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3एचकेयर ने आयोजित किया युवाओं के लिए हेल्थ कैंप, विशेषज्ञों ने कहा, जरूरी है जीवनशैली में बदलाव

3 एच केयर डॉट इन द्वारा आयोजित इस 2 दिन के कैंप में सभी लोगों की जांच की गई। उन्हें स्वास्थ्य संबंधी सलाह दी गई और बताया गया कि उन्हें अपनी जीवनशैली में किस प्रकार के बदलाव करना चाहिए। उन्हें योग, नियमित एक्सरसाइज और शारीरिक रूप से सक्रीय रहने के लिए कहा गया।

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Written By: Anshumala | Published : August 27, 2019 2:10 PM IST

ऑनलाइन हेल्थ केयर पोर्टल ‘3 एच केयर डॉट इन’ (3hcare) ने आईसीआईसीआई लॉम्बार्ड बैंक के साथ मिलकर पुणे में 2 दिवसीय मुफ्त हेल्थ चेकअप कैंप का आयोजन किया। इस कैंप में आईसीआईसीआई लॉम्बार्ड के कर्मचारी सहित लगभग 130 लोगो ने भाग लिया। इस हेल्थ कैंप के जरिए उन्होंने सभी प्रतिभागियों की जांच की और उन्हें स्वास्थ्य और फिटनेस (3hcare) के महत्व के बारे में जागरूक भी किया गया।

3 एच केयर डॉट इन (3hcare) द्वारा आयोजित इस 2 दिन के कैंप में सभी लोगों की जांच की गई। उन्हें स्वास्थ्य संबंधी सलाह दी गई और बताया गया कि उन्हें अपनी जीवनशैली में किस प्रकार के बदलाव करना चाहिए। उन्हें योग, नियमित एक्सरसाइज और शारीरिक रूप से सक्रीय रहने के लिए कहा गया।

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युवाओं में हेल्थ समस्याएं बढ़ रही हैं लगातार 

3 एच केयर डॉट इन की संस्थापक और सीईओ, सीए (डॉ.) रुचि गुप्ता ने इस कैंप के बारे में बात करते हुए बताया कि बैंको में अच्छे करियर और फाइनेंस के अवसरों के कारण अधिक से अधिक युवा इसमें काम करना पसंद करते हैं, लेकिन व्यस्त दिनचर्या के कारण वे अपने स्वास्थ्य का ख्याल ठीक से नहीं रख पाते हैं। आज वेस्टरनाइजेशन और लाइफस्टाइल भारतीय युवाओं के बीच सिर्फ ट्रेंड ही नहीं कर रहे बल्कि अपने साथ कई तरह के हेल्थ समस्याएं भी ला रहे हैं। हाइपरटेंशन, स्ट्रेस और कई अन्य समस्याओं से जूझ रहे युवा रोगियों की संख्या में वृद्धि हो रही है, जिससे उनमें संबंधित बीमारियां होने की संभावनाएं भी बढ़ रही हैं।”

सभी लोगों को रुटीन चेकअप के महत्व को समझाया गया। यह पहली बार नहीं है जब इस हेल्थ केयर पोर्टल ने इस प्रकार का जनहित कदम उठाया है। सीए (डॉ.) रुचि गुप्ता ने आगे बताया कि सालों से चिकित्सा विशेषज्ञ यह कहते आ रहे हैं कि हर किसी को समय-समय पर जांच कराते रहना चाहिए। जांच के लिए उन्हें किसी बीमारी या समस्या का इंतजार नहीं करना चाहिए। रूटीन चेकअप कराने से स्वास्थ्य संबंधी सभी मामलों की खबर रखी जा सकती है। यहां तक कि यदि कोई बीमारी भविष्य में विकसित हो सकती है तो जांच से उसकी पहचान कर उसे विकसित होने से रोका जा सकता है और समय पर इलाज भी किया जा सकता है।

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