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Written By: akhilesh dwivedi | Updated : August 2, 2018 6:25 PM IST
हार्मोन्स का संतुलन जब बिगड़ने लगता है तो शरीर में तमाम तरह के बदलाव होने लगते हैं। महिलाओं में हार्मोनल चेंजेज जब आते हैं तो उन पर विशेष तरह के संकेत दिखाई देते हैं। पुरुषों की तुलना में महिलाओं में हार्मोनल चेंज ज्यादा असर डालता है। महिलाओं में मेनोपॉज के दौरान हार्मोनल चेंज ज्यादा होता है और उसकी वजह से महिलाओं में बहुत से नकारात्मक संकेत भी होते हैं।
आइए जानते हैं ऐसे कुछ संकेतों के बारे में जो हार्मोनल चेंज की वजह से होते हैं।
सेक्स ड्राइव कम होना
महिलाओं में जब हार्मोनल चेंज होते हैं तो लिबिडो कम होने लगता है जिसकी वजह से उनकी सेक्स ड्राइव कम होने लगती है। शरीर में जब लिबिडो का लेवल कम होता है तो उसका असर एस्ट्रोजन हार्मोन पर भी पड़ता है। एस्ट्रोजन हार्मोन सेक्स ड्राइव के लिए सबसे अहम हार्मोन होता है। अगर आप में भी सेक्स के प्रति अरूचि या सेक्स ड्राइव कम हो रही है तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए।
वजन बढ़ना
शरीर में जब हार्मोनल बदलाव आते हैं तो शरीर में कोर्टिसोल का स्तर भी बढ़ने लगता है। कोर्टिसोल के स्तर बढ़ोत्तरी का मतलब है तनाव का बढ़ना और जब तनाव बढ़ता है तो नींद कम आने लगती है जिसकी वजह से मोटापा आने लगता है। अगर आप में भी वजन बढ़ने के संकेत दिखाई दे रहें तो आपको हर्मोनल चेंज के बारे में सतर्क होने की जरूरत है।
चिड़चिडापन और गुस्सा
हार्मोनल चेंज का सबसे बड़ा संकेत मानव के स्वभाव में परिवर्तन को भी माना जाता है। अगर आपको गुस्सा या चिड़चिडेपन की आदत लग रही है तो आपको इसे हार्मोनल चेंज के तौर पर जरूर देखना चाहिए।
तनाव या डिप्रेशन
अक्सर लोगों में एक उम्र के बाद तनाव और डिप्रेशन के लक्षण दिखाई देने लगते हैं। अगर हर वक्त तनाव का एहसास हो तो सतर्क होना चाहिए यह डिप्रेशन में बदल सकता है। कई शोध में इस बात का खुलासा हुआ है कि डिप्रेशन की खास वजह हार्मोनल चेंज होता है।
याददाश्त और ध्यान
महिलाओं में जब किसी बात को बार-बार याद करने की समस्या हो तो इसे हार्मोनल चेंज के तौर पर जरूर परखना चाहिए। किसी काम में अगर मन न लगे या ठीक से फोकस न कर पायें तो इसे हार्मोनल चेंज का संकेत समझना चाहिए।
चित्रस्रोत: Shutterstock.