
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Most common diseases in women: महिलाओं का स्वास्थ्य पुरुषों से काफी ज्यादा कॉम्पिकेटेड होता है और इसलिए हेल्दी रहने के लिए उन्हें अपने स्वास्थ्य की खास देखभाल करने की आवश्यकता होती है। वर्किंग वुमन हो या हाउस मेकर हर महिला का लाइफस्टाइल आजकल बिजी होता जा रहा है, जिसके कारण उनके पास खुद की देखभाल करने का समय नहीं होता है। यही कारण है कि धीरे-धीरे उम्र बढ़ते हुए महिलाओं को शरीर में कई बीमारियां होने लगती हैं और अगर इनकी समय रहते देखभाल न की जाए तो इससे कई अन्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इसलिए जरूरी है कि समय रहते जरूरी टेस्ट आदि करवा लिए जाएं ताकि किसी भी बीमारी को गंभीर होने से पहले ही उन्हें रोका जा सके। इस लेख में हम आपको ऐसी ही कुछ बीमारियों के बारे में बताने वाले हैं, जिनका महिलाओं को होने का खतरा बहुत ज्यादा रहता है। (Women major health issues)
एनीमिया खून से जुड़ा एक ऐसा विकार है, जिसका समय पर इलाज न किया जाए तो यह गंभीर बीमारियां पैदा कर सकता है। कुछ अध्ययनों से आई रिपोर्ट्स के अनुसार एनीमिया पुरुषों से ज्यादा महिलाओं में पाया जाता है और इसका जल्द से जल्द इलाज करना भी बहुत जरूरी होता है। एनीमिया का पता लगाने के लिए किसी बड़े टेस्ट की जरूरत नहीं है, सामान्य कम्पलीट ब्लड काउंट टेस्ट (CBC) की मदद से इसका टेस्ट किया जा सकता है।
स्तन का कैंसर महिलाओं में सबसे ज्यादा पाए जाने वाले कैंसरों में से एक है। एक स्टडी के अनुसार भारत में महिलाओं में होने वाले कैंसरों में लगभग 25 से 32 फीसद मामले ब्रेस्ट कैंसर के होते हैं। एक व्यस्क महिला को हर दो से तीन साल में कम से कम एक बार मैमोग्राफी टेस्ट कराने की सलाह दी जाती है। साथ ही यदि किसी महिला को स्तन में किसी प्रकार की गांठ, सूजन, द्रव रिसाव या अन्य किसी भी प्रकार का असामान्य लक्षण महसूस हो रहा है, तो डॉक्टर से बात कर लेनी चाहिए।
भारत के डाटा की बात करें तो महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर के मामले भी काफी अधिक देखे जा रहे हैं। लेंसेट में पब्लिश की गई एक स्टडी के अनुसार सर्वाइकल कैंसर के हर 5 में से 1 केस भारत में है। सर्वाइकल कैंसर के मामलों को बढ़ते देख समय-समय पर जांच कराना ही सुरक्षित विकल्प है। डॉक्टर से बात करके समय-समय पर पेल्विक एग्जाम, पेप स्मीयर व अन्य टेस्ट करवाते रहें।
वजाइना में होने वाली सूजन व लालिमा की स्थिति को वैजिनाइटिस कहा जाता है। इसके कारण असामान्य द्रव स्राव होना, दर्द, खुजली और जलन जैसे लक्षण भी देखे जा सकते हैं। वैजिनाइटिस आमतौर पर वायरल, बैक्टीरियल या यीस्ट इन्फेक्शन के कारण होता है और अगर समय रहते इसका इलाज शुरू न किया जाए तो यह किसी यौन संचारित रोग (STI) होने के खतरे को बढ़ा देता है। डॉक्टर से बात करें और समय-समय पर पेल्विक एग्जाम व अन्य जरूरी टेस्ट कराते रहें।
शरीर का वजन सीमित सीमा से बहुत ज्यादा बढ़ जाना यानी मोटापा एक गंभीर समस्या है, जिसे इग्नोर करना कई जानलेवा बीमारियों को पैदा करता है। वैसे तो मोटापे की समस्या पुरुषों और महिलाओं दोनों में ही देखी जाती है, लेकिन अध्ययनों में यह पाया गया है कि मोटापे के मामले पुरुषों से ज्यादा महिलाओं में पाए जाते हैं। आप मोटापे से ग्रस्त हैं या फिर आपको इसका कितना खतरा है आदि का पता बॉडी मास इंडेक्स (BMI) टेस्ट की मदद से लगाया जा सकता है।