बुखार, खांसी न होने पर भी लगे ये 4 परेशानियां तो तुरंत कराएं कोरोना टेस्ट, 100 में से 90 लोगों को नहीं दिखते ये बदलाव

जरूरी नहीं है कि सिर्फ बुखार और खांसी होने पर ही आपको कोरोना टेस्ट कराना है बल्कि आप ऐसे संकेतों से अनजान हैं, जो कोरोना का कारण बन सकते हैं।

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Written By: Jitendra Gupta | Published : February 20, 2021 11:37 AM IST

मौजूदा वक्त में भले ही कोरोनावायरस के खिलाफ टीकाकरण अभियान बहुत तेजी से चल रहा हो लेकिन जरूरी है कि सावधानी बरती जाए। कोरोना की सावधानी के रूप में सबसे पहला कदम ये है कि जरा सी भी परेशानी दिखाई देने पर तुरंत कोरोना टेस्ट कराएं। यूं तो कोरोना के तीन सबसे आम लक्षण हैं जैसे बुखार, खांसी / गले में खराश / गंध और स्वाद का अहसास न होना, जिसके बाद आपको कोरोना की जांच करानी ही चाहिए। हालांकि, ये ही तीव केवल लक्षण या चेतावनी भरे संकेत नहीं हैं। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि यह एक नया वायरस है, इसलिए इसके लक्षणों की सूची लगातार बढ़ती ही जा रही है।

शोधकर्ताओं का यह भी मानना है कि ये नया वायरस हमारे शरीर को अलग-अलग और असामान्य तरीकों से प्रभावित करता है। अगर इन संकेतों को सही समय पर न पहचाना जाए या फिर समय रहते इलाज न लिया जाए तो कोई भी व्यक्ति गंभीर समस्याओं और तो और मौत का भी कारण बन सकता है। आइए जानते हैं ऐसे संकेतों के बारे में भी जिनके दिखाई देने पर आपको तुरंत कोरोना टेस्ट करवाना चाहिए।

इन 4 संकेतों के दिखाई देने पर तुंरत कराएं कोरोना जांच

दस्त

दस्त की समस्या को कोरोना के गंभीर संकेतों में से एक माना जाता है और कई अध्ययनों में ये पाया गया है कि दस्त और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्या कोरोना संक्रमण का एक चिंताजनक संकेत हो सकते हैं क्योंकि कोरोना आंत में फैल सकता है, और पूरे पाचन तंत्र को प्रभावित कर सकता है। दस्त, एक सामान्य संकेत है, जिसके बारे में अभी भी बहुत से लोगों को खबर नहीं है। संक्रमण के कारण आपको पेट में ऐंठन, भूख में कमी, अपच, मतली, उल्टी और दर्द हो सकता है। कुछ मामलों में, यह आपके मेटबॉलिज्म में असंतुलन, वजन घटने जैसी समस्याओं में भी बढ़ोत्तरी कर सकता है। इसलिए, अगर आपको भोजन से फूड संक्रमण का डर लग रहा है तो तुरंत जांच कराएं।

ज्यादा थकान रहना और चक्कर आना

थकान रहना कोरोना का सबसे लंबे समय तक रहने वाला लक्षण ही नहीं है बल्कि कुछ लोगों में सिर्फ कोरोना का यही एकमात्र लक्षण हो सकता है। डॉक्टरों के मुताबिक, अब अस्पतालों में इस तरह के मामलों की वृद्धि हो रही है, जो थकान या फिर लंबे अरसे से थकान की समस्या की शिकायत कर रहे हैं। इसलिए, जरूरी है कि इस संकेत को पहचाना जाए। दरअसल थकान आमतौर पर शरीर में वायरल रेप्लीकेशन के कारण होती है या फिर वायरल बीमारी का एक साइड-इफेक्ट है जिससे शरीर लड़ रहा होता है।

गले में खराश

कोरोना संक्रमण के लक्षण सिर्फ बुखार और खांसी ही नहीं हैं। ये वायरस आपके श्वसन मार्ग पर हमला करता है और आपके गले में खराश हो सकती है। गले में खराश, आमतौर पर एलर्जी या मौसमी संक्रमण के कारण होता है लेकिन ये संकेत कोरोना रोगियों को भी खासा प्रभावित कर रहा है। इसलिए, अगर आप लंबे समय तक गले में खराश की समस्या या फिर अपनी आवाज में भारीपन, सांस लेने में तकलीफ या खाना निगलने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं तो यह एक संकेत हो सकता है कि आपको कोरोना की जांच करवानी चाहिए।

मांसपेशियों में दर्द

साइटोकिन्स के कारण आपकी मांसपेशियों में दर्द और सूजन हो सकती है, जिसे ऑटो-इम्यून रिस्पॉन्स का एक आम संकेत माना जाता है। लेकिन अब मांसपेशियों में दर्द को कोरोना का एक सामान्य संकेत माना जाता है और ऐसा होने पर आपको तत्काल जांच करानी चाहिए। ध्यान रखें कि मांसपेशियों में दर्द करोना संक्रमण का एक गंभीर हो संकेत है और बिना बुखार के भी हो सकता है इसलिए जरा सी परेशानी होने पर डॉक्टर को तुरंत दिखाएं।

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