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Written By: Jitendra Gupta | Published : March 2, 2023 7:32 PM IST
नवजात बच्चों में ये 5 तरह के जन्मदोष होते हैं बहुत ही आम! जानें कौन से दोष हो सकते हैं जन्म के बाद ठीक
World Birth Defects Day : बच्चों में जन्मदोष एक ऐसा विषय है, जिसके बारे में शायद ही ज्यादा लोगों को पता हो। जन्म दोष कई प्रकार के होते हैं, जिनके बारे में जानना बहुत ही जरूरी है। डॉ. सौरभ खन्ना, लीड कंसलटेंट-नैनोटोलॉजी एंड पीडियाट्रिक्स, सीके बिरला हॉस्पिटल, गुरुग्राम बताते हैं कि जन्म दोष दो तरह के होते हैं, पहला जेनेटिक और दूसरा शारीरिक रूप से होने वाली दिक्कतें। जेनेटिक रूप से होने वाले जन्मदोष में सबसे आम होता है डाउन सिंड्रोम। डाउन सिंड्रोम (Down syndrome in hindi) एक ऐसी परेशानी है, जिसमें क्रोमोजोम की दिक्कत होती है और उसमें क्रोमोजोम डिफेक्ट की वजह से थायराइड की दिक्कत, दिल से जुड़ी परेशानियां, बॉडी की पावर कम होना, उनके फेस में डिफेक्ट होने की संभावना ज्यादा होती है। अगर इन चीजों का जन्म पर पता लगा लिया जाए या फिर जन्म से पहले ही मां के कुछ टेस्ट करा लें, जिससे बच्चे में होने वाली परेशानियों का पता लगा लिया जाए तो बच्चे के जीवन में सुधार आ सकता है। बता दें कि डाउन सिंड्रोम को ठीक किया तो नहीं किया जा सकता लेकिन जीवन को सामान्य बनाया जा सकता है।
इस स्वास्थ्य स्थिति में बच्चे के दिल में छेद होता है, जिसमें आगे चलकर उनका हार्ट फेल होने का खतरा सबसे ज्यादा होता है या फिर उन्हें फीड पड़ने की दिक्कत होती है। इस स्थिति में जान जाने का खतरा रहता है लेकिन इस स्थिति को ठीक किया जा सकता है। कॉन्जेनिटल हार्ट डिजीज स्क्रीनिंग की मदद से ये पता लगाया जा सकता है कि किस बच्चे में ये दिक्कत आ सकती है और उसके आधार पर इको कराकर इस स्थिति का निदान किया जा सकता है।
क्रोमोजोम डिफेक्ट का दूसरा आम प्रकार है तालु का न बना होना। इस स्थिति में बच्चे को फीड कराने में दिक्कत आती है। बच्चों में तालु के ठीक से न बने होने के कारण कभी-कभार फेफड़ों में इंफेक्शन हो जाता है, जिसकी वजह से बार-बार निमोनिया का खतरा रहता है। इस स्थिति को अगर जन्म पर देख लिया जाए तो कई तरह की बोतल आती हैं, जिससे फीड कराया जाता है और नौ महीने पर सर्जरी कर बच्चे को बिल्कुल ठीक किया जा सकता है।
इस जन्म दोष में बच्चे के शारीरिक ढांचे में दिक्कत आती है। क्लब फुट का मतलब है पैरों का मुड़ा हुआ होना। अगर शुरू में इस स्थिति को न पहचाना जाए तो आगे चलकर उसकी चाल में दिक्कत आ सकती है और बाद में रिकवर होने में भी दिक्कत आती है। हालांकि अगर समय पर इस स्थिति को देख लिया जाए तो कुछ एक्सरसाइज की मदद से इस स्थिति को ठीक किया जा सकता है।
इस जन्मदोष में बच्चे की रीढ़ में दोष होता है। कुछ मामलों में जन्म से पहले इस स्थिति का पता लगा लिया जाता है। इस स्थिति में बच्चे की रीढ़ का एक हिस्से के ऊपर कुछ ट्यूमर जैसा बनाहुआ होता है। इस स्थिति में सिर्फ सर्जरी की मदद से ही बच्चे को आराम मिल पाता है।
ये स्थिति बेबी बॉयज में होती है, जिसमें बच्चे के पेशाब करने वाली जगह अपने स्थान पर न होकर ऊपर या नीचे होती है। इस स्थिति में बच्चे को पेशाब करने में दिक्कत होती है, बच्चों को जब पेशाब ठीक से नहीं होता है तो उनकी किडनी पर प्रभाव पड़ता है। हालांकि इसे शुरू में पकड़ा जा सकता है और ठीक किया जा सकता है।