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High Cholesterol side effects: बैड कोलेस्ट्रॉल के नुकसान के बारे में हेल्थ एक्सपर्ट्स और डॉक्टरों द्वारा हमेशा लोगों को सावधान किया जाता है। क्योंकि, शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाने के बाद हार्ट हेल्थ बुरी तरह प्रभावित होती है। बता दें कि, बैड कोलेस्ट्रॉल हार्ट अटैक का एक प्रमुख कारण है और कोलेस्ट्रॉल लेवल अनियंत्रित रहने से हार्ट से जुड़ी नसें ठीक तरह से काम नहीं कर पातीं। लेकिन, इन सबके बावजूद लोगों में बैड कोलेस्ट्रॉल का लेवल हाई दिखायी देता है। एक नयी स्टडी में कहा गया है कि वर्तमान में भारत में 31 प्रतिशत लोगों में हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या (High Cholesterol problem in India) है। वहीं, अकेले केरल राज्य में सबसे अधिक (63 प्रतिशत) लोगों में हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या देखी गयी।
हेल्थियंस (Healthians) द्वारा की गयी इस स्टडी में पाया गया कि युवाओं में भी हाई कोलेस्ट्रॉल का लेवल बहुत अधिक है। 35 से 55 साल के लगभग 35 प्रतिशत लोगों में हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या पायी गयी। जबकि, राजधानी दिल्ली और उत्तर प्रदेश में 17% और बिहार में 15% लोगों में हाई कोलेस्ट्रॉल की स्थिति देखी गयी।
वहीं, पुरुषों और महिलाओं में हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या लगभग समान ही देखी गयीं।
बैड कोलेस्ट्रॉल लेवल हाई होने से हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है।
फैटी लिवर डिजिज या लिवर में सूजन से संबधित बीमारियां भी हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल की वजह से बढ़ सकती हैं।
हार्ट हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. गगन सैनी (Dr. Gagan Saini, heart health expert at Healthians) कहते हैं कि, “हाई कोलेस्ट्रॉल लाइफस्टाइल से जुड़ी एक समस्या है और इसमें लोगों के शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर गलत आदतों की वजह से बढ़ने लगता है। खाने-पाने से जुड़ी अनहेल्दी आदतें, इनएक्टिव रहने वाली लाइफस्टाइल और तनाव हाई कोलेस्ट्रॉल के मुख्य कारण हैं।” शरीर में कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ने के पीछे ये आदतें मुख्य रूप से रिस्क फैक्टर का काम करती हैं-
जंक फूड्स और प्रोसेस्ड फूड्स का अधिक सेवन
तला-भुना और मसालेदार खाना
एक्सरसाइज ना करना
अनहेल्दी लाइफस्टाइल
नियमित अपना हेल्थ चेक अप कराएं (Promote regular health check-ups)अपने कोलेस्ट्रॉल लेवल, लिपिड और ब्लड प्रेशर लेवल में होनेवाले उतार-चढ़ाव पर ध्यान दें।
तला-भुना कम खाएं, प्रोसेस्ड और हाई फैट वाले फूड्स (Foods with high fat) खाने से बचें।
नियमित एक्सरसाइज करें, एक जगह पर बैठकर लगातार काम करने से बचें। अगर डेस्क जॉब करते हैं तो काम के बीच ब्रेक लेकर थोड़ी वॉक करें।
रोजाना सुबह या शाम में वॉक करें। विशेषकर खाना खाने के बाद वॉकजरूर करें।
लाइफस्टाइल से जुड़ी सभी बीमारियों के बारे में अपनी जानकारी बढ़ाएं और उससे बचाव के लिए लाइफस्टाइल में जरूरी बदलाव करें।
अगर आप तनाव से ग्रस्त हैं तो स्ट्रेस लेवल को कम करने के उपाय सीखें। रोजाना 8-9 घंटें की नींद सोएं और योग, मेडिटेशन, म्यूजिक थेरेपी अपनाएं।
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