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4 संकेत जो बताते हैं कि दिमाग समय से पहले कमजोर हो रहा है

उम्र बढ़ने के साथ समझदारी और दिमाग के सोचने-समझने की क्षमता में इजाफा होता है।

शरीर में उम्र के साथ बदलाव आते हैं तो उसका असर इंसान के दिमाग पर भी पड़ता है। लेकिन कुछ लोगों में उम्र के हिसाब से दिमाग जल्दी कमजोर होने लगता है। अगर सही तरीके से देखा जाय तो उम्र बढ़ने के साथ समझदारी और दिमाग के सोचने-समझने की क्षमता में इजाफा होता है। कुछ लोगों में एक उम्र के पहले ही दिमाग कमजोर या बूढ़ा होने लगता है।

दिमाग का कमजोर होना कुछ संकेतों के माध्यम से पता चल जाता है। आप जब भी इन तीन तरह के संकेतों को देखें तो कभी भी इग्नोर न करें। इन तीन संकेतों से सतर्क हो जाएं क्योंकि इसका मतलब है कि आप समय से पहले अपनी मेमोरी को कमजोर कर रहे हैं। आइए जानते हैं दिमाग के कमजोर होने के चार संकेतों के बारे में।

बोलते वक्त शब्दों की कमी 

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बोलने के लिए इंसान को दिमागी तौर पर हमेशा चौकन्ना रहना पड़ता है। दिमाग में शब्दों का आना पहले होता है उसके बाद वो मुंह से निकलते हैं। अगर आप बोलते समय यह अनुभव कर रहे हैं कि जो बोलना चाहता हूं वो शब्द ही नहीं आ पा रहा है तो यह दिमाग के कमजोर होने का संकेत है। अगर आपको इस तरह की समस्या का समना करना पड़ रहा है तो यह अल्जाइमर भी हो सकता है।

किसी भी चीज में ध्यान न लगना 

अगर आपको ध्यान लगाने में परेशानी होती है और आप किसी एक ही काम पर फोकस नहीं कर पाते हैं तो यह आपके दिमाग की न्यूरोलॉजिकल समस्या का संकेत हो सकता है। बार-बार ध्यान भटकना भी संकेत है जो बताता है कि आपका दिमाग बूढ़ा हो रहा है।

सूंघने की शक्ति कम होना

जब आपका दिमाग बूढ़ा होने लगता है तो इसके सूंघने और सुनने की क्षमता कम हो जाती है। दिमाग और कान-नाक की नसों के मध्य जटिल बदलाव आने के कारण होता है। ऐसे में आपको सुनने और सूंघने में परेशानी होती है। यह संकेत बताता है कि आपका दिमाग समय से पहले बूढ़ा हो रहा है।

सुनने में परेशानी होना 

जब इंसान का दिमाग कमजोर होने लगता है तो सुनने की क्षमता में भी कमी देखी जाती है। दिमाग और इंसान के कान का सीधा संपर्क होता है। अगर आपको भी सुनने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तो यह दिमाग के कमजोर होने के संके हैं।

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