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How to identify kidney is working properly : किडनी यानि गुर्दे हमारे शरीर के महत्वपूर्ण अंग है और ये शरीर में बहुत जरूरी काम करते हैं। गुर्दे न सिर्फ शरीर से अतिरिक्त तरल एवं व्यर्थ पदार्थों को बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं बल्कि ब्लड प्रेशर को नियमित करने, इलेक्ट्रोलाईट का संतुलन बनाने, रैड ब्लड सैल्स बनाने वाले हॉर्मोन्स को विनियमित करने में इनकी मुख्य भूमिका होती है। हालांकि किडनी को नुकसान पहुंचने पर क्रोनिक किडनी रोग हो जाता है और किडनी रक्त को उस तरह से फिल्टर नहीं कर पाती, जैसे करना चाहिए। नोएडा स्थित जेपी हॉस्पिटल, डिपार्टमेन्ट ऑफ नेफ्रोलोजी एण्ड किडनी ट्रांसप्लान्ट, डायरेक्टर, डॉ विजय कुमार सिन्हा का कहना है कि सीकेडी एक गंभीर रोग है, अगर इसका उपचार न किया जाए तो यह किडनी फेलियर का कारण बन सकता है। नियमित जांच के द्वारा किडनी फंक्शन पर निगरानी रखी जा सकती है और सीकेडी का जल्द से जल्द पता लगाकर उपचार किया जा सकता है।
सीकेडी किसी को भी हो सकता है। लेकिन इसके मुख्य कारण हैंः
1-डायबिटीज
2-हाई ब्लड प्रेशर
3-किडनी रोगों का पारिवारिक इतिहास
4-60 से अधिक उम्र
5-मोटापा
6-धूम्रपान
7-लम्बे समय तक कुछ दवाएं लेना जैसे एनएसएआईडी
नियमित जांच किडनी फंक्शन्स पर निगरानी रखने और सीकेडी का जल्द पता लगाने के लिए बहुत ज़रूरी है। समय पर जांच और उपचार से रोग बढ़ने और जटिलताओं जैसे किडनी फेलियर की संभावना कम हो जाती है।
जांच के दौरान आपका चिकित्सक किडनी फंक्शन्स की जांच के लिए कई टेस्ट करता है जैसे
1-ब्लड टेस्टः ब्लड टेस्ट यानि खून की जांच से रक्त में क्रिएटिनाईन एवं अन्य व्यर्थ पदार्थों का स्तर पता लगाया जाता है। क्रिएटिनाईन बढ़ने का अर्थ है कि किडनी फंक्शन कम हो रहे हैं।
2-यूरीन टेस्टः यानि पेशाब की जांच से यूरीन में प्रोटीन और रक्त का पता लगाया जाता है। ये किडनी को नुकसान पहुंचने के संकेत हो सकते हैं।
3-ब्लड प्रेशर नापना- लम्बे समय तक ब्लड प्रेशर ज़्यादा रहने से किडनी को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए नियमित रूप से ब्लड प्रेशर पर निगरानी रखकर किडनी को नुकसान से बचाया जा सकता हैं
आपका डॉक्टर आपकी मेडिकल हिस्ट्री और सीकेडी के कारणों की भी जांच करता है। इस आधार पर आपको जांच एवं किडनी फंक्शन पर निगरानी रखने की सलाह दी जाती है।
नियमित जांच के अलावा आप किडनी को सुरक्षित रखने के लिए कई तरीके अपना सकते हैं। जैसे-
1-अपने ब्लड शुगर पर नियन्त्रण रखें - अगर आपको डायबिटीज़ है तो अपने ब्लड शुगर को नियन्त्रण में रखें, इससे किडनी को नुकसान पहुंचने की संभावना कम हो जाएगी।
2-ब्लड प्रेशर पर नियन्त्रण रखें- लम्बे समय तक ब्लड प्रेशर ज़्यादा रहने से किडनी को नुकसान पहुंचता है। इसलिए ब्लड प्रेशर को सामान्य बनाए रखकर किडनी को नुकसान से सुरक्षित रखा जा सकता है।
3-वजन पर नियन्त्रण रखें- मोटापे के कारण सीकेडी की संभावना बढ़ती है। इसलिए नियमित व्यायाम और सेहतमंद आहार से अपने वज़न पर नियन्त्रण रखें।
4-दवाओं का उपयोग सीमित रूप से करें- लम्बे समय तक कुछ दवाओं जैसे एनएसएआईडी के सेवन से किडनी को नुकसान पहुंचने की संभावना बढ़ती है। इसलिए इन दवाओं के सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह लें।
5-धूम्रपान छोड़ दें- धूम्रपान से सीकेडी एवं किडनी को नुकसान पहुंचने की संभावना बढ़ती है। इसलिए धूम्रपान छोड़क आप किडनी रोगों की संभावना को कम कर सकते हैं।
6-पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं, इससे किडनी से टॉक्सिन्स बाहर निकालने में मदद मिलती है और किडनी को नुकसान से बचाया जा सकता है।
कुल मिलाकर, नियमित जांच के द्वारा किडनी फंक्शन पर निगरानी रखी जा सकती है और सीकेडी का जल्द निदान किया जा सकता है। जल्दी जांच और उपचार से जटिलता की संभावना कम हो जाती है। अगर आपमें सीकेडी की संभावना है तो अपने डॉक्टर से बात करें, नियमित जांच और रोकथाम के उपायों के बारे में जानें। उचित कदम उठाकर आप किडनी तथा अपने समग्र स्वास्थ्य को सुरक्षित रख सकते है।