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Written By: Atul Modi | Published : September 26, 2021 7:00 PM IST
वर्तमान समय में अधिकांश महिलाएं हार्मोन असंतुलन (Hormonal Imbalance In Women) की समस्या का सामना कर रही हैं। जिसके चलते उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। हमारी व्यस्त और बदलती जीवनशैली, खराब खानपान और नींद में कमी जैसे कई कारण हैं जिनके कारण शरीर में हार्मोन्स संतुलन बिगड़ता है। नतीजतन महिलाओं को अनियमित पीरियड्स जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जो कि इन दिनों में महिलाओं में बेहद आम समस्या है। जब हॉर्मोन्स में उतार-चढ़ाव लगातार बना रहता है तो महिलाओं को पॉली सिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) जैसी गंभीर समस्या का सामना करना पड़ता है।
आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. दीक्षा भावसार (Dr. Dixa Bhavsar) बताती हैं कि अनियमित पीरिड्स की समस्याओं के साथ जिन महिलाओं के साथ परामर्श किया उनमें से 90% महिलाएं PCOS से पीड़ित हैं। मगर, नैचुरल तरीकों से पीसीओएस से छुटकारा पाया जा सकता है।
उपचार की दिशा में पहला कदम आयुर्वेद में कारणों की रोकथाम यानी 'निदान परिवार्जन' है। आपको अस्वास्थ्यकर आदतों जैसे आलस्य, फास्ट फूड खाना, लोट्टो स्ट्रेस, अनिद्रा, कम पानी का सेवन और अनुचित नींद के साथ सभी संबंधों को तोड़ना होगा जो अंततः मोटापा, इंसुलिन रेजिस्टेंस और हार्मोनल असंतुलन की ओर जाता है जो पीसीओएस के प्रमुख कारण हैं।
जी हां, आपने बिल्कुल सही सुना है। यह आपके शरीर के लिए स्थायी रूप से अच्छा नहीं है। हार्मोनल गोलियां सिर्फ रोगसूचक राहत प्रदान करती हैं। लेकिन इनके गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं। तो बेहतर है, इनसे बचें।
फिट रहने के लिए आपको अस्वास्थ्यकर वजन कम करना होगा। योग, सूर्यनमस्कार, कपालभाति और अनुलोम प्राणायाम, स्किप्पिंग को अगर मन लगाकर किया जाए तो यह बेहद मददगार साबित हो सकते हैं। आप पावर योगा, जुंबा, डांस, जिम भी जा सकते हैं- आपको जो कुछ भी बेहतर महसूस कराए आप उसके लिए जा सकते हैं। यह आप पर निर्भर है। लेकिन आपको कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज जरूर करनी चाहिए।
कोई अन्य वैकल्पिक नहीं है। आपको सभी प्रोसेस्ड फूड्स के सेवन को बंद करने की जरूरत है। जंक फूड से परहेज करें, सिर्फ घर का बना ताजा, स्वादिष्ट खाना खाना शुरू करें। यदि आपको पाचन संबंधी समस्याएं हैं (हालांकि अनिवार्य नहीं है) तो आप ग्लूटेन-फ्री के लिए भी जा सकते हैं। फल और सब्जियां एक बढ़िया विकल्प हैं। संक्षेप में, स्वच्छ खाएं। नॉनवेज, तला हुआ, बासी और जंक फूड नहीं।
प्लास्टिक के टिफिन, बोतल और कंटेनर न करें। एल्युमिनियम और नॉन-स्टिक पैन में खाना बनाना बंद कर दें। तांबे, पीतल, स्टेनलेस स्टील और मिट्टी के बर्तनों पर स्विच करें।
यही आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए। तनाव का प्रबंधन करने में निम्नलिखित गतिविधियां आपकी मदद कर सकती हैं:
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