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Metabolism Slow
How do you fix a slow metabolism : पिछले कुछ सालों में मोटापे की समस्या काफी बढ़ी है, जिसकी वजह से डायबिटीज, हार्ट प्रॉब्लम्स और कई अन्य समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में लोग वजन कम करने के लिए जिम जाते हैं और बॉडी बनाने व फैट बर्न करने के लिए बहुत ज्यादा एक्सरसाइज करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ज्यादा एक्सरसाइज करना भी खतरनाक हो सकता है। दरअसल, एक्सपर्ट्स की मानें तो इससे मेटाबॉलिज्म धीमा हो सकता है, जो शरीर को कई तरह से नुकसान पहुंचा सकता है।
डॉक्टर्स का कहना है कि मेटाबॉलिज्म ऐसी चीज़ नहीं है जिसे आप आसानी से शुरू या बंद कर सकते हैं। यह एक रिदम पर चलता है जो इस बात पर निर्भर करता है कि आप कैसे खाते हैं, एक्सरसाइज करते हैं और सोते हैं। जब यह रिदम बिगड़ती है, तो यह आपके एनर्जी लेवल और भूख के सिग्नल पर असर डाल सकती है।
यहां हम कुछ ऐसी आदतों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आपके मेटाबॉलिज्म पर असर डाल सकती हैं। आइए आपको बताते हैं।
कई लोग अपने दिन की शुरुआत एक हल्के ब्रेकफास्ट से करते हैं, जिसमें प्रोटीन की मात्रा या तो बेहद कम होती है या फिर होती ही नहीं है। ऐसे में सुबह प्रोटीन स्किप करने से बाद में खाने की क्रेविंग और थकान हो सकती है। दरअसल, प्रोटीन ब्लड शुगर को स्थिर रखने में मदद करता है और ज्यादा समय तक पेट को भरा हुआ रखता है। इसलिए नाश्ते में एग रैप या टोस्ट पर टोफू भुर्जी को शामिल कर सकते हैं।
समय का ध्यान न रखना और खाते ही सो जाना ये ऐसी आदतें हैं जो आपके मेटाबॉलिज्म को सीधे प्रभावित करती है। दरअसल, खाना खाते ही सो जाने से शरीर को खाना पचाने में काफी मेहनत करनी पड़ती है। ऐसे में वजन तेजी के साथ बढ़ सकता है। इसलिए सोने से करीब दो घंटे पहले खाना चाहिए, साथ ही ध्यान रखें कि डिनर हल्का होना चाहिए।
स्नैकिंग हमारे दिन का एक रेगुलर हिस्सा हो सकता है, लेकिन हर समय कुछ न कुछ खाते रहने से इंसुलिन बढ़ सकता है, भले ही वे स्नैक्स हेल्दी हों। इसके अलावा, हर समय खाते रहने से फैट बर्न करना भी मुश्किल हो सकता है। इसलिए कोशिश करें कि हर समय न खाएं और जब भी खाएं, तो आपके स्नैक्स प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट से भरपूर हो।
बाजार में ऐसे कई फूड्स हैं, जो हेल्दी होने का दावा करते हैं। हालांकि, उनमें छिपी हुई शुगर और कई प्रिजर्वेटिव होते हैं जो आपके मेटाबॉलिज्म को नुकसान पहुंचा सकते हैं। प्रोटीन बार या फ्लेवर्ड योगर्ट खाने के बजाय दाल और चावल या ताज़ी सब्ज़ियों की स्टिर-फ्राई जैसे फूड्स ट्राई करें।
हालांकि वर्कआउट रूटीन को बनाए रखना अच्छा है, लेकिन खुद पर बहुत ज़्यादा ज़ोर डालना या छुट्टी के दिन भी वर्कआउट करना नुकसानदायक हो सकता है। दरअसल, ज़्यादा ट्रेनिंग से स्ट्रेस हार्मोन का लेवल बढ़ सकता है, जिससे थकान, सूजन और भूख बढ़ सकती है।
आजकल लंबे समय की सिटिंग जॉब यानी डेस्क जॉब भी आपकी सेहत पर बुरा असर डाल सकती है। दरअसल, ज़्यादा देर बैठने से ब्लड शुगर की समस्याहो सकती है और हमारा मेटाबॉलिज्म धीमा हो सकता है। इसलिए हेल्दी रहने के लिए हर घंटे स्ट्रेच करने, खड़े होने या थोड़ी देर टहलने के लिए छोटा ब्रेक लें।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।