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मानसून में टाइफॉइड-इन्फ्लूएंजा के 50% कम मामले आए सामने, जानें टाइफॉइड और फ्लू के लक्षणों में अंतर

मानसून 2020 में टायफायड और इन्फ्लूएंजा के 50 फीसदी कम मामले आए।© Shutterstock.

कोविड-19 महामारी (Covid-19 pandemic) ने जहां इस वर्ष भारत में इतनी तबाही मचाई है, वहीं एक अच्छी खबर ये है कि इस वर्ष मानसून सीजन में दिल्ली में टाइफॉइड (Typhoid) और इन्फ्लूएंजा या फ्लू (Influenza) के मामलों में भारी कमी देखी गई है। इस वर्ष दिल्ली के हॉस्पिटल में इन दोनों मौसमी बीमारियों (Seasonal Diseases) के कम से कम 50 प्रतिशत कम मामले आए हैं।

Written by Anshumala |Updated : October 5, 2020 5:22 PM IST

Typhoid Symptoms in Hindi: कोविड-19 महामारी (Covid-19 pandemic) ने जहां इस वर्ष भारत में इतनी तबाही मचाई है, वहीं एक अच्छी खबर ये है कि इस वर्ष मानसून सीजन में दिल्ली में टाइफॉइड (Typhoid) और इन्फ्लूएंजा या फ्लू (Influenza) के मामलों में भारी कमी देखी गई है। इस वर्ष दिल्ली के हॉस्पिटल में इन दोनों मौसमी बीमारियों (Seasonal Diseases) के कम से कम 50 प्रतिशत कम मामले आए हैं।

द्वारका में भी देखे गए टाइफॉइड और फ्लू के कम मरीज

द्वारका के आकाश हेल्थकेयर सुपर-स्पेशलिटी हॉस्पिटल में इंटरनल मेडिसिन के सीनियर कंसल्टेंट विक्रमजीत सिंह ने बताया कि पिछले दो महीनों में उनके यहां टाइफॉइड और इन्फ्लूएंजा के केवल 50 मरीज ही आए हैं। आमतौर पर मानसून में यह गिनती 100 से 150 तक हो जाती है। वहीं, शालीमार बाग के मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल की इंटरनल मेडिसिन की कंसल्टेंट पारुल कक्कड़ ने कहा, "टाइफॉइड से संबंधित मामलों में लगभग 50 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। फ्लू (इन्फ्लूएंजा) के मामले बढ़े हैं, ऐसा इस मौसम में होता है, इसलिए इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ।"

मानसून में बढ़ जाते हैं टाइफॉइड के मामले, लेकिन इस वर्ष नहीं हुआ ऐसा

राजेंद्र प्लेस के बीएलके हॉस्पिटल में भी टाइफॉइड (Typhoid Symptoms in Hindi) और इन्फ्लूएंजा के मामलों में खासी कमी देखी गई है। हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन डिपार्टमेंट के प्रमुख और सीनियर डायरेक्टर राजिन्दर कुमार सिंघल ने कहा, "मानसून के मौसम के दौरान आमतौर पर हर साल टाइफॉइड के मामलों में वृद्धि हो जाती है और फिर मानसून के अंत तक कम हो जाती है, जो इस वर्ष नहीं हुआ।"

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टाइफॉइड और इन्फ्लूएंजा के मामलों में गिरावट के कारण

डॉक्टर्स ने टाइफॉइड और इन्फ्लूएंजा के मामलों में गिरावट के पीछे दो चीजों को जिम्मेदार बताया है। पहला, कोविड-19 महामारी के कारण स्वच्छता बढ़ी है और लोग घर का बना खाना खा रहे हैं। इससे इस साल टाइफॉइड और हेपेटाइटिस के मामलों की संख्या में कमी आई है।दूसरा कारण यह है कि कोविड-19 (Covid-19) के डर कारण लोग हॉस्पिटल कम जा रहे हैं। साथ ही इन दोनों बीमारियों के लक्षण (Typhoid & Influenza Symptoms in Hindi) कोविड-19 के लक्षणों (Symptoms of coronavirus in hindi) में शामिल हैं।

क्या हैं कोरोनावायरस के लक्षण  (Symptoms of coronavirus in hindi) 

कोविड-19 के लक्षण विशेष रूप से टाइफॉइड और इन्फ्लूएंजा के समान हैं। टाइफॉइड में लोगों को आमतौर 103-104 डिग्री बुखार बना रहता है (बुखार आता-जाता नहीं है)। साथ ही कुछ लोगों को दाने या गुलाबी रंग के धब्बे हो जाते हैं। खांसी और गले में खराश भी इसके लक्षण हैं (Typhoid Symptoms in Hindi)। सार्स-सीओवी-2 (SARS-coV-2) की तरह इन्फ्लूएंजा (Influenza Symptoms in Hindi) नाक, गले और फेफड़ों पर असर डालता है। इसमें रोगी को बुखार, सर्दी, कफ, गले में खराश, मांसपेशियों में दर्द और सांस की तकलीफ (Breathing problem) हेाती है।

Symptoms of Corona and Flu: कोरोनावायरस के लक्षण और फ्लू के लक्षणों में यूं करें फर्क

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