
अंजू रावत
अंजू रावत एक अनुभवी हेल्थ, फिटनेस, रिलेशनशिप, ब्यूटी और लाइफस्टाइल लेखक हैं, जिन्हें इन विषयों पर लिखने ... Read More
Medically Verified By: Tamanna Singh
मेनोपॉज से जुड़ी जरूरी बातें
महिलाओं को अपने जीवनकाल में कई तरह के शारीरिक बदलावों से गुजरना पड़ता है। इन्हीं में से एक है मेनोपॉज, जो 45 से 55 साल की उम्र के बीच शुरू होता है। जब किसी महिला को लगातार 12 महीने तक पीरियड्स नहीं आते हैं, तो उसे मेनोपॉज कहा जाता है। कई महिलाओं को लगता है कि मेनोपॉज अचानक से शुरू हो जाता है, जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। मेनोपॉज एक धीरे-धीरे होने वाली प्रक्रिया है। इसकी शुरुआत पेरिमेनोपॉज से होती है। मनोवेदा की को-फाउंडर और सर्टिफाइड मेनोपॉज कोच तमन्ना सिंह से जानते हैं मेनोपॉज से जुड़ी बातें-
आपको बता दें कि मेनोपॉज से पहले आने वाले चरण को पेरिमेनोपॉज कहा जाता है। आमतौर पर इसकी शुरुआत 40 की उम्र के आसपास हो जाती है। इस दौरान शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोन के स्तर में उतार-चढ़ाव होने लगता है। इस स्थिति में कुछ लक्षणों का अनुभव हो सकता है। जैसे-
हालांकि, हर महिला का अनुभव अलग हो सकता है। इसलिए अगर 40 साल के बाद इनमें से कोई लक्षण महसूस हो तो थोड़ा अपने शरीर पर ध्यान देना शुरू करें।
40 की उम्र के बाद एस्ट्रोजन का स्तर धीरे-धीरे कम होने लगता है। आपको बता दें कि एस्ट्रोजन हार्मोन शरीर में कई जरूरी कार्यों के लिए जिम्मेदार होता है। जब इसकी कमी होने लगती है, तो कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं होनी शुरू हो जाती हैं।
एस्ट्रोजन की कमी का असर सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य पर नहीं, मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। जैसे-
अगर आप इन आदतों को अपनाएंगे तो हड्डियों, मांसपेशियों और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
Disclaimer: मेनोपॉज कोई बीमारी नहीं, बल्कि जीवन का एक प्राकृतिक चरण है। 40 की उम्र वाली महिलाओं को मेनोपॉज से डरने की जरूरत नहीं है, बल्कि इसके बारे में जानने की कोशिश करें और अपनी सेहत को प्राथमिकता देने की कोशिश करें।