
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Kishori Mishra | Published : January 30, 2023 12:21 PM IST
Important Tests To Diagnose Kidney Problems : किडनी हमारे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। इसकी मदद से शरीर में मौजूद अतिरिक्त पानी और विषाक्तता को बाहर किया जा सकता है। इसके अलावा किडनी हमारे शरीर में सोडियम और पोटैशियम के स्तर को कंट्रोल करने और शरीर के पीएच लेवल को संतुलित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लेकिन आधुनिक समय में खराब लाइफस्टाइल की वजह से किडनी से जुड़ी कई तरह की समस्याएं हो रही हैं। ऐसे में किडनी रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही हैं। अगर आपके शरीर में किडनी से जुड़ी किसी तरह की समस्या महसूस हो रही है तो तुरंत डॉक्टर से अपनी जांच कराएं।
हालांकि, कई ऐसे मामले हैं, जिसमें किडनी की समस्याओं के लक्षण नजर नहीं आते हैं। ऐसी स्थिति से बचाव के लिए आपको समय-समय पर कुछ जरूरी टेस्ट कराने की जरूरत है। खासतौर पर अगर आप 30 साल की उम्र के पड़ाव को पार कर चुके हैं, तो अपनी किडनी की केयर के लिए इन टेस्ट को जरूर कराएं। आइए जानते हैं 30 साल के बाद किडनी को स्वस्थ रखने के लिए कौन से टेस्ट कराने हैं जरूरी ?
अगर आप किडनी की समस्याओं से बचना चाहते हैं तो अपने ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करके रखें। जब किसी व्यक्ति का ब्लड प्रेशर 140/90 या उससे अधिक होता है, तो इसे हाई ब्लड प्रेशर की श्रेणी में रखा जाता है। हालांकि, यदि आपको डायबिटीज या फिर किडनी की बीमारी है, तो 130/80 से अधिक ब्लड प्रेशर को उच्च माना जाता है। ऐसे में किडनी की बीमारियों के जोखिमों को कम करने के लिए समय-समय पर अपना ब्लड प्रेशर चेक कराते रहें, ताकि इसको नियंत्रित किया जा सके।
30 साल के बाद आपको समय-समय पर प्रोटीन/क्रिएटिनिन रेश्यो टेस्ट टेस्ट कराने की जरूरत है। यह एक ऐसा टेस्ट है जिसके माध्यम से यूरिन में प्रोटीन की मात्रा के बारे में पता लगाया जा सकता है। यह यूरिन में प्रोटीन की जांच करने का सबसे सटीक तरीका है। यूरिन में अगर प्रोटीन की मात्रा 200mg/gm या उससे कम हो तो व्यक्ति को स्वस्थ माना जाता है। वहीं, इससे अधिक व्यक्ति को किडनी से जुड़ी बीमारी का खतरा रहता है।
जिन व्यक्तियों के परिवार का इतिहास डायबिटीज, ब्लड प्रेशर जैसी बीमारी रही है, उन्हें इस परीक्षण को करने की सलाह दी जाती है। इस परीक्षण में व्यक्ति के यूरिन में एल्ब्यूमिन प्रतिदिन 30mg/gm की संख्या में होनी चाहिए। अगर इससे अधिक है, तो यह किडनी की बीमारी का शुरुआती संकेत हो सकता है। प्रोटीन-टू-क्रिएटिनिन रेश्यो या एल्ब्यूमिन-टू-क्रिएटिनिन रेश्यो के लिए 24 घंटे के यूरिन के नमूने की आवश्यकता नहीं होती है।
यह टेस्ट यूरिन में एल्ब्यूमिन के स्तर को निर्धारित करने के लिए कराया जाता है। अधिकतर किडनी रोगियों को इस टेस्ट को कराने की सलाह दी जाती है। हालांकि, यह टेस्ट सटीर रिजल्ट नहीं देता है। इस टेस्ट के बाद डॉक्टर संतुष्टि के लिए अन्य टेस्ट की भी सलाह दे सकते हैं।
यह टेस्ट यूरिन में ब्लड यूरिया की मात्रा को मापने के लिए किया जाता है। यूरिया नाइट्रोजन हमारे आहार में प्रोटीन के टूटने के परिणामस्वरूप उत्पादित होता है। यह एक अपशिष्ट पदार्थ है, जो किडनी के माध्यम से शरीर से बाहर निकल जाता है। अगर आपकी किडनी स्वस्थ है, तो यूरिया नाइट्रोजन को ब्लड से फिल्टर किया जाता है, जो यूरिन के माध्यम से आपके शरीर से बाहर निकल सकता है। लेकिन अगर आपकी किडनी स्वस्थ नहीं है तो ब्लड में यूरिया का स्तर बढ़ जाता है। ऐसे में किडनी की बीमारियों का पता चलता है। इसलिए अगर आपकी उम्र 30 के आसपास है तो नियमित रूप से यह टेस्ट जरूर कराएं।
30 के बाद किडनी की बीमारियों से बचने के लिए आपको नियमित रूप से इन टेस्ट को कराने की जरूरत है। हालांकि, अगर आप पहले से किसी तरह की समस्या से जूझ रहे हैं तो डॉक्टर की सलाह बीच-बीच में जरूर लें।