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40 की उम्र में हर महिला को पता होनी चाहिए मेनोपॉज से जुड़ी ये बातें

मेनोपॉज आमतौर पर 45 से 55 साल की उम्र के बीज शुरू होते हैं। लेकिन, इससे पहले ही महिलाओं में कई तरह के लक्षण महसूस होने लगते हैं। इस दौरान उन्हें अपनी सेहत का खास ख्याल रखने की जरूरत होती है।

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Written By: Anju Rawat | Updated : June 22, 2026 11:33 AM IST

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Medically Verified By: Tamanna Singh

महिलाओं को अपने जीवनकाल में कई तरह के शारीरिक बदलावों से गुजरना पड़ता है। इन्हीं में से एक है मेनोपॉज, जो 45 से 55 साल की उम्र के बीच शुरू होता है। जब किसी महिला को लगातार 12 महीने तक पीरियड्स नहीं आते हैं, तो उसे मेनोपॉज कहा जाता है। कई महिलाओं को लगता है कि मेनोपॉज अचानक से शुरू हो जाता है, जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। मेनोपॉज एक धीरे-धीरे होने वाली प्रक्रिया है। इसकी शुरुआत पेरिमेनोपॉज से होती है। मनोवेदा की को-फाउंडर और सर्टिफाइड मेनोपॉज कोच तमन्ना सिंह से जानते हैं मेनोपॉज से जुड़ी बातें-

1. पेरिमेनोपॉज क्या है?

आपको बता दें कि मेनोपॉज से पहले आने वाले चरण को पेरिमेनोपॉज कहा जाता है। आमतौर पर इसकी शुरुआत 40 की उम्र के आसपास हो जाती है। इस दौरान शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोन के स्तर में उतार-चढ़ाव होने लगता है। इस स्थिति में कुछ लक्षणों का अनुभव हो सकता है। जैसे-

  • पीरियड्स का अनियमित होना
  • मूड में बदलाव
  • नींद न आना
  • हॉट फ्लैशेज
  • रात में ज्यादा पसीना आना
  • थकान महसूस होना
  • वजन बढ़ना

हालांकि, हर महिला का अनुभव अलग हो सकता है। इसलिए अगर 40 साल के बाद इनमें से कोई लक्षण महसूस हो तो थोड़ा अपने शरीर पर ध्यान देना शुरू करें।

2. शरीर में क्या बदलाव होने शुरू हो जाते हैं?

40 की उम्र के बाद एस्ट्रोजन का स्तर धीरे-धीरे कम होने लगता है। आपको बता दें कि एस्ट्रोजन हार्मोन शरीर में कई जरूरी कार्यों के लिए जिम्मेदार होता है। जब इसकी कमी होने लगती है, तो कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं होनी शुरू हो जाती हैं।

  • हड्डियां कमजोर होने लगती हैं और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ जाता है।
  • हार्ट हेल्थ से जुड़ी समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है।
  • यह मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करता है। इसकी कमी से मेटाबॉलिक रोग हो सकते हैं।
  • कोलेस्ट्रॉल का स्तर गड़बड़ा सकता है और वजन बढ़ सकता है।

एस्ट्रोजन की कमी का असर सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य पर नहीं, मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। जैसे-

  • चिंता और तनाव बढ़ सकता है।
  • चिड़चिड़ापन और मूड स्विंग्स हो सकते हैं।

3. 40 की उम्र में महिलाएं सेहत का ध्यान कैसे रखें?

  • प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन डी और फाइबर से भरपूर खाना खाएं।
  • नियमित रूप से एक्सरसाइज और योगाभ्यास करें।
  • अच्छी और पर्याप्त नींद लेने की कोशिश करें।

अगर आप इन आदतों को अपनाएंगे तो हड्डियों, मांसपेशियों और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

Disclaimer: मेनोपॉज कोई बीमारी नहीं, बल्कि जीवन का एक प्राकृतिक चरण है। 40 की उम्र वाली महिलाओं को मेनोपॉज से डरने की जरूरत नहीं है, बल्कि इसके बारे में जानने की कोशिश करें और अपनी सेहत को प्राथमिकता देने की कोशिश करें।