कम से कम 10 साल नहीं परेशान करेगा Heart अगर अभी से शुरू कर देंगे ये 6 काम, जानें किस काम से दिल रहेगा दुरुस्त
अनहेल्दी फूड, स्मोकिंग, एक्सरसाइज ना करना और पॉल्यूशन इस बिमारी की मुख्य वजह हैं हालांकि कई और वजहें भी हैं जिनसे ये समस्या होती है पर यदि कुछ बातों पर ध्यान दें तो इससे बचाव संभव है।
हृदय रोगों से संबंधित समस्या इन दिनों बढ़ती ही जा रही है, भले ही लोग अपनी सेहत को लेकर जागरूक दिख रहे हों पर थोड़ी भी लापरवाही बहुत भारी पड़ सकती है, दुनिया भर में हृदय सम्बंधी बीमारियां मृत्यु का सबसे बड़ा कारण बनती हैं और इसी कारण हार्ट प्रॉब्लम से होने वाली मौतों का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। दिल्ली स्थित धर्मशिला नारायणा सुपर स्पेशिलिटी हस्पिटल के डायरेक्टर एंड सीनियर कंसल्टेंट डॉक्टर आनंद कुमार पांडे का कहना है कि पहले ये समस्या ज्यादा उम्र के लोगों को अधिक होती थी पर अब कम उम्र के लोगों में भी ये समस्या बढ़ रही है। अनहेल्दी फूड, स्मोकिंग, एक्सरसाइज ना करना और पॉल्यूशन इस बिमारी की मुख्य वजह हैं हालांकि कई और वजहें भी हैं जिनसे ये समस्या होती है पर यदि कुछ बातों पर ध्यान दें तो इससे बचाव संभव है।
हृदय को स्वस्थ कैसे रखें
दिल से जुड़ी समस्या आम दिनचर्या में लापरवाही और अस्वस्थ आहार लेने तथा धुम्रपान के कारण होती है इसलिए अगर हम कुछ बातों पर ध्यान रख कर जीवनयापन करे तो इससे बचा जा सकता है-
1-दिल से जुड़ी बिमारियों की मुख्य वजह है धूम्रपान, इसलिए यदि धूम्रपान आपकी आदत में शामिल है तो इसे बदले।
2-नियमित व्यायाम या फिर योग करें। योग में कई आसन स्वस्थ्य हृदय के लिए बहुत आवश्यक है जैसे प्रणायाम, अनुलोम–विलोम आदि।
3-स्वस्थ आहार ग्रहण करें जिसमें तेल की मात्रा ज्यादा ना हो। अपने खाने में सलाद और फलों का इस्तेमाल जरूर करें।
6-कुछ कुछ समय पर अपना ब्लड टेस्ट कराएं, हर 6 महीने पर डॉक्टर को दिखाते रहें।
अगर फिर भी हृदय सम्बंधी समस्या होती तो निम्न बातों पर ध्यान दें-
1-छाती में दर्द है, बेचैनी है, सांस लेने में समस्या है या फिर सांसो के तेजी से चलना या फिर शरीर उलझन और पसीना आ रहा है तो ये हार्ट अटैक के मुख्य लक्षण हैं इन्हे पहचाने और तुरंत नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें या फिर नजदीकी हॉस्पिटल ले जाएँ।
2-अगर बाईपास सर्जरी हो चुकी है तो एक्सरसाइज ज्यादा ना करें, कोशिश करें योग और हल्की एक्सरसाइज के माध्यम से शरीर को स्वस्थ्य रखें।
3- सुबह उठकर नजदीकी पार्कों में जाकर सैर लगाएं, उचित व्यायाम के लिए प्रशिक्षण लें, तनाव कम करने का प्रयास करें, इसके लिए आप डॉक्टर के निर्देश में रह कर हार्ट से जुड़ी समस्या से लाभ पा सकते हैं।