... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Written By: Jitendra Gupta | Published : February 2, 2021 11:04 AM IST
टीका लगवाना हम सभी को एक आलस भरा काम लगता है लेकिन बीमार पड़ने पर वैक्सीन ही एकमात्र ऐसी चीज है, जो हमारे सबसे ज्यादा काम आती है। दरअसल वैक्सीन हमारे इम्यून सिस्टम को ये सिखाती है कि कीटाणुओं से कैसे लड़ना है। ज्यादातर मामलों में आपका इम्यून सिस्टम किसी वायरस और बैक्टीरिया के सक्रिय कण के कारण कमजोर हो जाता है और आपको बीमार बनाने का काम करता है। इम्यून सिस्टम का काम है कि जब भी वह इन कीटाणुओं को देखे तो उनसे लड़े और आपको बीमार होने से बचाए लेकिन इम्यून सिस्टम कमजोर होने पर आपको वैक्सीन लेनी ही पड़ती है ताकि आप बीमारियों से दूर रहें। इस लेख में हम आपको ऐसे 5 टीकों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें आपको 18 की उम्र के बाद लगवाने ही चाहिए। आइए जानते हैं इन टीकों के बारे में।
टेटनस का कारण बनने वाले बैक्टीरिया शरीर में घाव, कट या फिर जलने के बाद प्रवेश करते हैं। टेटनस के कारण आपको तेज मांसपेशियों में दर्द, अकड़न और उस हिस्से का काम न करना जैसी शिकायत हो सकती है। टेटनस में आपके लिए अपना मुंह खोलना भी मुश्किल हो जाता है। इस बैक्टीरिया के कारण आप बीमार पड़ सकते हैं। ये टेटनस वैक्सीन आपको तीन संक्रमण के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करती हैं। ये न सिर्फ आपको टेटनस से बचाती है बल्कि डिप्थीरिया और खांसी से भी सुरक्षा प्रदान करती है। आपको हर 10 साल में ये वैक्सीन लगवानी चाहिए।
अगर आपको अभी तक चिकनपॉक्स नहीं हुए हैं तो किस्मत पर ज्यादा मत अकड़िए। अगर आप किसी बीमार व्यक्ति के साथ रूम शेयर करते हैं तो आपको ये समस्या हो सकती है। चिकनपॉक्स के मरीजों की गंभीर जटिलताएं होती हैं, जिसके कारण उन्हें भर्ती होने के साथ-साथ मौत का भी खतरा होता है। इसलिए चिकनपॉक्स की वैक्सीन आपको कई तरीके की बीमारियों से बचाती है। ये वैक्सीन समुदाय में चिकनपॉक्स फैलने से रोकती है और विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं को ज्यादा खतरा होता है। 13 साल की उम्र के बाद चार से आठ सप्ताह में ये वैक्सीन लगानी चाहिए।
एचपीवी वैक्सीन आपको ह्यूमन पेपिलोमा वायरस संक्रमण से सुरक्षा प्रदान करती है, जो महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर और पुरुषों में गले के कैंसर का बनता है। इतना ही नहीं ये वैक्सीन पुरुषों और महिलाओं में जननांग कैंसर की रोकथाम में भी मदद करती है। एचपीवी यौन संपर्क के कारण फैलता है। ये वैक्सीन 9 साल की उम्र में बच्चों को दे देनी चाहिए। ये वैक्सीन आप किसी भी उम्र में ले सकते हो।
वे लोग, जो मिलट्री बैरक में रहते हैं या फिर कॉलेज के दौरान कमरों में रहते हैं, कुछ इलाकों में घूमते हैं या फिर जिनका इम्यून सिसटम काफी कमजोर है उन्हें अक्सर मैनिंजाइटिस हो जाती है, जिसके कारण उन्हें तेज बुखार आ जाता है। ये वैक्सीन आपको इन सभी स्थितियों में होने वाली परेशानी से सुरक्षा प्रदान करती है। इस बीमारी के कारण आपके मस्तिष्क को नुकसान पहुंच सकता है या फिर सुनने की क्षमता बाधित हो सकती है।
आपको शायद पता भी नहीं होगा और हेपेटाइटिस वायरस आपको अपना शिकार बना लेगा। हेपेटाइटिस ए गंदा खाना या फिर गंदा पानी पीने के कारण फैल सकता है। इसके अलावा ये वायरस एक पुरुष के दूसरे पुरुष के साथ यौन संपर्क में आने से भी फैलता है। एक संक्रमित व्यक्ति सिर्फ बाथरूम जाकर या फिर अपने हाथ वॉश बेसिन में धोकर भी ये वायरस फैला सकता है। इसी तरह और भी प्रकार हैं, जो आपको कई तरीके से अपना शिकार बनाते हैं। हेपेटाइटिस का टीका लगवाकर आप इन सभी जटिलताओं से बच सकते हैं।