
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Kishori Mishra | Published : March 3, 2026 3:54 PM IST
Stress
Ways to reduce stress : तनाव और चिंता हर किसी की जिंदगी का हिस्सा होता है। हालांकि, कुछ लोग छोटी-छोटी सी बातों पर भी बहुत सोचने लगते हैं और टेंशन लेने लगते हैं। इससे उनकी सेहत पर बहुत बुरा असर पड़ने लगता है, क्योंकि ज्यादा तनाव लेने से हर्मोन्स बिगड़ने लगते हैं, सिर दर्द रहने लगता है और भी बहुत सारी समस्याएं होने लगती हैं, जिनसे निजात पाने के लिए आपको दवाओं तक का सहारा लेना पड़ सकता है। ऐसे में हम आपको तनाव से मुक्ति पाने के लिए कुछ ऐसे उपायों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो न सिर्फ आपकी चिंता दूर करने में मदद करेंगे, बल्कि आपको हेल्दी रखने में भी मदद करेंगे।
बढ़ते तनाव को कम करने के लिए आप अपनी कुछ अच्छी आदतों को अपना सकते हैं, जैसे-
एक्सपर्ट की मानें, तो सुबह की रोशनी एक शक्तिशाली तरीका है। यह सोने-जागने के चक्र को नियमित करने का काम करता है। दरअसल, सुबह की रोशनी नींद-जागने के चक्र को स्थिर करती है, मेलाटोनिन के समय को बेहतर बनाती है, और मूड को बेहतर बनाती है। स्टडीज से भी पता चलता है कि सुबह की रोशनी के संपर्क में आने से मूड बेहतर होता है और चिंता का खतरा कम होता है।
खाना छोड़ने से एड्रेनालाईन और कोर्टिसोल (तनाव का हार्मोन) जैसे हार्मोन में असंतुलन हो सकता है, जिसकी वजह से चिंता हो सकती है। डॉक्टर्स की मानें, तो खाने के बीच लंबा गैप एड्रेनालाईन और कोर्टिसोल जैसे स्ट्रेस हार्मोन को ट्रिगर कर सकता है, जिससे कंपकंपी, धड़कन तेज होना और चिंता जैसे लक्षण पैदा हो सकते हैं। अगर आप नियमित रूप से खाते हैं, तो इससे ब्लड शुगर की स्थिरता में मदद मिलती है और चिंता कम होती है।
फिजिशियन इस बात पर ज़ोर देते हैं कि हर दिन पर्याप्त नींद लेना बहुत ज़रूरी है क्योंकि यह भावनात्मक रूप से स्थिर रहने में मदद करती है। जबकि नींद की कमीसे चिंता का खतरा बढ़ सकता है। दरअसल, खराब नींद एमिग्डाला की प्रतिक्रिया को बढ़ाती है और भावनात्मक स्थिरता को कमजोर कर देती है। मेटा-एनालिसिस से पता चलता है कि नींद की गुणवत्ता में सुधार से चिंता में कमी आती है, जबकि कम या बार-बार टूटने वाली नींद से चिंता का खतरा बढ़ जाता है।
अगर आप चाय या कॉफी का सेवन ज्यादा करते हैं, तो इससे आपकी नींद पर असर पड़ता है, साथ ही साथ यह आपकी चिंता के लक्षणों को बढ़ा सकता है। जो लोग ज्यादा कैफीन का सेवन करते हैं, उनमें अक्सर घबराहट, बेचैनी और पैनिक अटैक का खतरा देखा जाता है। डॉक्टर्स की मानें, तो कैफीन नर्वस सिस्टम को उत्तेजित करता है।
डॉक्टर्स के मुताबिक, ज़्यादा स्क्रीन टाइम खासकर लंबे समय तक सोशल मीडिया का इस्तेमाल, यह ज़्यादा स्ट्रेस और चिंता से जुड़ा हुआ है। डॉक्टर्स की मानें, तो ज़्यादा स्क्रीन और सोशल मीडिया का इस्तेमाल ज़्यादा चिंता और स्ट्रेस से जुड़ा है। नोटिफ़िकेशन कम करने, देर रात स्क्रीन का इस्तेमाल कम करने और टेक-फ्री समय बनाने से मानसिक सेहत और नींद की क्वालिटी बेहतर होती है।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।