
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Medically Verified By: Dr Rahul Chaudhari
spinal health problems (AI generated Image)
हमारी जीवनशैली हमारे भविष्य के स्वास्थ्य का निर्माण करती है, सरल शब्दों में कहें तो आज आप जैसी लाइफस्टाइल जी रही है उसपर निर्भर करता है कि आने वाले समय में आपका भविष्य कैसा होगा। हमारे शरीर की सबसे प्रमुख संरचनाओं में से एक हड्डियां भी हैं, जो शरीर की बाकी संरचनाओं को सपोर्ट देने का काम करती हैं। सरल शब्दों में कहें तो हड्डियों शरीर का एक प्रमुख सपोर्ट सिस्टम है। हड्डियों में रीढ़ की हड्डी एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा होती हैं, जो न केवल शरीर को सपोर्ट प्रदान करती है बल्कि हमारे चलने-फिरने, झुकने, उठने-बैठने और दैनिक गतिविधियों को करने में बेहद जरूरी होती है। हालांकि, आधुनिक जीवनशैली में कई ऐसी आदतें शामिल हो गई हैं जिनका असर हमारी रीढ़ की हड्डी पर गंभीर रूप से पड़ रहा होता है। यही कारण है कि समय के साथ-साथ लोगों में कमर दर्द, गर्दन दर्द और रीढ़ की हड्डी से जुड़ी अन्य समस्याएं होने लगी हैं।
घर पर या बाहर कहीं जब हम कुछ काम कर रहे होते हैं और उस दौरान अगर नीचे रखी किसी वस्तु को उठाना पड़ जाए तो उन्हें उठाते समय हम अक्सर कुछ बातों का ध्यान नहीं देते हैं और हड्डी को मोड़कर वो चीजें उठा लेते हैं। रीढ़ की हड्डी को मोड़कर किसी चीज को उठाने की आदत रीढ़ की हड्डी की सबसे बड़ी दुश्मन हो सकती है। क्योंकि ऐसा करने से रीढ़ की डिस्क पर बहुत अधिक दबाव डालता है। बार-बार इस तरह झुकने से डिस्क से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए हमेशा घुटनों को मोड़कर और पीठ को सीधा रखते हुए नीचे झुकना चाहिए। यह तरीका रीढ़ पर अनावश्यक दबाव पड़ने से बचाता है।
आजकल का जॉब सिस्टम ही रीढ़ की हड्डी का दुश्मन बनता जा रहा है, कंप्यूटर पर काम करना हो या फिर दुकानदारी से जुड़ा कोई काम हो, ऐसे में दिन का ज्यादातर समय बैठे हुए ही निकलता है जिसका असर रीढ़ की हड्डी पर काफी गंभीर रूप से पड़ सकता है। लंबे समय तक एक ही स्थिति में रहने से कमर दर्द और गर्दन दर्द की समस्या हो सकती है। इसलिए हर 30 से 45 मिनट में कम से कम 2 मिनट का ब्रेक लेना चाहिए।
अगर आपको लगता है कि मोबाइल का ज्यादा उपयोग आपकी आंखों और दिमाग को ही नुकसान पहुंचा रहा है, तो शायद आपके पास अधूरी जानकारी है। क्योंकि लंबे समय तक फोन चलाने की आदत आपकी रीढ़ की हड्डी को भी नुकसान पहुंचा रही होती है, क्योंकि लंबे समय तक गर्दन आगे झुकाकर मोबाइल देखने से गर्दन की मांसपेशियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इससे मांसपेशियां कमजोर हो सकती हैं और सर्वाइकल स्पाइन पर भी असर पड़ सकता है। मोबाइल का उपयोग करते समय स्क्रीन को आंखों के स्तर के करीब रखने का प्रयास करना चाहिए और बीच-बीच में गर्दन को आराम देना चाहिए।
अगर हम कोई भी भारी वजन उठाते हैं, तो उसका आपके शरीर की रीढ़ की हड्डी पर भी पड़ता है, इसलिए बिना सही ट्रेनिंग के ज्यादा वजन नहीं उठाना चाहिए। अगर वजन उठाना जरूरी है, तो वजन उठाते समय ध्यान रखें कि पेट को अंदर खींचें और बॉडी को स्टेबल रखें। साथ ही सबसे ज्यादा ध्यान रखना है कि आप अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रख रहें हैं।
हड्डियों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए शरीर में पर्याप्त मात्रा में पानी होना भी बेहद जरूरी होता है। अगर किसी कारण से शरीर में पानी की कमी हो जाती है, तो इसके कारण हड्डियां कमजोर पड़ने लगती हैं, जिनमें स्पाइनल डिस्क भी हैं। इसलिए दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और साथ ही साथ नियमति रूप से सही डाइट लेते रहे जिससे आपकी हड्डियों का स्वास्थ्य भी बना रहता है।
डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य केवल रीढ़ की हड्डी के स्वास्थ्य और उसकी देखभाल से जुड़ी कुछ जरूरी जानकारी देना है और इसमें दी गई जानकारी का इस्तेमाल किसी भी बीमारी के इलाज के लिए नहीं है और उसके लिए आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।