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डायबिटीज की शुरुआत होने लगे तो इन 5 तरीकों से करें ब्लड शुगर कंट्रोल, जानिए प्री डायबिटीज के लक्षण

प्री डायबिटीज बहुत जल्दी डायबिटीज में बदल सकती है इसलिए समय रहते ही इसके लक्षणों को पहचान कर इसका इलाज शुरू करना काफी जरूरी होता है।

हाई ब्लड शुगर लेवल किसी की भी सेहत पर भारी पड़ सकती है। अधिक शुगर लेवल से डायबिटीज का रिस्क बढ़ता है जो एक क्रोनिक बीमारी है। डायबिटीज से न केवल ब्लड में शुगर लेवल बढ़ता है पर दिल, किडनी और आंखों जैसे ऑर्गन को भी खतरा बढ़ जाता है। डायबिटीज जैसी बीमारी एकदम से नहीं आती है पर हर रोज खराब खान पान से इसका रिस्क बढ़ता है और इस स्थिति को प्री डायबिटीज़ (Pre Diabetes) कहा जाता है। अगर इस स्टेज में ब्लड शुगर को नियंत्रित नहीं किया जाए तो बहुत जल्दी यह टाइप 2 डायबिटीज (Type 2 Diabetes) में भी बदल सकती है। आइए जानते हैं इसे ठीक करने के कुछ आसान टिप्स।

प्री डायबिटीज के लक्षण - Pre Diabetes Ke Lakshan In Hindi

  • बार बार प्यास लगना
  • थकान होना
  • बार बार पेशाब करना
  • अचानक से वजन कम होना और कारण भी पता न लगना
  • ज्यादा भूख लगना
  • सुन्न हो जाना
  • हाथ और पैरों में गुदगुदी महसूस होना।
  • इस स्थिति को मैनेज करने की टिप्स

1. चीनी को बंद कर दें

चीनी में काफी सारी कैलोरीज़ होती हैं और इसमें न्यूट्रीशन भी नहीं मिलता है। चीनी का सेवन करने से टाइप 2 डायबिटीज और दिल के रोगों का रिस्क काफी ज्यादा बढ़ जाता है। पूरी तरह से चीनी का सेवन करना ही इस स्थिति से बाहर आने में मदद कर सकता है। अगर मीठा खाने का मन करे तो प्राकृतिक ऑप्शन जैसे शक्कर, शहद, गुड आदि का चुनाव कर सकते हैं।

2. एक्सरसाइज और शारीरिक गतिविधियों में शामिल हों

हेल्दी रहने के लिए शरीर का एक्टिव रहना भी काफी ज्यादा जरूरी है। अपना खाना खाने के बाद वॉकिंग जरूर करें। योग और एक्सरसाइज भी कुछ समय के लिए रोजाना जरूर करें। आधे घंटे तक नियमित रूप से एक्सरसाइज करें। शरीर के एक्टिव रहने से इम्यूनिटी और मेटाबॉलिज्म बढ़ता है जिससे बीमारियों से बचने में मदद मिलती है।

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3. कड़वी सब्जियों और हर्ब्स का सेवन करें

करेला, मेथी, पुदीना, बेंगन, गाजर, मूली जैसी सब्जियां कोलेस्ट्रॉल लेवल को नियंत्रित करने में मदद करती है। इन्हें खाने से अच्छा कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ता है। इन सब्जियों के अलावा कुछ आयुर्वेदिक हर्ब्स जैसे त्रिफला, नट ग्रास, हिमालयन सीडर का भी सेवन जरूर करें। इनमें एंटी डायबिटिक गुण होते हैं जो ब्लड शुगर लेवल को बढ़ने से रोकते हैं।

4. शराब और धूम्रपान बंद कर दें

शराब का सेवन करने से और धूम्रपान करने से इंसुलिन फंक्शन के बंद होने का रिस्क बढ़ता है। इन्सुलिन कार्बोहाइड्रेट को ब्रेक करके ग्लूकोज में बदलता है जिससे ब्लड शुगर नियंत्रित होती है। अगर कोई हाई शुगर लेवल से जूझ रहा है तो उन्हें पूरी तरह से शराब का सेवन बंद कर देना चाहिए। सिगरेट, तंबाखू की किसी भी चीज का रोजाना सेवन करना काफी हानिकारक हो सकता है।

5. अच्छी नींद लें

अगर पर्याप्त नींद नहीं लेते हैं तो इसका अर्थ है आप इंसुलिन रेजिस्टेंस के रिस्क में आ सकते है। चैन की नींद न सोना या फिर नींद पूरी न करने के कारण पूरा दिन थकान महसूस होती है और हमें कमजोरी महसूस होती रहती है। इस कारण हार्मोन्स असंतुलित हो सकते हैं। इससे ब्लड शुगर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए कोशिश करनी चाहिए कि रोजाना 8 घंटे की नींद जरूर पूरी करें।

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