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जैसे-जैसे हम बड़े होने लगते हैं हमारी याददाश्त कमजोर होने लगती है और हम सभी चीजों को भूलने लगते हैं। कई वृद्ध लोगों की याददाश्त में मामूली कमी होती है जिससे उनके दैनिक जीवन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। लेकिन स्मृति को भारी हानि पहुंचती है। इसका मतलब यह हो सकता है कि आपको मनोभ्रंश है। मनोभ्रंश या डिमेंशिया (Dementia) वह स्तिथि है जिसमे आपके मस्तिष्क को नुकसान पहुंचता है, जो कि आपके दैनिक जीवन को प्रभावित करता है। इससे याददाश्त संबंधी समस्याएं पैदा हो सकती है, साथ ही यह आप कितनी अच्छी तरह सोच सकते हैं और योजनाएं बनाते हैं सभी को प्रभावित करता हैं। आमतौर पर डिमेंशिया समय के साथ खराब हो जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं ऐसे कई कारक हैं जो आपके डिमेंशिया होने के जोखिम को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं? जी हां, आपने बिलकुल सही पढ़ा है। इस लेख में हम आपको ऐसे 5 कारकों के बारे में बता रहे हैं जो आपके डिमेंशिया होने की संभावना को बढ़ाते हैं।
बढ़ती उम्र के साथ आपको डिमेंशिया की संभावना भी बढ़ती जाती है। अल्जाइमर रोग डिमेंशिया का सबसे आम रूप है। जिसके लक्षण 85 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लगभग एक तिहाई लोगों में दिखाई देते हैं। हालांकि इसमें अनुवांशिकी भी भूमिका निभाती हैं, लेकिन आपका आहार, व्यायाम और जीवनशैली की कई दैनिक आदतें भी भूमिका निभाती हैं।
दिल को बीमारी के चलते आपको दिल का दौरा या स्ट्रोक हो सकता है, जिससे डिमेंशिया की संभावना अधिक हो जाती है। हृदय रोग आमतौर पर आपके दिल के आसपास धमनियों में प्लाक के निर्माण के कारण होता है, जिसे मेडिकल भाषा में एथेरोस्क्लेरोसिस कहते हैं। यह आपके मस्तिष्क में रक्त के प्रवाह को धीमा कर सकता है और आपको स्ट्रोक के जोखिम में डाल सकता है, जिससे आपके लिए अच्छी तरह से सोचना या चीजों को याद रखना कठिन हो जाता है। इसके अलावा कई अन्य चीजें भी हैं जो हृदय रोग का कारण बनती हैं और मनोभ्रंश के जोखिम को बढ़ाती हैं जैसे तंबाकू का उपयोग, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और उच्च कोलेस्ट्रॉल।
डायबिटीज वाले लोगों को अक्सर डिमेंशिया क्यों होता है इसको लेकर अभी स्वास्थ्य विशेषज्ञ निश्चित रूप से निश्चित नहीं हैं। लेकिन वे जानते हैं कि डायबिटीज वाले लोगों में रक्त वाहिकाओं के क्षतिग्रस्त होने की संभावना अधिक होती है। यह मस्तिष्क में रक्त के प्रवाह को धीमा या ब्लॉक कर सकता है, और मस्तिष्क के क्षेत्रों को नुकसान पहुंचा सकता है, जिसे संवहनी मनोभ्रंश (Vascular dementia) कहा जाता है। कुछ लोग यदि दवा, व्यायाम और स्वस्थ आहार के साथ डायबिटीज को नियंत्रण में रखते हैं, तो वे मस्तिष्क की गिरावट को धीमा करने में सक्षम हो सकते हैं।
कोलेस्ट्रॉल का उच्च स्तर, विशेष रूप से मध्यम आयु में मोटापे, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज से जुड़ा होता है। ये सभी आपके डिमेंशिया के जोखिम को बढ़ाते हैं। शोध से पता चलता है कि मध्य जीवन में उच्च कोलेस्ट्रॉल से जीवन में बाद में अल्जाइमर रोग का खतरा हो सकता है।
ब्लड प्रेशर का उच्च स्तर कई तरह से आपके डिमेंशिया को बढ़ाने में भूमिका निभा सकता है। भले ही आपको कोई अन्य स्वास्थ्य समस्या न हो, उच्च रक्तचाप होने से आपको संवहनी मनोभ्रंश और अल्जाइमर होने की अधिक संभावना होती है। ऐसा शायद इसलिए है क्योंकि उच्च रक्तचाप आपके मस्तिष्क में रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है। यह अन्य स्थितियों को भी जन्म दे सकता है जो मनोभ्रंश का कारण बनते हैं, जैसे स्ट्रोक।
सोर्स- वेब एमडी