इन 6 टेस्ट की मदद से चल सकता है ब्रेन ट्यूमर का पता! एक्सपर्ट से जानें ब्रेन ट्यूमर से पहले दिखने वाले लक्षण

किसी भी प्रकार की गांठ जो हमारे मस्तिष्क के अंदर बनती है या कहीं और से वहां पहुंचती है, जिसकी वजह से हमारे नॉर्मल ब्रेन सेल्स डैमेज होते हैं यही ब्रेन ट्यूमर का एक रूप है।

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Written By: Jitendra Gupta | Updated : June 9, 2023 12:01 PM IST

दिमाग में ट्यूमर यानि ब्रेन ट्यूमर के लक्षण पर ध्यान देना बहुत ही जरूरी है क्योंकि अधिकतर समस्याएं इसी लापरवाही के चलते बढ़ती हैं और देरी होने पर सफल उपचार भी नहीं मिल पाता। नारायणा सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल के कंसल्टेंट, न्यूरोलॉजी, डॉ. रजत चोपड़ा का कहना है कि ब्रेन ट्यूमर के मुख्य लक्षण सिर में दर्द बना रहना, उल्टी और मतली की समस्या होना, ढंग से नींद ना आने की समस्या, आंखों से धुंधला दिखाई देना, दूर की नजर का कमजोर होना, याददाश्त कमजोर होना, चलते-चलते अचानक लड़खड़ा जाना, मांसपेशियों में ऐंठन है, इन लक्षणों पर ध्यान देते हुए समय पर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, तभी जाकर इन लक्षणों का स्पष्ट कारण पता लग सकेगा।

ब्रेन ट्यूमर का कैसे पता लगाया जाता हैः

1. सीटी स्‍कैन- सिटी स्कैन में सिर के असामान्य क्षेत्रों की जांच की जाती है और ब्रेन ट्यूमर का पता लगाया जाता है।

2. एमआरआई- एमआरआई की प्रक्रिया में सिर के अंदर के चित्रों को देखकर ट्यूमर के आकार का पता लगाया जाता है।

3. बायोप्‍सी- बायोप्सी द्वारा कैंसर या ऊतकों के परिवर्तन को देखा जाता है जिससे यह स्पष्ट हो पाता है कि ट्यूमर कितना बड़ा है।

4. एंज‍ियोग्राफी- एंजियोग्राफी में इंजेक्शन की मदद से रक्त वाहिकाओं में डाई डालकर एक्स-रे करते हैं जिससे ब्रेन ट्यूमर की स्थितिके बारे में पता चलता है।

5. स्पाइनल टैप- स्पाइनल टैप की प्रक्रिया में रीढ़ की हड्डी के निचले हिस्से से तरल पदार्थ का नमूना लेकर जांच की जाती है।

6. न्यूरोलॉजिकल जांच- न्यूरोलॉजिकल जांच में नसों की जांच की जाती है और इसमें मांसपेशियों की ताकत कितनी है, सुनने की शक्ति व दृष्टि क्षमता का परीक्षण किया जाता है।

इन लक्षणों को नजरअंदाज ना करें-

श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, के सीनियर कंसल्टेंट, न्यूरोलॉजी, डॉ. प्रशांत कुमार चौधरी का कहना है कि किसी भी प्रकार की गांठ जो हमारे मस्तिष्क के अंदर बनती है या कहीं और से वहां पहुंचती है, जिसकी वजह से हमारे नॉर्मल ब्रेन सेल्स डैमेज होते हैं यही ब्रेन ट्यूमर का एक रूप है। यह कई प्रकार के होते हैं जिसमें कुछ ब्रेन के अंदर ही बनाते हैं और कुछ मस्तिष्क के बाहर हिस्से से आते हैं। इनमें कुछ ऐसे लक्षण हैं जिन्हें आपको कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए,

जैसे-

1-असहनीय सिर दर्द- लोगों में सिर दर्द तो होता है पर वह ठीक हो जाता है परंतु कभी-कभी सिर दर्द ठीक नहीं होता, लगातार बना रहता है, दवाइयां लेने के बाद भी तेजी से सिर दर्द होता है इसके साथ ही सिर दर्द के साथ, चक्कर आना, उल्टियां होना जैसी समस्याएं हैं तो इसे जरा भी नजरअंदाज ना करें।

2-अचानक बेहोश हो जाना- यदि आप बैठे-बैठे बेहोश हो जा रहे हैं या फिर चलते-चलते भी बेहोशी की हालत में हो रहे हैं जिसका कारण आपको पता नहीं चल रहा है। आपको इस लक्षण कभी इग्नोर नहीं करना है।

3-दौरे पड़ना- यदि आपको बार-बार मिर्गी के दौरे पड़ रहे हैं खासकर सामान्य व्यक्ति जिन्हें पहले किसी भी प्रकार की समस्या ना हो और अचानक दौरे पड़ने लगे तो तुरंत जांच करवाएं।

4-किसी भी अंग का अचानक से पैरालाइज हो जाना- किसी भी अंग का अचानक से पैरालाइज हो जाना या फिर धीरे-धीरे पैरालाइज होना ब्रेन ट्यूमर के संकेत देता है, ऐसे में ब्रेन को स्कैन करके देखने की जरूरत होती है कि आखिर क्या समस्या है। पूरे भारत में हर जिले में आजकल सीटी स्कैन की व्यवस्था है इसलिए बगैर लापरवाही किए आप सिटी स्कैन करवा लें।

5-धीमे-धीमे समय के साथ आंखों की रोशनी का जाना- कभी-कभी चोट लगने के कारण या फिर उम्र ढलने के कारण धीमे-धीमे आंखों की रोशनी जाने लगती है। ऐसे में आप यदि अपनी जांच करवाते हैं और डॉक्टर कहते हैं कि आप की पुतलियां ठीक हैं और आप चश्मा लगा रहे हो इसके बावजूद भी आपकी रोशनी धीमे-धीमे कम हो रही है ऐसे में आपको किसी न्यूरोसर्जन को दिखाने की जरूरत है।

उन्होंने बताया कि यदि इस प्रकार के लक्षणों पर ध्यान देकर जल्द इलाज कराया जाए तब ब्रेन ट्यूमर से व्यक्ति को निजात दिलाई जा सकती है। ऐसे कई सारे मरीज हमारे पास आते हैं, जिनके जल्द लक्षण पकड़ने के कारण उन्हें सफल इलाज भी मिल जाता है और वे दवाइयों व सफल इलाज के कारण आज नॉर्मल लाइफ जी रहे हैं। इसलिए इन लक्षणों को जरा भी इग्नोर ना करें और तुरंत जांच कराएं।

इसलिए आपको यह ध्यान रखना है कि यदि किसी भी प्रकार के ब्रेन ट्यूमर से संबंधित लक्षण दिखाई पड़ रहे हैं तो उन्हें जरा भी इग्नोर ना करें। इसके साथ ही आपको एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाना अत्यंत महत्वपूर्ण है। जिसमें नियमित योगाभ्यास, भरपूर नींद, स्वास्थ्य आहार के साथ धूम्रपान व शराब से दूरी बनाकर आप एक स्वस्थ जीवन शैली का आनंद ले सकते हैं।

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