
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Medically Verified By: Dr. Vineeta Singh Tandon
health tips myths (AI generated image)
आजकल हमने अपने जीवन को सोशल मीडिया के साथ पूरी तरह से जोड़ लिया है, हम दिन में क्या कर रहे हैं ये भी में सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं और हमें दिन में क्या करना चाहिए यह भी हम अक्सर सोशल मीडिया से ही जानने की कोशिश करते हैं। लेकिन जब बात हेल्थ की आती है, तो सोशल सोशल मीडिया या इंटरनेट की जानकारी उचित नहीं है। लेकिन आज के समय में सोशल मीडिया, इंटरनेट और दोस्तों-रिश्तेदारों से मिलने वाली स्वास्थ्य संबंधी सलाहों की भरमार है। कई लोग बिना डॉक्टर की सलाह के कुछ ऐसी आदतें अपना लेते हैं, जिन्हें वे हेल्दी मानते हैं, लेकिन वास्तव में वे शरीर को नुकसान पहुंचा सकती हैं। डॉक्टरों का मानना है कि अच्छी सेहत के लिए सही जानकारी उतनी ही जरूरी है जितनी सही जीवनशैली। ISIC मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में इंटरनल मेडिसिन डिपार्टमेंट की सीनियर कंसल्टेंट डॉ. विनीता सिंह टंडन बताते हैं कि कई लोकप्रिय हेल्थ टिप्स वैज्ञानिक रूप से सही नहीं हैं और लंबे समय में स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती हैं।
आपने भी देखा होगा कि कुछ लोग आपको कोई न कोई ऐसा खास नुस्खा बताते हैं जिसमें वे किसी खास ड्रिंक या जूस की रेसिपी आपको बताते हैं, जो शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालते हैं। वास्तव में हमारा लिवर और किडनी प्राकृतिक रूप से शरीर को साफ रखने का काम करते हैं। केवल डिटॉक्स ड्रिंक पीने से शरीर की सफाई नहीं होती। बल्कि वास्तव में बॉडी को डिटॉक्स करने के लिए संतुलित आहार, पर्याप्त पानी और नियमित व्यायाम करना बेहद जरूरी है।
आजकल सोशल मीडिया और इंटरनेट पर मिलने वाली अनावश्यक जानकारी के कारण हम यह सोचने लगते हैं, कि ज्यादा हेल्दी और स्ट्रॉन्ग रहने के लिए ज्यादा सप्लीमेंट्स लेने चाहिए। ऐसे में हम विटामिन और सप्लीमेंट्स को अक्सर हेल्थ के लिए एक शॉर्टकट मानने लगे हैं। लेकिन बिना जरूरत और बिना जांच के सप्लीमेंट्स लेना नुकसानदायक हो सकता है। कुछ विटामिन और मिनरल्स की अधिक मात्रा शरीर में जमा होकर शरीर को फायदा पहुंचाने की बजाय नुकसान पहुंचा सकते हैं। बेहतर है कि पोषण की जरूरतें संतुलित भोजन से पूरी की जाएं और सप्लीमेंट्स केवल डॉक्टर की सलाह पर लिए जाएं।
शरीर के वजन को कम करने के लिए लोग अक्सर अलग-अलग तरीके अपना लेते हैं और कई बार तो इंटरनेट, सोशल मीडिया या फिर दोस्तों से जो भी टिप्स मिलती है जिन्हें हम फॉलो करने लग जाते हैं। अक्सर कई बार हमें फास्टिंग के अलग-अलग तरीके सिखाए जाते हैं, जिनके बारे में कहा जाता है कि जल्दी वेट लॉस होता है। जबकि लंबे समय तक भूखे रहने से मेटाबॉलिज्म प्रभावित हो सकता है और बाद में व्यक्ति ज्यादा खाना खा लेता है। स्वस्थ वजन घटाने के लिए नियमित और संतुलित भोजन, साथ में शारीरिक गतिविधि जरूरी है।
जब से इंटरनेट हाथ लगा है कुछ लोगों ने खुद को ही डॉक्टर समझना शुरु कर दिया है, कोई भी हेल्थ प्रॉब्लम होती है तो इंटरनेट पर सर्च करके दवाएं लेना शुरू कर दिया जाता है। अक्सर सिरदर्द, पेट दर्द या अन्य छोटी समस्याओं में लोग अक्सर बिना डॉक्टर की सलाह के दवा ले लेते हैं। बार-बार ऐसा करना खतरनाक हो सकता है। गलत दवा या गलत मात्रा बीमारी को बढ़ा सकती है और कई बार गंभीर दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं।
बहुत से लोगों को ऐसा लगता है कि समस्या सिर्फ तभी शुरू होती है जब आपको लक्षण दिखते हैं या गंभीर परेशानियां होने लगती हैं। लेकिन मधुमेह, उच्च रक्तचाप और कई अन्य बीमारियां लंबे समय तक बिना लक्षण के विकसित हो सकती हैं। नियमित हेल्थ चेकअप गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान करने में मदद करते हैं।
डॉ. विनीता यही सलाह देती हैं कि इंटरनेट पर उपलब्ध हर स्वास्थ्य सलाह सभी लोगों के लिए सही नहीं होती। हर व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य और शारीरिक जरूरतें अलग होती हैं। इसलिए किसी भी नए डाइट प्लान, घरेलू नुस्खे या फिटनेस ट्रेंड को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की राय लेना जरूरी है।
डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य केवल उन टिप्स के बारे में जानकारी देना है, जिन्हें लोग अक्सर हेल्दी समझकर अपना लेते हैं जबकि डॉक्टर उन्हें हेल्दी नहीं मानते। इसमें दी गई किसी भी जानकारी का इस्तेमाल किसी भी बीमारी के इलाज के लिए नहीं है और उसके लिए आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।