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Written By: Jitendra Gupta | Published : September 3, 2021 9:02 PM IST
Image credits by: स्कूल जाने वाले बच्चों में कोरोना का खतरा कम करने के लिए करें ये 3 काम, स्कूल भेजना होगा आसान
डेढ़ साल की ऑनलाइन शिक्षा के बाद, बच्चे आखिरकार कक्षाओं में वापस जा रहे हैं। बच्चे स्कूल वापस जाने के लिए बहुत उत्साहित भी हैं लेकिन डेल्टा वेरिएंट, सर्दी-जुखाम और अन्य सांस संबंधी संक्रमण जो स्कूल में आसानी से फैल सकते है, माता-पिता को बहुत चिंतित कर रहे हैं। आज हम यहां आपको तीन चीजें बताएंगे, जिसके बारे में हर माता-पिता को जानने की जरूरत है।
अभी सबसे ज्यादा हैरान करने वाला सवाल यह है कि क्या यह सर्दी है या कोरोना? कोरोना के लक्षण सामान्य सर्दी के समान ही होते हैं। जिनमें हल्का बुखार, नाक बहना, गले में खराश, सिरदर्द, खांसी जैसी समस्याएं शामिल हैं। एक संक्रमित बच्चे में कई लक्षण हो सकते हैं और हो सकता है कि कोई भी लक्षण ना हो। बच्चों में गंध और स्वाद ना आना आम नहीं है, खासकर छोटे बच्चों में। ऐसा एक भी लक्षण नहीं है जो कोरोना को सामान्य सर्दी जुखाम से अलग कर सके।
हालांकि, कोरोना संक्रमण वाले कुछ बच्चों और किशोरों में देखा जाने वाला एकमात्र अनूठा लक्षण - पैर की उंगलियों पर खरोंच जैसे त्वचा के घाव है। यह दुर्लभ है और इससे कोरोना की पुष्टि नहीं की जा सकती। इसलिए जरूरी है कि संदेह की स्थिति में जांच कराई जाए।
यह फैसला करना मुश्किल हो सकता है कि बच्चे का परीक्षण किया जाए या नहीं। भले ही उनके लक्षण कितने भी मामूली क्यों ना हों। लेकिन अगर घर में कोई सदस्य है जो उच्च जोखिम में है, जैसे कि एक प्रतिरक्षाविहीन या वृद्ध व्यक्ति। अगर बच्चा स्कूल जा रहा है, बाहर खेल रहा है या दोस्तों से मिल रहा है, तो उसका परीक्षण अवश्य किया जाना चाहिए। बच्चे का शीघ्र परीक्षण कराने से दूसरों को संक्रमित होने से बचाया जा सकता है।
अगर आपका बच्चा कोरोना पॉजिटव आता है तो सबसे पहले तो आपको घबराना नहीं है। ऐसे में घर के बाकी सभी लोगों की भी जांच होनी चाहिए। बच्चों में कोरोना के लिए अभी तक कोई स्वीकृत उपचार नहीं है। उन्हें हाइड्रेटेड रहने के लिए बस पर्याप्त आराम और ढेर सारे तरल पदार्थ लेने की जरूरत है।
अपने बच्चों के लक्षणों पर नज़र रखें। अगर आपको बच्चे में कोई गंभीर लक्षण नजर आए तो अपने बाल रोग विशेषज्ञ को सूचित करें। अचानक सांस लेने में तकलीफ, सीने में तेज दर्द, तेज बुखार, पेट में तेज दर्द और सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षणों से सावधान रहें, क्योंकि यह एमआईएस-सी या मल्टीसिस्टम इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम का संकेत हो सकता है।
किसी भी तरह की बीमारी, यहां तक कि सामान्य सर्दी और फ्लू को रोकने के लिए मास्क पहनना, टीका लगवाना और अच्छे स्वच्छता उपायों का पालन करना महत्वपूर्ण है।
Disclaimer: The content on TheHealthSite.com is only for informational purposes. It is not at all professional medical advice. Always consult your doctor or a healthcare specialist for any questions regarding your health or a medical condition.