Joint Pain In Winter: जोड़ों के दर्द से चाहिए छुटकारा तो सर्दियों में जरूर करें ये 5 काम, मिलेगा पूरा आराम
हड्डियों की तकलीफ झेल रहे बहुत से लोग, और खासतौर से जोड़ों के दर्द से परेशान रहने वाले मरीज़ों को सर्दियों की आमद डराती है। कभी सोचा है कि ऐसा क्यों होता है? बहुत से लोग, खासतौर से ऐसे बुजुर्ग जो गठिया से ग्रस्त होते हैं, जोड़ों में दर्द और तकलीफ बढ़ने, मोबिलिटी घटने और मांसपेशियों के लचीलेपन में कमी आने की शिकायत करते हैं, जिसकी वजह से मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द होता है।
सर्दियों में जोड़ों का दर्द (Joint Pain In Winter) बढ़ने के कई कारण हैं। ठंड की वजह से दर्द के अहसास पर असर पड़ता है और स्नायु रिसैप्टर्स की दर्द सहन करने की क्षमता घट जाती है। यही वजह है कि सर्दियों में त्वचा पर मामूली खरोंच या छोटा-मोटा कट लगने पर भी दर्द का अहसास काफी तीखा होता है। ठंड के कारण रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं और परिणामस्वरूप उंगलियों, पंजों, टखनों एवं घुटनों में रक्त प्रवाह घटता है, और गठियाग्रस्त शरीर में जोड़ों में दर्द बढ़ने का कुछ हद तक यह कारण बनता है।
दरअसल, हमारा शरीर सर्दियों में वातावरण का तापमान गिरने पर, प्रतिपूरक गतिविधि के तौर पर, रक्त प्रवाह को महत्वपूर्ण अंगों जैसे हृदय, मस्तिष्क, जिगर, गुर्दों, आंतों आदि की तरफ भेजता है। जिन लोगों की पूर्व में फ्रैक्चर या ज्वाइंट रिप्लेसमेंट वगैरह की वजह से ऑर्थोपिडिक सर्जरी की गई होती है, वे भी सर्दियों में तापमान गिरने पर रक्त प्रवाह घटने की वजह से जोड़ों में अधिक दर्द महसूस करते हैं। वातावरण का दबाव घटने से ऊतकों में सूजन आती है जिससे जोड़ों का तनाव बढ़ता है और यह भी उनमें दर्द बढ़ने का कारण होता है। तापमान गिरने से मांसपेशियों में दर्द बढ़ जाता है जो मांसपेशियों और जोड़ों को पहले से ज्यादा कठोर बनाता है। इसके अलावा, सर्दी के दिनों में धूप कम मिलने और घरों के अंदर सिमटे रहने के कारण विटामिन डी की मात्रा कम होती है जो कि हड्डियों एवं मांसपेशियों की कार्यप्रणाली तथा स्वास्थ्य की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है।
लेकिन यह भी सच है कि सर्दियों में आप अपने जोड़ों की सुरक्षा का इंतजाम करते हैं। यहां कुछ महत्वपूर्ण नुस्खे दिए जा रहे हैं और आप सर्दियों का प्रकोप शुरू होने से पहले इनका पालन शुरू कर सकते हैं:
1. शारीरिक रूप से रहें सक्रिय
शरीर में गर्मी बनाए रखने और शरीर के पोरों (उंगलियों, पंजों आदि) में रक्तप्रवाह ठीक रखने के लिए सर्दियों में व्यायाम बेहद उपयोगी साबित होता है जिससे जोड़ों को कड़ेपन तथा दर्द से बचाकर रखने में मदद मिलती है। समुचित रूप से वार्म-अप व्यायाम करें और इसके बाद नियमित रूप से स्ट्रैचिंग व्यायाम करें ताकि जोड़ों खासतौर से गर्दन, पीठ, कंधों, कूल्हों, घुटनों और टखनों के जोड़ों के लचीलेपन को बरकरार रखा जा सके। अचानक कोई भी शारीरिक व्यायाम शुरू करने से बचें ताकि मांसपेशियों को क्षति न पहुंचे। व्यायाम करने से, शरीर के जोड़ों के आसपास की मांसपेशियों की ताकत बनी रहती है जिससे जोड़ों की स्थिरता और लचीलापन बरकरार रहता है।
2. चोट से बचें
गठिया रोगियों के लिए, खासतौर से घुटने में गठिया प्रभावित मरीज़ों के मामलों में, नी सपोर्ट या ब्रेसेज़ का प्रयोग मददगार हो सकता है जिससे उन्हें चलने-फिरने में आसानी होती है और जोड़ों या मांसपेशियों को चोट से भी बचाया जा सकता है।
3. वजन को नियंत्रित रखें
कोशिश करें कि वज़न न बढ़े क्योंकि ज्यादा वज़न बढ़ने से आपके जोड़ों पर भार बढ़ता है और ऐसे में जोड़ों का दर्द भी बढ़ता है। गतिविधि कम होने, घरों के अंदर बंद हो जाने से शरीर कम कैलोरी खर्च कर वज़न बढ़ाता है।
4. गुनगुना पानी पिएं
शरीर में पानी की मात्रा सही रखें। गुनगुना पानी पिएं जो तत्काल आपके शरीर का तापमान ठीकठाक बनाए रखता है। चूंकि सर्दियों में प्यास कम लगती है इसलिए बार-बार पानी पीते रहें जिससे हाइड्रेशन ठीक रहता है। उल्लेखनीय है कि शरीर में पानी कम होने से दर्द सहने की क्षमता भी कम होती है।
5. संतुलित भोजन करें
अपनी खुराक में ओमेगा-3 फैटी एसिड्स, एवोकेडो, फ्लैक्स सीड्स, अखरोट और मछली आदि को शामिल करें क्योंकि इनमें एंटीऑक्सीडेंट होते हैं और ये शरीर के क्षतिग्रस्त ऊतकों पर लाभकारी प्रभाव डालते हैं। डॉक्टर की सलाह से विटामिन डी सप्लीमेंट्स का सेवन करें और जहां तक संभव हो सके सूरज की रोशनी में जाएं।
अत्यधिक ठंड बढ़ने पर घरों के अंदर रहें, अंदर रहने पर भी शरीर को गर्म बनाए रखें। गर्म कपड़े पहनें और शरीर के पोरों (उंगलियों एवं पंजों) को गर्म रखें।
जोड़ों में किसी भी प्रकार का दर्द हो तो किसी ऑर्थोपिडिशियन से सलाह लें क्योंकि निदान और इलाज में देरी होने से न सिर्फ जोड़ों के घिसने और क्षतिग्रस्त होने की आशंका बढ़ जाती है बल्कि उनके और क्षतिग्रस्त होने के आसान भी अधिक होते हैं।
(Inputs: Dr Puneet Mishra - Additional Director & Unit Head - Orthopaedics, Fortis Hospital Shalimar Bagh)