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डिमेंशिया के 45% मामलों को रोका या टाला जा सकता है, WHO की नई गाइडलाइंस में बताए बचाव के तरीके

डिमेंशिया कोई बीमारी नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें पीड़ित व्यक्ति चीजों और बातों को भूलने लगता है और उसे निर्णय लेने में मुश्किल होती है। लेकिन, अब WHO ने बताया है कि डिमेंशिया को 45 फीसदी तक पूरी तरह रोका या टाला जा सकता है।

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Written By: Anju Rawat | Published : July 16, 2026 2:10 PM IST

Dementia Prevention:  क्या आप बार-बार बातें भूलने लगे हैं? जीवन के निर्णय लेने में मुश्किल होती है या सोचने-समझने की क्षमता कम हो रही है? अगर हां, तो ये डिमेंशिया के लक्षण हो सकते हैं। हालांकि, यह कोई विशेष बीमारी नहीं है। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें व्यक्ति की मानसिक क्षमता कम हो जाती है और यह उसके जीवन को बुरी तरह से प्रभावित करने लगता है। यह स्थिति व्यक्ति की याद्दाश्त, सोचने-समझने और व्यवहार पर असर डालती है। शुरुआत में यह समस्या आम लग सकती है, लेकिन इसके लक्षण धीरे-धीरे बढ़ते हैं और व्यक्ति की रोजमर्रा पर असर पड़ सकता है। Centers for Disease Control and Prevention के अनुसार, अल्जामर रोग डिमेंशिया का एक सबसे आम प्रकार है। यह ज्यादातर बुजुर्गों को प्रभावित करता है। इस समय डिमेंशिया से करोड़ों लोग जूझ रहे हैं, लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन का मानना है कि लगभग 45 फीसदी डिमेंशिया के मामलों को रोका या टाला जा सकता है।

दुनिया में इतने करोड़ लोग हैं डिमेंशिया से प्रभावित

विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों की बात करें, तो दुनियाभर में लगभग 5.7 करोड़ लोग डिमेंशिया के साथ जी रहे हैं। वहीं, हर साल लगभग 1 करोड़ नए मामले सामने आते हैं। WHO के अनुसार, इस रोग का वर्तमान में कोई इलाज उपलब्ध नहीं है। इसलिए सिर्फ रोकथाम और जोखिम कारकों से बचकर ही डिमेंशिया के खतरे को कम किया जा सकता है।

डिमेंशिया के 45 फीसदी मामलों को टाला जा सकता है

WHO का अनुमान है कि जोखिम कारकों पर नियंत्रण रखकर डिमेंशिया के लगभग 45 फीसदी मामलों को पूरी तरह से रोका या टाला जा सकता है। लेकिन, इसके लिए हेल्दी लाइफस्टाइल और डाइट का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है। अगर सही डाइट ली जाए और रेगुलर व्यायाम-योग किया जाए तो डिमेंशिया से बचा जा सकता है।

डिमेंशिया से बचने के लिए क्या करें?

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, डिमेंशिया के खतरे को कम किया जा सकता है। बचाव के लिए कुछ चीजों का ध्यान रखना जरूरी है। जैसे-

  • डिमेंशिया से बचाव के लिए रेगुलर एक्सरसाइज जरूर करनी चाहिए। अगर आप फिजिकली एक्टिव रहेंगे, तो इस मानसिक रोग से बचाव में मदद मिल सकती है।
  • धूम्रपान कई रोगों का कारण बनता है। इसे डिमेंशिया का भी एक जोखिम कारक माना जाता है। इसलिए डिमेंशिया रोग से बचने के लिए धूम्रपान को पूरी तरह से छोड़ना जरूरी है।
  • शराब का सेवन करने से बचें, यह मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का कारण बन सकता है।
  • ब्रेन हेल्थ के लिए बैलेंस डाइट लेना बहुत जरूरी है। अपनी डाइट में सभी जरूरी विटामिन्स, मिनरल्स और प्रोटीन जरूर शामिल करें।
  • दिमाग को शांत और एक्टिव रखने वाले व्यायाम और प्राणायाम जरूर करें।
  • हाई ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल में रखने की कोशिश करें, ये डिमेंशिया के खतरे को बढ़ा सकते हैं।

    वायु प्रदूषण के संपर्क में कम से कम आने का प्रयास करें।

Disclaimer: अभी तक लोगों को लगता था कि डिमेंशिया से बचाव संभव नहीं है। लेकिन, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने लोगों के मन में एक उम्मीद जगाई है कि सही खान-पान, व्यायाम, तनाव कम करके डिमेंशिया के खतरे को 45 फीसदी तक टाला जा सकता है। इसके साथ ही, हाई बीपी, शुगर और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी नियंत्रण में रखना जरूरी है। अगर आपको डिमेंशिया का कोई लक्षण महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से मिलें और सही इलाज, थेरेपी और देखभाल की मदद से बीमारी के प्रकोप को बढ़ने से रोकने में मदद मिल सकती है।