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Written By: Jitendra Gupta | Published : May 28, 2022 1:52 PM IST
बच्चों में दिखे Monkeypox Virus के ये 5 असामान्य लक्षण तो हो जाएं सावधान! करीब जाने से बचें
दुनियाभर में मंकीपॉक्स के बढ़ते मामलों को देखते हुए भारत में इस बीमारी से जुड़े घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने कहा है कि बच्चे मंकीपॉक्स वायरस के प्रति अधिक संवेदनशील हैं और उन्हें इसका ज्यादा खतरा है। हालांकि संस्थान का ये भी कहना है कि भारत में अभी तक मंकीपॉक्स का कोई भी मामला सामने नहीं आया है।
समाचार एजेंसी एएनआई ने आईसीएमआर वैज्ञानिक डॉ. अपर्णा मुखर्जी के हवाले से कहा है कि बच्चे मंकीपॉक्स संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील हैं। बुजुर्गों को स्मॉलपॉक्स की वैक्सीन लगी हुई होगी। दरअसल 1980 के दशक के बाद जिन लोगों को स्मॉलपॉक्स की वैक्सीन नहीं लगी थी तो उनके परिवार में युवाओं को खतरा हो सकता है। स्मॉलपॉक्स का टीका इस संक्रमण के खिलाफ इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करता है।
आईसीएमआर वैज्ञानिक ने कहा कि भारत संक्रमण से लड़नेके लिए तैयार है क्योंकि ये बहुत तेजी से यूरोप, अमेरिका और दूसरे देशों में फैल रहा है। हालांकि भारत में अभी तक इसका कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है।
जैसा कि आईसीएमआर का कहना है कि बच्चे मंकीपॉक्स संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील हैं इसलिए परिजनों को इन 5 असामान्य लक्षणों पर ध्यान देना चाहिएः
1-शरीर में दर्द
2-रैशेज
3-तेज बुखार
4-बहुत सारी लिम्फैडेनोपैथी
5-लिम्फ नोड का बढ़ जाना
सरकार की स्वास्थ्य इकाई आईसीएमआर ने उन देशों से यात्रा कर लौटने वाले लोगों के लिए भी चेतावनी जारी की है, जहां मंकीपॉक्स के मामले तेजी से बढ़े हैं। इतना ही नहीं जिन लोगों में लक्षण दिखाई दे रहे हैं उन्हें टेस्ट कराने के लिए बोला जा रहा है।
आईसीएमआर की वैज्ञानिक का कहना है कि हमने मंकीपॉक्स के असामान्य लक्षणों का पता लगाया है, जिसमें तेज बुखार, बहुत सारी लिम्फैडेनोपैथी, लिम्फ नोड का बढ़ना, शरीर में दर्द, रैशेज जैसे लक्षण शामिल हैं। ये लक्षण खासतौर पर संक्रमित देशों से यात्रा करने वाले लोगों में देखे गए हैं।
उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति इन देशों की यात्रा कर लौटा है, जहां मंकीपॉक्स के मामलेसामने आए और उनमें इस प्रकार के लक्षण दिखाई दे रहे हैं उन्हें खुद-ब-खुद टेस्ट कराना चाहिए। हमें घबराने की जरूरत नहीं है। ये वायरस आमतौर पर तभी फैलता है, जब हम किसी व्यक्ति से बहुत करीबी संपर्क बनाते हैं।
मंकीपॉक्स के मामले फिलहाल अमेरिका, ब्रिटेन, बेल्जियम, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, पुर्तगाल, स्पेन, स्वीडन, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, ऑस्ट्रिया, कैनरी आइलैंड, इजरायल और स्विटजरलैंड जैसे नॉन एंडमिक देशों में दर्ज किए गए हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि नॉन एंडमिक देश वो देश हैं, जहां इस संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं लेकिन ये पहली बार हो रहा है कि वायरस के फैलने की चेन बिना किसी ज्ञात संबंधों के आगे बढ़ रही है।