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Written By: Atul Modi | Published : July 26, 2021 1:02 PM IST
हमारा मुंह बैक्टीरिया के समूहों का एक घर है, जोकि कुछ भी खाने और पीने के बाद रीसाइकिल हो जाता है। इस प्रक्रिया के दौरान बैक्टीरिया हमारे मुंह में दांत को नुकसान पहुंचा सकते हैं। हम जो खाते और पीते हैं उनमें मौजूद शक्कर से हम उनका पोषण करते हैं, इसकी वजह से पीछे बायोफिल्म के रूप में अपशिष्ट रह जाते हैं जिन्हें हम डेंटल प्लाक (Dental Plaque) कहते हैं। इस प्लाक की वजह से ये छोटे-छोटे रीसाइक्लर्स तब तक हमारे दांतों से चिपके रह जाते हैं जब तक कि वे एसिड नहीं बना लेते। ऐसे में दांतों का इनामेल कमजोर पड़ जाता है और उसकी वजह से होती है कैविटी। मसूड़ों के आस-पास बनने वाले प्लाक में मौजूद बैक्टीरिया टॉक्सिक चीजें बनाते हैं, जोकि मसूड़ों के टिशूज में प्रवेश कर जाते हैं और मसूड़ों में सूजन (Gingivitis) का कारण बनते हैं। यदि इसका इलाज ना किया जाये तो वह पेरियोडोंटाइटिस (Periodontitis) में तब्दील हो जाता है और दांतों के आस-पास की हड्डी तथा टिशू को कमजोर कर देता है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, लगभग 60 प्रतिशत भारतीय आबादी दांतों के क्षय और लगभग 85 प्रतिशत आबादी पेरियोडोंटाइटिस डिजीज (मसूढ़ों की बीमारी) से प्रभावित होते हैं। सरकार का अनुमान है कि 90 प्रतिशत से भी अधिक वयस्क आबादी पीरियोडोंटल डिजीज से पीड़ित है।
अपने दांतों को क्षति से बचाने और प्लाक को हटाने का सबसे अच्छा तरीका है कि हर दिन अपने दांतों को ब्रश करें और फ्लॉस करें। दिन में दो बार ब्रश करने से दांतों के ऊपर जमे प्लाक हट जाते हैं। फ्लोराइड युक्त एक एंटीमाइक्रोबियल टूथपेस्ट का इस्तेमाल करें, जोकि आपके दांतों की क्षति रोकने में मदद करता है। दांतों के बीच से प्लाक निकालने के लिये उनके बीच में फ्लॉस या इंटरडेंटल क्लीनर्स की मदद से एक बार सफाई जरूर करें, जहां कि ब्रश पहुंच नहीं पाते।
साथ ही हम लोगों को हर छह महीने पर डेंटिस्ट के पास चेक-अप कराने की सलाह देते हैं। दांतों की रूटीन जांच के दौरान एक हाइजिनिस्ट दांतों को साफ करेगा और प्लाक तथा सख्त टार्टर को निकालेगा। वह कैविटी के किसी प्रकार के लक्षणों, मसूड़ों की बीमारी, मुंह के कैंसर और मुंह से जुड़ी अन्य समस्याओं की जांच करेगा। लोग अपने डेंटिस्ट से भी इस बारे में पूछ सकते हैं कि उन्हें कितने अंतराल पर चेक-अप कराना चाहिये। इसका जवाब लोगों की हेल्थ हिस्ट्री, उम्र और मुंह की समग्र सेहत के आधार पर अलग-अलग हो सकता है। हालांकि, किसी को भी अपने मुंह में कोई बदलाव नजर आने पर डेंटिस्ट के पास जरूर जाना चाहिये।
कुछ खास प्रकार की दवाओं की वजह से प्रौढ़ावस्था में ड्राय माउथ की समस्या होना असामान्य बात नहीं है। मुंह में बनने वाली लार बैक्टीरिया और खाने के कणों को हटा देती है। कम लार बनने की वजह से आपको मुंह से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याएं होने का खतरा ज्यादा हो सकता है। इसलिये, यह सबसे जरूरी है कि आप पर्याप्त मात्रा में पानी पियें। यदि आपको ड्राय माउथ की शिकायत हो रही है तो अपने अगले अपॉइंटमेंट में अपने डेंटिस्ट को इस बारे में बतायें। वे ड्राय माउथ से बचाव में आपकी मदद के लिये कुछ प्रोडक्ट्स के बारे में बता सकते हैं।
एक सेहतमंद जीवनशैली के लिये खेल तथा मनोरंजन से जुड़ी गतिविधियां आवश्यक हैं। वैसे इनकी वजह से दांतों में चोट लगने की आशंका भी बढ़ जाती है। ऐसे प्रौढ़ जोकि कॉन्टैक्ट स्पोर्ट्स खेलते हैं या कोई मेहनत वाली एक्टिविटी करते हैं तो उनके लिये माउथ गार्ड पहनना जरूरी है। आपके डेंटिस्ट आपकी फिटिंग के हिसाब से माउथगार्ड बना सकते हैं। इसके अलावा एक और विकल्प है कि आप खेल संबंधी स्टोर से माउथ गार्ड खरीद सकते हैं, जिसे आपके मुंह में फिट करने के लिये गर्म पानी का इस्तेमाल किया जा सकता है।
इस महामारी की वजह से घर पर रहने का चलन बढ़ गया है, रेडी-टू-ईट फूड्स पहले से ज्यादा सुविधाजनक हो गये हैं। लेकिन खाने की सारी चीजें सेहतमंद नहीं होती हैं, ऐसे में आपके दांतों के लिये सेहतमंद फाइबर युक्त ताजे और क्रंची फूड्स ज्यादा बेहतर विकल्प हैं। शक्कर युक्त चीजें आपके दांतों को लाभ पहुंचाने की बजाय नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिये, सेब के टुकड़े या गाजर जैसे साबुत फल खायें और अपने जबड़ों का थोड़ा वर्कआउट करें।
एक स्वस्थ मुंह एक सेहतमंद जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। यह शरीर के बाकी हिस्सों में कीटाणु और संक्रमण को फैलने से रोकता है और हम खाने का भरपूर आनंद ले पाते हैं। हर दिन दो बार अपने मुंह और दांतों को ब्रश, फ्लॉस करके और माउथ रिन्स का इस्तेमाल करके दांत और मुंह की सेहत की नियमित दिनचर्या बनाये रखें। अपने दांतों के लिये शक्कर युक्त फ्रूट जूस से बचें और धूम्रपान ना करें। अच्छी साफ-सफाई तथा मजबूत व सेहतमंद दांतों के लिये साल में कम से कम दो बार अपने डेंटिस्ट के पास जायें, भले ही आपकी उम्र बढ़ रही हो.
इनपुट्स: डॉ. नम्रता रूपानी, फाउंडर एवं सीईओ, कैप्चर लाइफ डेंटल केयर