कच्चा मीट सेहत के लिए है खतरनाक, इन 4 बीमारियों का है खतरा

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, सिर्फ कच्चा मीट ही नहीं, बल्कि पके हुए मीट का अधिक सेवन करने से भी शरीर पर बुरा असर पड़ता है। कच्चे मीट खाने के नुकसान-

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Written By: Kishori Mishra | Updated : July 28, 2020 12:01 PM IST

Disadvantages of Raw Meats : मीट का सेवन बहुत से लोग करते हैं, कुछ लोगों को मीट बहुत ही अधिक पसंद होता है। लेकिन क्या आप कच्चे मीट का सेवन करते हैं? अगर हां, तो सावधान हो जाएं। कच्चा मीट सेहत के लिए बहुच ही नुकसानदायी हो (Disadvantages of Raw Meats) सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, सिर्फ कच्चा मीट ही नहीं, बल्कि पके हुए मीट का अधिक सेवन करने से भी शरीर पर बुरा असर पड़ता है। अगर आप यह सोच रहे हैं कि आप कच्चा मीट नहीं खाते हैं, तो बता दें कि कुछ पके हुए रोस्टेड मीट भी कच्चा हो सकता है। मीट बहुत जल्दी पकता नहीं है और यह सेहत पर विपरीत असर डाल सकता है। आइए जानते हैं कच्चे मीट (Disadvantages of Raw Meats) का सेवन करने से सेहत पर क्या असर पड़ता है-

कच्‍चे मांस को खाने से होने वाले दुष्‍प्रभाव 

साल्मोनेला या साल्मोनेलोसिस

साल्मोनेला एक जीवाणु संक्रमण है, जिसके कारण साल्मोनेला नामक रोग होता है। यह बीमारी कच्चे मीट यानी बीफ खाने की वजह से हो सकता है। इस तरह के बैक्टीरिया जानवरों के अंदर बिना किसी नुकसान पहुंचाए जीवित रह सकते हैं। साल्‍मोनेला के कारण पेट में ऐंठन, दस्त और बुखार (Fever) जैसी समस्याएं हो सकती हैं। शरीर में इस बैक्टीरिया की वजह से आंत पर बुरा असर पड़ता है, जिसके बाद धीर-धीरे शरीर के अन्य हिस्से जैसे- हड्डियां, ब्लड सर्कुलेशन और जोड़ों पर भी असर पड़ने लगता है।

लिस्टेरिया या लिस्टरियोसिस

लिस्टेरिया मोनोसाइटोजेन्स एक बैक्टीरिया है, जो मवेशियों और मुर्गियों में पाया जाता है। कच्चा मीट या फिर सही से मीट ना पकाकर खाने से इस बैक्‍टीरिया के फैलने का खतरा होता है। मीट खाने के करीब 24 घंटे बाद इसका असर शरीर पर पड़ता है। इसके कारण हमारे शरीर में दर्द, बुखार, मितली और दस्त जैसी शिकायत होने लगती है। इसके अलावा इस बैक्टीरिया के कारण गर्भवती महिलाओं में गर्भपात प्रीटरम या फिर  स्टिलबर्थ डिलीवरी का कारण बन सकता है, जो शिशु पर भी बुरा असर डाल सकते हैं।

कैंपाइलोबेक्टर या कैंपिलोबैक्टीरिया

आधा पके हुए या फिर कच्चे मीट का सेवन करने से शरीर पर बुरा असर पड़ सकता है। इसके कारण कैंपिलोबैक्टीरिया बैक्टीरिया होने का खतरा होता है, जो आमतौर पर पोल्ट्री और मवेशियों के पाचन तंत्र में होता है। इसके कारण गंभीर रूप से फूड पॉइजनिंग की शिकायत होने लगती है। इस संक्रमण के लक्षण बैक्टीरिया के प्रवेश के लगभग 2 दिनों के बाद दिखने लगता है। यह शरीर की इम्यून पावर को कमजोर कर देती है।

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