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इन 5 बीमारियों के कारण आपके हाथ और पैरों में होती है झनझनाहट, जानें किस गंभीर बीमारी का शिकार हैं आप

हाथ-पैरों का सुन्न का हो जाना एक बड़ी समस्या की ओर इशारा करता है और समय पर इसका इलाज न किया जाए तो आप कई गंभीर समस्याओं का शिकार हो सकते हैं।

इन 5 बीमारियों के कारण आपके हाथ और पैरों में होती है झनझनाहट, जानें किस गंभीर बीमारी का शिकार हैं आप
इन 5 बीमारियों के कारण आपके हाथ और पैरों में होती है झनझनाहट, जानें किस गंभीर बीमारी का शिकार हैं आप

Written by Jitendra Gupta |Published : November 21, 2020 5:00 PM IST

हाथ, पैर और शरीर के अन्य अंगों में सुन्नपन या फिर झनझनाहट एक ऐसी समस्या है, जिसका हर कोई व्यक्ति कभी न कभी अपने जीवन में जरूर अनुभव करता है। इस स्थिति के कारण तो लोग नहीं जान पाते हैं लेकिन इसे नजरअंदाज जरूर करते हैं, जिसके कारण समय के साथ-साथ परेशानी बढ़ती जाती है। हाथ-पैरों का सुन्न का हो जाना एक बड़ी समस्या की ओर इशारा करता है और समय पर इसका इलाज न किया जाए तो आप कई गंभीर समस्याओं का शिकार हो सकते हैं। इस लेख में हम आपको इसके 5 कारण बता रहे हैं, जिसके चलते हाथ-पैर सुन्न हो जाते हैं। तो आइए जानते हैं क्यों हो जाते हैं हाथ-पैर सुन्न।

डायबिटीज

हाई ब्लड शुगर के कारण तंत्रिका क्षति का सुन्न हो जाना या फिर हाथ और पैर में झनझनाहट का अहसास होना सबसे आम कारण है। अगर डायबिटीज का इलाज न किया तो इसके अन्य लक्षण भी हो सकते हैं। आपको प्यास लग सकती है, बहुत अधिक पेशाब हो सकता है, या आपकी सांस में दुर्गंध आ सकती है। आपका डॉक्टर आपके ब्लड टेस्ट के माध्यम से देख सकता है कि आपको डायबिटीज है या नहीं। अगर आपको डायबिटीज है तो वह आपको बताएंगे कि कैसे तंत्रिका क्षति को धीमा या फिर रोका जा सकता है या फिर कैसे इसे खराब होने से बचाया जा सकता है।

गर्भावस्था

आपका बढ़ता बच्चा और गर्भावस्था के दौरान शरीर में बनने वाले अतिरिक्त तरल पदार्थ आपके शरीर में नसों पर दबाव डाल सकते हैं। यह आपकी बाहों, हाथों और पैरों में सुन्नता और चुभन का कारण बन सकते हैं। फटी हुई स्किन आपके पेट को सुन्न महसूस करा सकती है। रात में कलाई की पट्टी पहनने से हाथ की समस्याओं में मदद मिल सकती है। वहीं बच्चे को जन्म देने के बाद झनाझनाहट दूर हो सकती है।

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ऑटोइम्यून डिजीज

ल्यूपस और रुमेटीइड अर्थराइटिस जैसे ऑटोइम्यून रोग आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को अपने ही शरीर के कुछ हिस्सों पर हमला करने के लिए प्रेरित करते हैं। इसमें आपकी नसें भी शामिल हैं। ये स्थितियां जल्दी या धीरे-धीरे आ सकती हैं, और हाल के संक्रमण भी इस स्थिति को बढ़ा सकते हैं। डॉक्टर आपके लक्षणों और मेडिकल इतिहास की जांच करेगा। इससे उन्हें पता लगाने में मदद मिलेगी कि क्या हो रहा है और आपके लक्षणों को कम करने के लिए उपचार की कोशिश की जा सकती है।

शरीर में पर्याप्त विटामिन न होना

विटामिन बी या ई की कमी आपकी नसों और आपके शरीर के अन्य हिस्सों को प्रभावित कर सकती है। इसका मतलब ये है कि आप सही खाद्य पदार्थ नहीं खा रहे होंगे। आपका डॉक्टर आपके विटामिन के स्तर की जांच करने के लिए आपको ब्लड टेस्ट की सलाह दे सकता है। इसके अलावा वे आपको सप्लीमेंट या फिर अन्य उपचार का भी सुझाव दे सकता है।

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संक्रमण

कई वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण आपकी नसों को नुकसान पहुंचा सकते हैं और आपके हाथों और पैरों में दर्द या अकड़न का कारण बन सकते हैं। इनमें से कुछ वायरस एचआईवी, लाइम रोग, दाद, एपस्टीन-बार, हेपेटाइटिस बी और सी, वेस्ट नाइल, साइटोमेगालोवायरस हैं। आपका डॉक्टर संक्रमण का इलाज करने में सक्षम हो सकता है ताकि आपके लक्षण दूर हो जाएं।

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