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पीसीओएस (PCOS) एक समान्य समस्या है, जो महिलाओं को होती है। इस स्थिति में अनियमित पीरियड्स, मुहांसे, बालों का झड़ना और कई तरह के लक्षणों को देखा जा सकता है। पीसीओएस चार तरह का होता है। जिनके बारे में आपको जान लेना बेहद जरूरी है। पीसीओएस एक तरह की हार्मोनल से जुड़ी समस्या है। जो अक्सर पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) के रूप में जानी जाती है। जो सबसे ज्यादा प्रजनन आयु की महिलाओं को प्रभावित करता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक महिलाओं को अन्य समस्या से ज्यादा पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम होनी की संभावना कहीं ज्यादा होती है। पीसीओएस को रोकने की दिशा में पहला कदम ये समझना जरूरी है कि, महिलाओं में पीसीओएस को क्या ट्रिगर कर सकता है। न्यूट्रिशनिस्ट के मुताबिक, 4 अलग-अलग तरह के पीसीओरस होते हैं। जिनके बारे में जानने के बाद इसका समाधान करने में आसानी हो सकती है।
इस तरह के पीसीओएस से करीब 70 फीसदी महिलाएं ग्रसित हो सकती हैं। इस तरह के पीसीओएस में शरीर कार्ब्स को ठीक तरह से मेटाबोलाइज नहीं कर पाता।
पोस्ट पिल पीसीओएस में आम तौर पर जब आप इसे 6 या उससे ज्यादा महीनों तक दवाएं लेना बंद कर देते हैं। तो इससे शरीर में इस तरह के पीसीओएस होने की संभावना बढ़ जाती है।
शरीर में डीएचईएएस जा लेवल बहुत ज्यादा बढ़ने की वजह से एड्रिनल पीसीओएस हो सकता है। ये ज्यादा तनाव लेने की वजह से हो सकता है।
इस तरह का पीसीओएस तब होता है जब, आपकी आंत लगातार प्रभावित होती रहती है। इसके अलावा कई तरह के मामलों में हाई एचएससीआरपी के लेवल, जोड़ों में दर्द, एक्जिमा या फिर सोरायसिस होता है।
ये पीसीओएस के कुछ ऐसे प्रकार हैं, जिनकी जानकारी होना बेहद जरूरी है। पीसीओएस के इन प्रकारों के बारे में जानकर इनका उचित इलाज किया जा सकता है।