टीबी से जुड़ी ये 5 बाते हैं बिल्कुल झूठ! विश्वास करना बन सकता है बड़ी भूल

मौजूदा वक्त में हमारी द्वारा की जाने वाली कुछ गलतियां भी हमें टीबी का शिकार बनाती हैं, जैसे बेवजह उपवास रखना, सही से नींद न लेना, तनाव में रहना और खान-पान सही न होना।

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Written By: Jitendra Gupta | Published : August 3, 2021 9:47 PM IST

टीबी, जिसे लोग क्षय रोग, तपेदिक के नाम से भी जानते हैं एक ऐसी संक्रामक बीमारी है, जिसको समय पर न रोका जाए तो किसी भी व्यक्ति के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। टीबी रोग होने की मुख्य वजह है माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस, जो न केवल फेफड़ों को बल्कि हमारे मास्तिष्क से लेकर किडनी, आंतों और हड्डियों तक को बुरी तरह से प्रभावित करता है।

मौजूदा वक्त में हमारी द्वारा की जाने वाली कुछ गलतियां भी हमें टीबी का शिकार बनाती हैं, जैसे बेवजह उपवास रखना, सही से नींद न लेना, तनाव में रहना और खान-पान सही न होना। हालांकि इस बीमारी से जुड़ी कुछ गलत धारणाएं भी समाज में फैली हैं। आइए जानते हैं कौन सी हैं ये धारणाएं।

मिथः सिर्फ फेफड़ों में फैलता है टीबी

फैक्टः समझने वाली बात ये है कि ये बीमारी फेफड़ों से ही शुरू होती है, जो धीरे-धीरे किडनी, मास्तिष्क और रीढ़ की हड्डीजैसे शरीर के अंगों को प्रभावित करना शुरू कर देती है। भले ही इस बीमारी के संकेत और लक्षण सभी अलग-अलग हो लेकिन ये होती टीबी ही है।

​मिथः अनुवांशिक रोग है टीबी

फैक्टः बहुत से लोगों का मानना है कि टीबी अनुवांशिक विकार है जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। टीबी एक प्रकार का संक्रमण है, जो किसी भी व्यक्ति को जीवन के किसी भी पड़ाव में अपना शिकार बना सकता है। टीबी माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस नाम के बैक्टीरिया के संपर्क में आने से होता है। इस रोग का इलाज जितनी जल्दी हो जाए उतना अच्छा होता है क्योंकि जरा सी देर, जानलेवा साबित हो सकती है।

​मिथः धूम्रपान करने से होता है टीबी

फैक्टः बहुत से लोगों का मानना है कि उन्होंने अपने जीवन में कभी धूम्रपान नहीं किया लेकिन फिर भी उन्हें टीबी हो गया तो आपको बता दें कि धूम्रपान का टीबी से कोई लेना-देना नहीं है। गौरतलब है कि एचआईवी , डायबिटीज और किडनी जैसे शरीर के अंगों से जुड़ी बीमारियां भी टीबी का एक जोखिम कारक है।

​मिथः टीबी, इलाज योग्य नहीं है

फैक्टः जो लोग मानते हैं कि टीबी का कोई इलाज नहीं है तो उन्हें बता दें कि टीबी का शुरुआत में निदान आपको इस संक्रमण से बचा सकता है। जी हां, अगर कोई व्यक्ति सही जांच, दवा और नियमित फॉलो अप टीबी को जड़ से खत्म कर सकता है।

​मिथ: टीबी नहीं होगा अगर लेंगे बीसीजी

फैक्टः बीसीजी का टीका टीबी की बीमारी होने से बचाएगा, अगर आप भी यही सोचते हैं तो आप गलत हैं क्योंकि अभी भी ये साफ नहीं हो पाया है कि ये टीका टीबी से बचाने में उतना सक्षम है या नहीं।

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