिवार वाले घबरा गए।
हमारे साथ खास बातचीत के दौरान लाल मणि सिंह ने कहा- मुझे 74 साल की उम्र में भोजन की नली के कैंसर का पता चला तो मैं मानसिक रूप से काफी घबरा गया था। मैं समझ नहीं पा रहा था कि आगे जीवन रहेगा या नहीं, क्योंकि मुझको पहले से डायबिटीज, हार्ट और ब्लड प्रेशर की बीमारी है। ऐसे में भोजन की नली का कैंसर का इलाज हो पाएगा या नहीं, मेरा शरीर कैंसर के इलाज को सपोर्ट करेगा? इस तरह के कई सवाल मेरे दिमाग में थे। भोजन नली के कैंसर का पता चलने के बाद यह सारे सवाल मैंने अपने डॉक्टर से पूछे। तब डॉक्टर ने मुझको आश्वासन दिया कि सब जल्द ही ठीक हो जाएगा।
भोजन की नली का कैंसर एक गंभीर बीमारी है।
लाल मणि सिंह के हालात को देखते हुए अस्पताल की अलग-अलग विशेषज्ञों की टीम के सामने रखा गया। सर्जन, हार्ट स्पेशलिस्ट, डायबिटीज डॉक्टर सबने मिलकर मरीज की हालत को अच्छे से समझा। हर रिपोर्ट को ध्यान से देखा गया, ताकि इलाज में किसी प्रकार का कोई रिस्क न रह जाए। कुछ समय बाद डॉक्टर ने लाल मणि सिंह और उनके परिवार को बुलाया और बताया कि उनके लिए खास ऑपरेशन की तैयार की गई है। इसमें बड़े चीरे की जरूरत नहीं पड़ती। छोटे-छोटे छेद करके सर्जरी की जाती है। लाल मणि सिंह ने थोड़ी हिम्मत जुटाई और कहा- अगर इससे मैं ठीक हो जाऊंगा और फिर से सामान्य जिंदगी जी पाऊंगा, तो मैं तैयार हूं।
लाल मणि सिंह के इलाज की पूरी जानकारी देते हुए फरीदाबाद के सेक्टर 8 स्थित सर्वोदय अस्पताल के सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. नवीन संचेती ने बताया- यह सर्जरी आसान नहीं थी, क्योंकि मरीज की उम्र ज्यादा थी और उन्हें पहले से कई बीमारियां थीं। लेकिन सावधानी के साथ ऑपरेशन किया गया। छोटे-छोटे चीरे लगाकर शरीर के अंदर कैमरा और मेडिकल डिवाइस डाले गए।
इस सर्जरी में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया, जिसे मिनिमली इनवेसिव सर्जरी कहा जाता है। इसमें छोटे चीरे लगाए जाते हैं, जिससे शरीर पर कम असर पड़ता है और मरीज जल्दी ठीक हो जाता है। इस तरह की सर्जरी बुजुर्ग और कमजोर मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद होती है, क्योंकि इसमें खून कम बहता है, दर्द कम होता है और रिकवरी जल्दी होती है। डॉक्टर ने बताया कि इस केस में हमने बहुत ध्यान से उस हिस्से को हटाया जहां कैंसर था। इसके बाद पेट (स्टमक) को ऊपर की ओर लाकर नया रास्ता बनाया गया, ताकि खाना फिर से आसानी से नीचे जा सके। ऑपरेशन के कुछ समय बाद ही लाल मणि सिंह की हालात में सुधार होने लगा।
भोजन नली कैंसर का पता अक्सर देर से चलता है।
लाल मणि सिंह कहते हैं कि भोजन नली के कैंसर की सर्जरी के कुछ समय बाद ही उन्हें पहले से बेहतर महसूस होने लगा था। डॉक्टर की सलाह पर उन्होंने कैंसर के ऑपरेशन के बाद धीरे- धीरे तरह पदार्थ खाए। इसके बाद नरम खाना शुरू किया। ऑपरेशन के लगभग 1 महीने के बाद वो अब सामान्य जिंदगी जी रही हैं। अब उन्हें खाना और पानी निगलने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो रही है।
लाल मणि सिंह बताते हैं कि भोजन नली के कैंसर के इलाज में उनकी सबसे बड़ी ताकत उनका परिवार बना। उनकी पत्नी और बच्चे दोनों ही पूरे इलाज के दौरान उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चलते रहे। कैंसर के इलाज में जो भी लागत आई वो उन्होंने अपनी पर्सनल सेविंग और कुछ परिवार की मदद से मैनेज की। वो कहते हैं- पैसों की बात अलग है, कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की जंग में जब परिवार साथ हो और जब आप अंदर से टूट रहे हों, तो कोई कहे कि आप चिंता मत करिए मैं हूं। यह सबसे बड़ी ताकत बनता है। लाल मणि अपने आसपास के लोगों को सलाह देते हैं कि अगर किसी व्यक्ति को खाना निगलने या सांस लेने में परेशानी की समस्या 2 सप्ताह से ज्यादा समय तक बनी रहती है, तो उसे इग्नोर नहीं करना चाहिए। उन्होंने यह गलती कि, जिसके कारण उन्हें कैंसर का सामना करना पड़ा। इस स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
यह कहानी हमें एक बहुत जरूरी बात सिखाती है अगर किसी भी तरह की समस्या लंबे समय तक बनी रहे, जैसे खाना निगलने में दिक्कत या सांस लेने में परेशानी, तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच और सही इलाज से बड़ी से बड़ी बीमारी का इलाज संभव है।
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