
अंजू रावत
अंजू रावत एक अनुभवी हेल्थ, फिटनेस, रिलेशनशिप, ब्यूटी और लाइफस्टाइल लेखक हैं, जिन्हें इन विषयों पर लिखने ... Read More
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Dementia Prevention: क्या आप बार-बार बातें भूलने लगे हैं? जीवन के निर्णय लेने में मुश्किल होती है या सोचने-समझने की क्षमता कम हो रही है? अगर हां, तो ये डिमेंशिया के लक्षण हो सकते हैं। हालांकि, यह कोई विशेष बीमारी नहीं है। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें व्यक्ति की मानसिक क्षमता कम हो जाती है और यह उसके जीवन को बुरी तरह से प्रभावित करने लगता है। यह स्थिति व्यक्ति की याद्दाश्त, सोचने-समझने और व्यवहार पर असर डालती है। शुरुआत में यह समस्या आम लग सकती है, लेकिन इसके लक्षण धीरे-धीरे बढ़ते हैं और व्यक्ति की रोजमर्रा पर असर पड़ सकता है। Centers for Disease Control and Prevention के अनुसार, अल्जामर रोग डिमेंशिया का एक सबसे आम प्रकार है। यह ज्यादातर बुजुर्गों को प्रभावित करता है। इस समय डिमेंशिया से करोड़ों लोग जूझ रहे हैं, लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन का मानना है कि लगभग 45 फीसदी डिमेंशिया के मामलों को रोका या टाला जा सकता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों की बात करें, तो दुनियाभर में लगभग 5.7 करोड़ लोग डिमेंशिया के साथ जी रहे हैं। वहीं, हर साल लगभग 1 करोड़ नए मामले सामने आते हैं। WHO के अनुसार, इस रोग का वर्तमान में कोई इलाज उपलब्ध नहीं है। इसलिए सिर्फ रोकथाम और जोखिम कारकों से बचकर ही डिमेंशिया के खतरे को कम किया जा सकता है।
WHO का अनुमान है कि जोखिम कारकों पर नियंत्रण रखकर डिमेंशिया के लगभग 45 फीसदी मामलों को पूरी तरह से रोका या टाला जा सकता है। लेकिन, इसके लिए हेल्दी लाइफस्टाइल और डाइट का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है। अगर सही डाइट ली जाए और रेगुलर व्यायाम-योग किया जाए तो डिमेंशिया से बचा जा सकता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, डिमेंशिया के खतरे को कम किया जा सकता है। बचाव के लिए कुछ चीजों का ध्यान रखना जरूरी है। जैसे-
वायु प्रदूषण के संपर्क में कम से कम आने का प्रयास करें।
Disclaimer: अभी तक लोगों को लगता था कि डिमेंशिया से बचाव संभव नहीं है। लेकिन, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने लोगों के मन में एक उम्मीद जगाई है कि सही खान-पान, व्यायाम, तनाव कम करके डिमेंशिया के खतरे को 45 फीसदी तक टाला जा सकता है। इसके साथ ही, हाई बीपी, शुगर और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी नियंत्रण में रखना जरूरी है। अगर आपको डिमेंशिया का कोई लक्षण महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से मिलें और सही इलाज, थेरेपी और देखभाल की मदद से बीमारी के प्रकोप को बढ़ने से रोकने में मदद मिल सकती है।