
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
सर्दियों में हार्ट अटैक के कारण
Heart disease in winter: ठंड जैसे-जैसे बढ़ती है दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। कई रिसर्चों में भी यह साबित हो चुका है कि सर्दियों के दिनों में हार्ट अटैक आने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए खासतौर पर उन लोगों को ठंड के दिनों में अपने दिल की खास देखभाल रखना जरूरी है, जिन्हें पहले से ही हार्ट के जुड़ी कोई समस्या है। इसके अलावा जिन लोगों के परिवार में पहले भी किसी को हार्ट अटैक आ चुका है या दिल से जुड़ी कोई अन्य बीमारी है, तो उन्हें खास ध्यान रखने की जरूरत होती है। लेकिन सर्दियों में होने वाला हार्ट अटैक सिर्फ जेनेटिक कारणों से ही नहीं होता है, कई बार हमारे द्वारा की गई कुछ गलतियां भी हार्ट अटैक का कारण बन सकती हैं। इस लेख में हम आपको सर्दियों में अक्सर की जाने वाली ऐसी ही गलतियों के बारे में बताने वाले हैं, जो हार्ट अटैक का कारण बन सकती हैं।
सर्दियों के दिनों में हमारी शरीर की रक्त वाहिकाएं सिकुड़ने लगती हैं और इस कारण से बॉडी में ब्लड को सर्कुलेट करने के लिए दिल को जरूरत से ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। लंबे समय तक यह प्रक्रिया हृदय की क्षमता पर प्रभाव डाल सकती है और इस कारण से हार्ट अटैक या दिल से जुड़ी अन्य समस्याएं होने का खतरा भी बढ़ जाता है।
सर्दियों में हम अक्सर बहुत ही कम मात्रा में पानी पीते हैं और इस कारण से शरीर में पानी की कमी हो सकती है। शरीर में पानी की कमी होने के कारण दिल की मांसपेशियों को भी पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल पाता है और इस कारण से हार्ट अटैक आने का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही पानी की कमी ब्लड प्रेशर को कम कर सकती है, जो हार्ट अटैक का कारण बन सकता है।
शरीर का तापमान कम होना सीधे हमारी इम्यूनिटी को कमजोर बनाता है। सर्दियों में कमजोर इम्यूनिटी के कारण सर्दी-खांसी से जुड़ी समस्याएं होने लगती हैं। सर्दी, जुकाम व खांसी जैसी समस्याओं में दिल की मांसपेशियों में ऑक्सीजन युक्त रक्त दिल की मांसपेशियों तक पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पाता है और यह स्थिति हार्ट अटैक का कारण बन सकती है।