
प्रिया मिश्रा
प्रिया को पिछले 4 सालों से हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर लिखने का अनुभव है। इन्हें हेल्थ और ... Read More
Written By: priya mishra | Updated : May 10, 2024 6:05 PM IST
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Symptoms of cardiac arrest a week before: आधुनिक समय में खराब जीवनशैली और गलत खानपान के कारण कार्डियक अरेस्ट के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इन दिनों केवल बुजुर्ग ही नहीं, बल्कि कम उम्र के लोग भी तेजी से इसका शिकार हो रहे हैं। कार्डियक अरेस्ट को सडन कार्डियक अरेस्ट (Sudden Cardiac Arrest) भी कहा जाता है। कार्डियक अरेस्ट होने पर दिल अचानक से धड़कना बंद कर देता है। इस स्थिति में व्यक्ति को तुरंत इलाज करवाने की जरूरत होती है, अन्यथा उसकी मौत भी हो सकती है। कार्डियक अरेस्ट से बचने के लिए आपको अपने खानपान और लाइफस्टाइल में सुधार करने की जरूरत है। कार्डियक अरेस्ट से पहले हमारे शरीर में कुछ संकेत दिखाई देते हैं (Warning Signs Of Cardiac Arrest)। ऐसे में, इन संकेतों पर ध्यान देकर आप कार्डियक अरेस्ट का शिकार होने से बच सकते हैं। आमतौर पर, कार्डियक अरेस्ट के लक्षण कुछ हफ्तों पहले दिखने लगते हैं। इस बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए हमनें नई दिल्ली के वसंत कुंज स्थित फोर्टिस अस्पताल के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. पूर्णेश्वर पांडे से बात की। आज इस लेख में हम आपको कार्डियक अरेस्ट से 1 हफ्ते पहले शरीर में दिखने वाले लक्षणों के बारे में बताने जा रहे हैं। आइए, जानते हैं इस बारे में विस्तार से -
कार्डियक अरेस्ट तब होता है, जब हमारे हार्ट के अंदर विभिन्न हिस्सों के बीच सूचना का आदान-प्रदान ठीक तरह से नहीं हो पाता है। इस स्थिति में हार्ट शरीर में खून पंप करना बंद कर देता है, जिसकी वजह से मरीज को सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। अधिकतर मामलों में मरीज बेहोश हो जाता है। कार्डियक अरेस्ट में मस्तिष्क और शरीर के बाकी हिस्सों तक खून और ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाता है, जिससे वो अंग काम करना बंद कर देते हैं। कार्डियक अरेस्ट से पहले हमारा शरीर कई तरह के संकेत देने लगता है। इन संकेतों पर ध्यान देकर आप कार्डियक अरेस्ट से बच सकते हैं। आइए, जानते हैं कार्डियक अरेस्ट से एक हफ्ते पहले किस तरह के लक्षण दिखते हैं?
Disclaimer: हमारे लेखों में साझा की गई जानकारी केवल इंफॉर्मेशनल उद्देश्यों से शेयर की जा रही है इन्हें डॉक्टर की सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी बीमारी या विशिष्ट हेल्थ कंडीशन के लिए स्पेशलिस्ट से परामर्श लेना अनिवार्य होना चाहिए। डॉक्टर/एक्सपर्ट की सलाह के आधार पर ही इलाज की प्रक्रिया शुरु की जानी चाहिए।