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दिल से जुड़ी बीमारियों के बारे में ये 5 बातें हैं बिल्कुल झूठ! विश्वास करने से पहले जान लें एक्सपर्ट की ये राय
Heart health Myth : दिल की सेहत शरीर के स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। हालांकि दिल की सेहत को लेकर कई गलत अवधारणाएं फैली हैं। नोएडा स्थित जेपी हॉस्पिटल के डिपार्टमेन्ट ऑफ इंटरवेंशनल कार्डियोलोजी, सीनियर कन्सलटेन्ट डॉ. आशीष गोविल का कहना है कि इनकी वजह से लोग अपने दिल की सेहत का ठीक से ख्याल नहीं रख पाते, और कई बार तो ये दिल के लिए खतरनाक भी हो सकती हैं। आइए जानते हैं दिल की बीमारियों से जुड़े कुछ ऐसे मिथकों के बारे में, जिन पर कभी भी विश्वास नहीं करना चाहिए।
सत्यः हालांकि यह सच है कि पुरूषों में कम उम्र में ही दिल की बीमारियों की संभावना अधिक होती है, लेकिन ये महिलाओं में भी मृत्यु का मुख्य कारण हैं। वास्तव में दिल की बीमारियों की वजह से होने वाली मौतों की संख्या कैंसर से होने वाली मौतों की तुलना में भी अधिक होती है। महिलाओं में दिल की बीमारियों के लक्षण पुरूषों से अलग होते हैं, जैसे थकान, सांस फूलना, मतली। ऐसे में निदान करना चुनौतीमपर्ण हो सकता है।
सत्यः हालांकि कॉलेस्ट्रॉल बढ़ने से दिल की बीमारियों की संभावना बढ़ जाती है, लेकिन यह इकलौता कारण नहीं है। ब्लड प्रेशर बढ़ना, धूम्रपान, डायबिटीज़, परिवार में दिल की बीमारियों का इतिहास, मोटापा, शारीरिक व्यायाम की कमी भी इसका कारण हो सकते हैं। वास्तव में जिन लोगों में कॉलेस्ट्रॉल कम होता है, उनमें भी दिल की बीमारियों की संभावना होती है।
सत्यः उम्र बढ़ने के साथ दिल की बीमारियों की संभावना बढ़ती है, लेकिन ये बच्चों सहित किसी भी उम्र के लोगों को हो सकती हैं। गैर-सेहतमंद आहार का सेवन, व्यायाम की कमी की वजह से दिल की बीमारियां किसी भी उम्र में हो सकती हैं। इसलिए हर उम्र के लोगों को अपने दिल की सेहत की देखभाल करनी चाहिए।
सत्यः हालांकि कुछ कारकों को रोकना संभव नहीं है जैसे परिवार में दिल की बीमारियों का इतिहास। लेकिन अन्य कारकों पर नियन्त्रण पाया जा सकता है। सेहतमंद आहार, नियमित व्यायाम, धूम्रपान न करने, तनाव का प्रबन्धन करने, नियमित जांच के द्वारा दिल की बीमारियां की संभावना को कम किया जा सकता है।
सत्यः दिल की बीमारियां चुपचाप बढ़ जाती हैं, अक्सर कोई लक्षण दिखाई नहीं देते। जब तक लक्षण दिखते हैं, तब तक बीमारी बहुत ज़्यादा बढ़ चुकी होती है। इसलिए नियमित जांच के द्वारा दिल की बीमारियों का निदान समय पर किया जा सकता है और जटिलताओं से बचा जा सकता है।