
... Read More
सीने और गले में जलन की समस्या से कभी ना कभी हर कोई गुजरा होगा। जिसे पेट से जुड़ी सबसे आम समस्याओं में से एक, एसिडिटी (Acidity) जिसे एसिड रिफ्लक्स (Acid Reflux) के रूप में भी जाना जाता है। कुछ लोग इसे खट्टी डकार के तौर पर भी जानते हैं। ये समस्या पेट में एसिड के ज्यादा बनने के कारण हो सकती है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर आपको आफते में दो बार से ज्यादा एसिड रिफ्लक्स के संकेत दिख रहे हैं, तो आपको गैस्ट्रोओसोफेगल रिफ्लक्स नाम की बीमारी हो सकती है। ज्यादातर मामलों में इस स्थिति में इलाज करना सम्भव हो सकता है। जिससे इसे रोकने में मदद मिल सकती है। लेकिन उससे पहले इसके कारणों के बारे में भी जान लेना चाहिए।
जरूरत से ज्यादा और बार-बार कॉफी और स्ट्रांग चाय पीने से शरीर में कार्बोनेट की मात्रा बढ़ जाती है। न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स के मुताबिक ज्यादा कॉफी और स्ट्रांग चाय पीने से एसिड रिफ्लक्स के खतरे को बढ़ाता है।
डाइट को समय-समय पर ना लेने से आपका पेट हाइड्रोक्लोरिक एसिड बनाने लगता है। अनियमित डाइट की वजह से पेट में एसिड बनने लगती है और इससे मतली हो सकती है।
हाई फैट वाला खाना दिल की धड़कनों को खराब कर सकता है। जो एसोफैगस को परेशान कर सकता है। इससे पित्त की समस्या हो सकती है। जो पेट में मौजूद होता है, और ब्लड सर्क्युलेशन में हार्मोन कोलेसिस्टोकिनिन, एलईएस को आराम दे सकता है और एसिडिटी को पैदा कर सकते हैं।
खाना खाकर तुरंत सो जाने से एसिड रिफ्लक्स खराब हो सकता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि खाने के तुरंत बाद सो जाने से डायजेशन खराब हो जाता है। सोने के करीब तीन घंटे पहले खाना खा लेना बेहतर है।
नींद की कमी की वजह से एसिडिटी हो सकती है। जो एलईएस को प्रभावित कर सकता है। जिस वजह से एसिड एसोफैगस तक पहुंच जाता है। जिस वजह से दिल में जलन और एसिड रिफ्लक्स का कारण बन सकता है।
गैस्ट्रोओसोफेगल रिफ्लक्स का बड़ा कारण ज्यादा धूम्रपान बन सकता है। जो फेफड़ों के साथ पूरे शरीर को प्रभावित कर सकता है। एसिडिटी की वजह ये कारण बन सकते हैं। सही समय पर इनका इलाज करना बेहद जरूरी है। वरना ये किसी बड़ी बीमारी का कारण भी बन सकते हैं।