पीरियड्स मिस्ड (missed periods) होना प्रेग्नेंसी का संकेत नहीं! ये 5 कारण है पीरियड डेट न आने के लिए जिम्मेदार

एक हेल्दी मासिक धर्म चक्र हर 21 से 35 दिनों के बीच हो सकता है। अगर आपके पीरियड इन दिनों के बीच (missed periods) भी नहीं आते हैं, तो इसके पीछे ये 5 कारण जिम्मेदार हो सकते हैं।

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Written By: Jitendra Gupta | Updated : December 5, 2020 11:46 AM IST

पीरियड देर से होना या फिर हफ्ता बीत जाने के बाद भी आपकी डेट नहीं आ रही है (missed periods) तो आपको चिंता जरूर हो सकती है लेकिन आप जानती हैं कि आप गर्भवती नहीं हैं? प्रेग्रेंसी के अलावा कई कारणों से पीरियड मिस्ड (missed periods)हो जाते हैं या फिर लेट होते हैं। इसके सामान्य कारण हार्मोनल असंतुलन से लेकर गंभीर चिकित्सा स्थितियां हो सकती हैं। किसी महिला के जीवन में दो बार ऐसा भी होता है जब उसके पीरियड पूरी तरह से अनियमित हो जाते हैं यानी की टाइम पर नहीं होते हैं। पहला जब पीरियड शुरू होते हैं और दूसरा जब मेनोपॉज शुरू होते हैं। जब आपका शरीर बदलाव से गुजरता है तो आपका सामान्य चक्र अनियमित हो सकता है। ज्यादातर महिलाएं जो मेनोपॉज तक नहीं पहुंच पाती हैं, उनमें आमतौर पर हर 28 दिनों में पीरियड होते हैं। हालांकि, एक हेल्दी मासिक धर्म चक्र हर 21 से 35 दिनों के बीच हो सकता है। अगर आपके पीरियड इन दिनों के बीच (missed periods) भी नहीं आते हैं, तो इसके पीछे ये 5 कारण जिम्मेदार हो सकते हैं।

21-35 दिनों के बीच न हुए पीरियड तो ये हैं इसके पीछे 5 कारण ( 5 reason for missed periods)

1. तनाव (stress causes missed periods)

तनाव आपके हार्मोन को असंतुलित कर सकता है और आपके डेली रूटीन को बदल सकता है। तनाव आपके मस्तिष्क के उस हिस्से को भी प्रभावित कर सकता है, जो आपके पीरियड को नियंत्रित (missed periods) करने के लिए जिम्मेदार होते हैं। ये हिस्सा होता है हाइपोथैलेमस ( hypothalamus)। समय के साथ-साथ तनाव किसी बीमारी या अचानक वजन बढ़ने या नुकसान का कारण बन सकता है, ये सभी आपके चक्र को प्रभावित कर सकते हैं।

2. शरीर का कम वजन

ईटिंग डिसऑर्डर वाली महिलाएं, जैसे एनोरेक्सिया नर्वोसा या बुलिमिया, पीरियड मिस (missed periods) होने का अनुभव कर सकती हैं। अपनी लंबाई से 10 प्रतिशत कम वजन आपके शरीर के कार्यों को बदल सकता है और ओव्यूलेशन को रोक सकता है। इसलिए शरीर का सही वजन बनाए रखना बहुत ही जरूरी है।

3. मोटापा (obesity causes missed periods)

जैसे शरीर का कम वजन हार्मोनल परिवर्तन का कारण बन सकता है, वैसे ही अधिक वजन भी एक कारण हो सकता है। आपका डॉक्टर आपको डाइट और एक्सरसाइज करने की सलाह दे सकता है।

4. पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS)

पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) एक ऐसी स्थिति है, जो आपके शरीर को पुरुष हार्मोन एण्ड्रोजन का अधिक उत्पादन करने का कारण बनती है। इस हार्मोन के असंतुलन के परिणामस्वरूप अंडाशय पर अल्सर बनते हैं। यह ओव्यूलेशन को अनियमित बना सकता है या इसे पूरी तरह से रोक सकता है।

5. बर्थ कंट्रोल (birth control method causes missed periods)

जब आप बर्थ कंट्रोल करने के उपाय अपनाती हैं तो आप अपने चक्र में बदलाव का अनुभव कर सकती हैं। बर्थ कंट्रोल की गोलियों में हार्मोन एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टिन होते हैं, जो आपके अंडाशय को अंडे रिलीज करने से रोकते हैं। गोली खाने से आपके चक्र को फिर से सही ट्रेक पर लौटने में छह महीने तक का समय लग सकता है। अन्य प्रकार के गर्भनिरोधक जिन्हें प्रयोग किया जाता है, वह भी मिस्ड पीरियड (missed periods) का कारण बन सकते हैं।