ब्रेस्ट कैंसर को मात देकर 40 साल की महिला बनी मां, डॉक्टर की सूझबूझ से नैचुरल तरीके से किया कंसीव

Breast Cancer and Pregnancy : ब्रेस्ट कैंसर के बाद कई बार महिलाओं को कंसीव करने में परेशानी होती है, लेकिन 40 वर्षीय महिला ने सही इलाज और सूझबूझ से सुरक्षित और नैचुरल तरीके कंसीव किया है। आइए जानते हैं इस बार

WrittenBy

Written By: Kishori Mishra | Published : March 17, 2023 12:03 PM IST

Breast Cancer and Pregnancy : हर महिला के लिए मां बनने का सफर काफी खास होता है। इस खूबसूरत एहसास को लगभग हर एक महिला महसूस करना चाहती हैं, लेकिन कई बार कुछ शारीरिक परेशानियों की वजह से मां बनना सफल नहीं हो पाता है। इसके पीछे कई शारीरिक वजह हो सकती हैं, जिसमें गंभीर बीमारियां और कई बार उम्र भी सामने आती हैं। लेकिन अगर आपके इरादे मजबूत हों तो आप हर चीज को हासिल कर सकते हैं। इस बात को 40 वर्षीय सीमा शर्मा ने साबित भी किया हैं। जी हां, ब्रेस्ट कैंसर से प्रभावित थीं, जिन्होंने न सिर्फ इस गंभीर बीमारी को मात दिया बल्कि 40 की उम्र में नैचुरल तरीके से गर्भधारण भी किया है। आइए विस्तार से जानते हैं सीमा शर्मा ने कैसे ब्रेस्ट कैंसर को मात देकर 40 की उम्र में किया गर्भधारण?

सीमा को हुआ था लोकली एडवांस्ड ब्रेस्ट कैंसर 

40 वर्ष की सीमा को लोकली एडवांस्ड ब्रेस्ट कैंसरहुआ था। उनके केस को गुरुग्राम के सीके बिरला अस्पताल के लीड कंसल्टेंट व एचओडी डॉक्टर रोहन खंडेलवाल ने लिया। डॉक्टर ने अपनी टीम के साथ मिलकर सीमा का केस काफी अच्छी तरह से हैंडल किया है। उनकी ही वजह से सीमा आज ने आज सुरक्षित तरीके से 40 की उम्र में कंसीव किया है। 

कैसे हुआ सीमा का इलाज?

डॉक्टर खंडेलवाल का कहना है कि सीमा को 4 साल से ब्रेस्ट कैंसर था। वह लोकली एडवांस्ड ब्रेस्ट कैंसर की चपेट में आई थीं। इलाज के दौरान सबसे पहले उन्हें कीमोथेरेपी दी गई। इसके बाद ब्रेस्ट कैंसर सर्जरी कराई गई और फिर रेडिएशन थेरेपी की मदद से सीमा को ब्रेस्ट कैंसर से पूरी तरह छुटकारा दिलाया गया। 

डॉक्टर का मानना है कि कैंसर लोकल क्षेत्र तक ही सीमित था। साथ ही मेटास्टेसिस का कोई क्लीयर सबूत नहीं मिला था। इसलिए उन्हें कैंसर से लड़ने में काफी हद तक कामयाबी हासिल हुई है। कैंसर का सुरक्षित तरीके से इलाज कराने के बाद सीमा ने बिना किसी आईवीएप ट्रीटमेंट के नैचुरल तरीके से गर्भधारण किया है। कंसीव करने के दौरान उन्हें किसी भी तरह की परेशानी नहीं हुई है। 

कैंसर ट्रीटमेंट के बाद क्यों कंसीव करने में होती है परेशानी?

डॉक्टर रोहन खंडेलवाल का कहना है कि अधिकतर मामलों में कैंसर के इलाज के बाद महिलाओं को नैचुरल तरीके से कंसीव करने में परेशानी होती है। दरअसल, कैंसर ट्रीटमेंट में कीमोथैरेपी की वजह से शरीर में कुछ सेल्स डैमेज हो जाते हैं। इसी वजह से अधिकतर डॉक्टर्स कैंसर ट्रीटमेंट के लगभग 2 साल बाद बेबी प्लान करने की सलाह देते हैं, ताकि शरीर में कीमोथेरेपी का असर न हो। 

इस मामले में महिला को लोकली एडवांस्ड ब्रेस्ट कैंसर हुआ था। महिला की उम्र अधिक थी, इसलिए उन्हें बेबी को लेकर काफी चिंता थी, लेकिन सही तरीके से इलाज के महिला का सफट ट्रीटमेंट हो गया। सीमा ने 5 महीने पहले नेचुरल तरीके से कंसीव किया है। उन्हें गर्भधारण के लिए आईवीएफ ट्रीटमेंट की आवश्यकता नहीं पड़ी। अभी सीमा पूरी तरह से स्वस्थ हैं। 

डॉक्टर खंडेलवाल का सुझाव है कि अगर आपको कोई गंभीर बीमारी है और आप अपनी प्रेग्नेंसी को लेकर चिंतित हैं या फिर अविवाहित महिलाएं या सिंगल हैं, तो इस स्थिति में आपको इलाज से पहले अपने एग और भ्रूण को संरक्षित करने का विकल्प चुनने की आवश्यकता होती है, ताकि आपको भविष्य में गर्भधारण करने में परेशानी न हो। 

लोगों के बीच है फैल रही हैं भ्रामक बातें

डॉक्टर का कहना है कि ब्रेस्ट कैंसर को लेकर लोगों के बीच कुछ भ्रामक जानकारिया हैं। कई लोगों को इस बात की गलतफहमी है कि ब्रेस्ट कैंसर के बाद महिलाओं की प्रजनन क्षमता और ब्रेस्ट फीड कराने की क्षमता कम हो जाती है। हालांकि, ब्रेस्ट कैंसर के ट्रीटमेंट के बाद इस तरह की परेशानी नहीं आती है। सही इलाज और सूझबूझ से महिलाओं की प्रजनन क्षमता और ब्रेस्ट फीड कराने की क्षमता पर किसी तरह का कोई नेगेटिव असर नहीं होता है। 

ब्रेस्ट कैंसर इलाज के बाद आप प्रेग्नेंट हो सकते हैं। इससे आपको किसी भी तरह के भ्रामक बातों में नहीं आना चाहिए। वहीं, अगर आपकी उम्र अधिक है या फिर आप अविवाहित हैं, तो अपना एग संरक्षित जरूर करें। ताकि भविष्य में कंसीव करने में किसी तरह की परेशानी न हों।

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source