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आपकी ये 5 बुरी आदतें बनती हैं बार-बार खट्टी डकार और एसिडिटी की वजह, जो बन सकती हैं गंभीर बीमारी का कारण

Acidity Causes In Hindi: आजकल एसिडिटी (खट्टी डकार या सीने में जलन) की समस्या से लगभग हर उम्र के लोग पीड़ित हैं। हालांकि एसिडिटी की समस्या को आजकल काफी आम बीमारियों में से एक माना जाता है।

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Written By: Atul Modi | Published : January 9, 2023 1:45 PM IST

सीने और गले में जलन की समस्या से कभी ना कभी हर कोई गुजरा होगा। जिसे पेट से जुड़ी सबसे आम समस्याओं में से एक, एसिडिटी (Acidity) जिसे एसिड रिफ्लक्स (Acid Reflux) के रूप में भी जाना जाता है। कुछ लोग इसे खट्टी डकार के तौर पर भी जानते हैं। ये समस्या पेट में एसिड के ज्यादा बनने के कारण हो सकती है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर आपको आफते में दो बार से ज्यादा एसिड रिफ्लक्स के संकेत दिख रहे हैं, तो आपको गैस्ट्रोओसोफेगल रिफ्लक्स नाम की बीमारी हो सकती है। ज्यादातर मामलों में इस स्थिति में इलाज करना सम्भव हो सकता है। जिससे इसे रोकने में मदद मिल सकती है। लेकिन उससे पहले इसके कारणों के बारे में भी जान लेना चाहिए।

एसिडिटी होने के कारण - Acidity Or Acid Reflux Causes In Hindi

ज्यादा कार्बोनेट कन्ज्यूम करना

जरूरत से ज्यादा और बार-बार कॉफी और स्ट्रांग चाय पीने से शरीर में कार्बोनेट की मात्रा बढ़ जाती है। न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स के मुताबिक ज्यादा कॉफी और स्ट्रांग चाय पीने से एसिड रिफ्लक्स के खतरे को बढ़ाता है।

अनियमित मील लेना

डाइट को समय-समय पर ना लेने से आपका पेट हाइड्रोक्लोरिक एसिड बनाने लगता है। अनियमित डाइट की वजह से पेट में एसिड बनने लगती है और इससे मतली हो सकती है।

हाई फैट डाइट लेना

हाई फैट वाला खाना दिल की धड़कनों को खराब कर सकता है। जो एसोफैगस को परेशान कर सकता है। इससे पित्त की समस्या हो सकती है। जो पेट में मौजूद होता है, और ब्लड सर्क्युलेशन में हार्मोन कोलेसिस्टोकिनिन, एलईएस को आराम दे सकता है और एसिडिटी को पैदा कर सकते हैं।

खाना खाने के बाद तुरंत सो जाना

खाना खाकर तुरंत सो जाने से एसिड रिफ्लक्स खराब हो सकता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि खाने के तुरंत बाद सो जाने से डायजेशन खराब हो जाता है। सोने के करीब तीन घंटे पहले खाना खा लेना बेहतर है।

अपर्याप्त नींद लेना

नींद की कमी की वजह से एसिडिटी हो सकती है। जो एलईएस को प्रभावित कर सकता है। जिस वजह से एसिड एसोफैगस तक पहुंच जाता है। जिस वजह से दिल में जलन और एसिड रिफ्लक्स का कारण बन सकता है।

ज्यादा धूम्रपान करना

गैस्ट्रोओसोफेगल रिफ्लक्स का बड़ा कारण ज्यादा धूम्रपान बन सकता है। जो फेफड़ों के साथ पूरे शरीर को प्रभावित कर सकता है। एसिडिटी की वजह ये कारण बन सकते हैं। सही समय पर इनका इलाज करना बेहद जरूरी है। वरना ये किसी बड़ी बीमारी का कारण भी बन सकते हैं।