
अंजू रावत
अंजू रावत एक अनुभवी हेल्थ, फिटनेस, रिलेशनशिप, ब्यूटी और लाइफस्टाइल लेखक हैं, जिन्हें इन विषयों पर लिखने ... Read More
Written By: Anju Rawat | Updated : April 28, 2026 6:22 PM IST
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Hepatitis B and C: हेपेटाइटिस लिवर में होने वाली एक गंभीर सूजन है। यह आमतौर पर वायरल संक्रमण (A, B, C, D, E) के कारण होती है। हेपेटाइटिस का समय पर इलाज बहुत जरूरी है, अन्यथा यह जानलेवा होता है। दरअसल, इस समय सभी देश साल 2030 तक हेपेटाइटिस के मामलों को कम करने की दिशा में काम कर रहे हैं। लेकिन, क्या वाकई 2030 तक इस बीमारी से होने वाले बड़े खतरों को कम किया जा सकता है? इन पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने एक रिपोर्ट जारी करते हुए हेपेटाइटिस बी और सी को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सांझा किए हैं।
| मुख्य बातें | विस्तार |
| नए मामले | हर साल लगभग 18 लाख नए मामने सामने आते हैं। |
| मौत | साल 2024 में लगभग 13.40 लाख लोगों की हेपेटाइटिस से जान गई हैं। |
| हेपेटाइटिस बी | नए मामलों में 32 प्रतिशत की कमी आई है। |
| हेपेटाइटिस सी | इस बीमारी से 12 फीसदी मौतों में कमी आई है। |
WHO के अनुसार, हेपेटाइटिस बी और सी अभी भी दुनियाभर में एक बड़ी बीमारी बनी हुई है। इस बीमारी की वजह से हर साल लाखों लोग अपनी जान गंवाते हैं। साल 2024 की बात करें, तो लगभग 13 लाख 40 हजार लोगों की हेपेटाइटिस से मौत हुई थी। वहीं, हर दिन हेपेटाइटिस से 4900 से ज्यादा लोग संक्रमण का शिकार हो रहे हैं यानी साल में करीब 18 लाख नए मामले सामने आते हैं।
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विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार, भले ही हेपेटाइटिस के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। लेकिन, अच्छी खबर यह है कि हेपेटाइटिस बी और सी के मामलों में पिछले कुछ सालों से गिरावट आई है।
भले ही हेपेटाइटिस के मामलों और मौतों के आंकड़ों में कमी आई हो, लेकिन WHO की रिपोर्ट चेतावनी देती है कि जिस हिसाब से हेपेटाइटिस के मामले सामने आ रहे हैं, उस प्रगति से 2030 तक दुनिया के लिए लक्ष्यों को पूरा करना मुश्किल हो सकता है। दुनियाभर के देशों को रोकथाम, टेस्टिंग और इलाज के प्रयासों में तेजी लाने की तत्काल जरूरत है।
WHO के HIV, TB, Hepatitis विभाग की निदेशक डॉ. टेरेजा कासाएवा कहते हैं कि देशों को तेजी से कदम उठाने की जरूरत है, ताकि हेपेटाइटिस B और C के मामलों को कम करने में मदद मिल सके। स्क्रीनिंग, वैक्सीनेशन और समय पर इलाज, इन चीजों पर तेजी से काम करने की बहुत जरूरत है।
रिपोर्ट के अनुसार, भारत उन देशों में शामिल हैं जहां हेपेटाइटिस बी और सी से मौतों का बोझ सबसे ज्यादा है। साल 2024 में दुनियाभर में हेपेटाइटिस बी से लाखों लोग की जान गई थी। इनमें 69 फीसदी मौतों के लिए सिर्फ 10 देश जिम्मेदार हैं। जहां, हेपेटाइटिस बी के सबसे ज्यादा मामले आते हैं और मौत होती हैं। इनमें भारत 5वें नंबर पर है। बांग्लादेश और चीन में हेपेटाइटिस बी से लोगों की सबसे ज्यादा मौत होती है। इससे साफ है कि स्क्रीनिंग, वैक्सीनेशन और समय पर इलाज, इन चीजों पर तेजी से काम करने की बहुत जरूरत है।
हेपेटाइटिस एक जानलेवा बीमारी है, इस बीमारी का समय पर इलाज बहुत जरूरी है। अगर आपको हेपेटाइटिस का कोई भी लक्षण महसूस होता है, तो इस संकेत की अनदेखी बिल्कुल न करें। खासकर, अगर आपके परिवार में किसी को हेपेटाइटिस रोग है तो जांच करवाना भी बहुत जरूरी है। इससे समय पर निदान और इलाज में मदद मिल सकती है।
लिवर से जुड़े हेपेटाइटिस इंफेक्शन के 2 स्टेज होते हैं, पहला स्टेज या शुरूआती स्टेज अक्यूट हेपेटाइटिस कहा जाता है।
हां, हेपेटाइटिस सी खतरनाक हो सकता है, लेकिन इसका इलाज संभव है।
हेपेटाइटिस डी को सह-संक्रमण होने पर हेपेटाइटिस बी की तुलना में अधिक खतरनाक माना जाता है।
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