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Non Alcoholic Fatty Liver Disease: ज्यादातर लोगों को लगता है कि सिर्फ शराब पीने से ही लिवर खराब होता है, लेकिन जो लोग ड्रिंक नहीं करते हैं यानी शराब नहीं पीते हैं, उन्हें भी फैटी लिवर डिजीज होने का खतरा रहता है। हो सकता हैं आप भी उन्हीं लोगों में से एक हैं, जो सोचते हैं कि फैटी लिवर केवल शराब पीने वालों में ही होता है। लेकिन आपको यह जानकर हैरानी हो सकती हैं कि यह धारणा पूरी तरह सही नहीं है। आज शराब न पीने वाले लोगों में भी नॉन-एल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज तेजी से बढ़ रहा है। विशेषज्ञ इसे अक्सर 'साइलेंट डिजीज' कहते हैं, क्योंकि शुरुआती चरणों में इसके लक्षण स्पष्ट रूप से नहीं दिखते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि नॉन-अल्कोहोलिक ड्रिंक्स भी आपको नॉन-एल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज का शिकार बना सकती है। लेकिन अगर आप अपने शरीर से मिल रहीं छोटी-छोटी चेतावनियों पर ध्यान दें, तो इसे समय रहते पहचान उपचार अपना सकते हैं।
एनएएफएलडी (नॉन-एल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज) में अक्सर पेट के ऊपरी हिस्से में सूजन नजर आती है, जिसे आप मोटापा समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन अगर कमर के चारों ओर फैट जमा होता दिखाई दे तो यह साफ संकेत है कि एनएएफएलडी बढ़ रहा है। यह न केवल लिवर की समस्या का संकेत देता है, बल्कि मेटाबोलिक सिंड्रोम का भी हिस्सा हो सकता है, जिसे इग्नोर करना खतरनाक साबित होगा।
अगर आप रोजाना सही समय पर सो जाते हैं और सुबह सही समय पर बिस्तर छोड़ देते हैं, लेकिन फिर भी दिनभर थकान महसूस करते हैं तो यह भी एक संकेत हो सकता है। असल में शरीर में एनर्जी का न होना लिवर में फैट जमा होने का संकेत होता है। विशेषतज्ञ बताते हैं कि एनएएफएलडी के कारण शरीर में ऊर्जा का सही इस्तेमाल नहीं हो पाता और यह कमजोरी का कारण बनकर उभरता है, जिसे आपको नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
अगर आपके पेट के दाईं तरफ हल्का दर्द या भारीपन महसूस हो तो डॉक्टर से संपर्क करें। यह लिवर में बढ़ रही सूजन या फैट जमा होने का संकेत है। हालांकि यह दर्द हमेशा तीव्र नहीं होता, इसलिए इसे नजरअंदाज करना आसान होता है। मगर यह भविष्य में आपको नुकसान पहुंचाता है।
एनएएफएलडी जब गंभीर स्थिति में आ जाता है तो यह कभी-कभी त्वचा या आंखों में हल्का पीलापन महसूस कराता है। यह लिवर के सही तरीके से काम न करने का एक महत्वपूर्ण संकेत होता है। इस स्थिति में आपको समय रहते इलाज की जरूरत होती है वरना स्थिति और गंभीर हो सकती है।
हालांकि, जरूरी नहीं है कि इस तरह के लक्षण होना लिवर या उससे जुड़ी किसी गंभीर बीमारी का ही लक्षण हो, लेकिन इस बात को भी आप बिना डॉक्टर से जांच कराएं सुनिश्चित नहीं कर पाएंगे। ऐसे में कई बार इन्हें इग्नोर करना वास्तव में गंभीर समस्या की स्थिति बन जाती है। अगर किसी व्यक्ति को लंबे समय से स्वास्थ्य से जुड़ी कुछ समस्याएं हो रही हैं, तो डॉक्टर से जल्द से जल्द संपर्क कर लेना चाहिए और जांच कराकर यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि यह कोई अंदरूनी गंभीर बीमारी नहीं है। अगर यह कोई अंदरूनी गंभीर बीमारी है, तो इसका समय पर इलाज करने से खतरा कम हो सकता है।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।