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Written By: Atul Modi | Published : February 13, 2023 6:10 PM IST
कैंसर एक ऐसी जानलेवा बीमारी है, जिसमें शरीर की कुछ कोशिकाएं कंट्रोल से ज्यादा बढ़ने लगती हैं। यह बढ़ी हुई कोशिकाएं अन्य ऊतकों तक फ़ैल सकती हैं। हालांकि कैंसर का इलाज शुरुआती चरणों में सर्जरी और अन्य तरीकों की मदद से किया जा सकता है, जिस वजह से इसके जल्दी उपचार की संभावना भी बढ़ जाती है। हालांकि, इन सबके बाद भी कैंसर का वापस आने का खतरा हमेशा बना रहता है। जिस वजह से दिमाग में कई तरह के विचार आने लगते हैं, जो सदमे से लेकर डर तक होते हैं। ऐसा माना जाता है कि, शुरूआती इलाज के बाद कैंसर को वापस लौटने (Cancer Recurrence) में हफ्तों से लेकर सालों तक का समय लग सकता है। इसके पीछे के कारण अलग-अलग हो सकते हैं। जो कैंसर के तरीके पर निर्भर करते हैं।
जब कैंसर का इलाज होने के बाद कैंसर कोशिकाएं दोबारा पनपने लगती हैं तो डॉक्टर इसे 'कैंसर रिकरेंस' (Cancer Recurrence Meaning) के नाम से परिभाषित करते हैं। यह उसी जगह पर आ सकता है, जिस जगह पर पहले शुरू हुआ था, या फिर शरीर में कहीं भी आ सकता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, जब शरीर के किसी नये अंग पर कैंसर फैलता है, तब भी उसका नाम उस जगह के नाम पर रखा जाता है, जहां से ये शुरू होता है।
कैंसर शरीर के किस अंग पर विकसित हुआ और कितनी दूरी तक फ़ैल गया है, इसके आधार पर अलग-अलग कैंसर रिकरेंस हो सकता है, जैसे:
सबसे पहले इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि, कैंसर का इलाज और इसके वापस आने के बीच का समय जितना कम होता है, स्थिति उतनी गंभीर हो सकती है। ऐसा क्यों है, इसके पीछे तीन कारण हैं:
यह कुछ ऐसी वजहें हैं, जिनके चलते कैंसर की पुनरावृत्ति (कैंसर रिकरेंस) यानि की कैंसर के फिर से वापस लौटने की वजह बन सकते हैं।