हैदराबाद के हॉस्पिटल में मरीज की किडनी से निकाली गईं 156 पथरियां, दिखें जब ये 10 लक्षण तो गुर्दे की कराएं जांच

कर्नाटक के हुबली में एक स्कूल शिक्षक बसवराज (उम्र 50) के पेट में अचानक दर्द हुआ तो स्क्रीनिंग में पता चला उसके गुर्दे में पथरी है। हॉस्पिटल में जब लेप्रोस्कोपी और एंडोस्कोपी किया गया, तो मरीज के गुर्दे से 156 पथरी निकाली गई।

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Written By: Anshumala | Published : December 16, 2021 8:42 PM IST

Symptoms of Kidney Stone in Hindi: किसी व्यक्ति के गुर्दे (किडनी) में 156 पथरी (Stone) हो, तो सोचिए उसकी क्या हालत होगी। उसे कितना दर्द होगा। जी हां, यह सुनकर थोड़ा हैरान हुए होंगे आप, लेकिन यह सच है। हैदराबाद में एक व्यक्ति के गुर्दे से 156 पथरी (Kidney Stone) को निकाला गया है। इस मरीज का नाम बसवराज मदीवालर है, जो कर्नाटक के हुबली में एक स्कूल शिक्षक है। बसवराज की उम्र 50 वर्ष है। एक दिन इसने अपने पेट के पास अचानक दर्द महसूस किया। जब स्क्रीनिंग की गई तो पता चला उसके गुर्दे में पथरी है। हॉस्पिटल में जब लेप्रोस्कोपी और एंडोस्कोपी किया गया, तो मरीज के गुर्दे से 156 पथरी निकाली गई। शहर की एक प्रमुख रीनल केयर फैसिलिटी प्रीति यूरोलॉजी एंड किडनी हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने कीहोल ओपनिंग के जरिए पथरी निकाली।

लेप्रोस्कोपी और एंडोस्कोपी के जरिए निकाली गई पथरी

डॉक्टर्स ने कहा कि बिना बड़ी सर्जरी किए लेप्रोस्कोपी और एंडोस्कोपी के जरिए देश में किसी एक मरीज के गुर्दे से निकाले गए किडनी स्टोन (Kidney stone treatment)की यह अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। रोगी को एक्टोपिक किडनी (Ectopic kidney) की भी समस्या है। इसका मतलब है, उसकी किडनी मूत्र पथ में अपनी सामान्य स्थिति की बजाय उसके पेट के पास मौजूद थी। डॉक्टरों का कहना है कि किडनी से असामान्य रूप से पथरी निकालना निश्चित रूप से एक चुनौतीपूर्ण काम था।

किडनी में पथरी होने के लक्षण (Symptoms of Kidney stone in Hindi) 

मरीज के पेट में दो साल से अधिक समय से पत्थरी बन रही होगी, लेकिन अतीत में कभी भी किसी भी लक्षण का अनुभव नहीं किया। हालांकि, अचानक दर्द की घटना ने उन्हें सभी आवश्यक टेस्टों से गुजरने के लिए मजबूर कर दिया, जिसके बाद गुर्दे की पथरी का पता चला। तीन घंटे तक चलने वाली प्रक्रिया के बाद पत्थरियों को पूरी तरह से निकाला गया। शरीर पर एक बड़े कट की बजाय, एक साधारण कीहोल ओपनिंग से पत्थरों को पूरी तरह से निकालने में मदद मिली। रोगी अब स्वस्थ है और अपनी नियमित दिनचर्या में वापस आ गया है।

  • पेट या कमर में दर्द होना
  • बुखार होना
  • पसीना आना
  • पेशाब में खून आना
  • पेशाब करते समय दर्द होना
  • उल्टी या जी मिचलाना
  • यूरीन में इंफेक्शन होना
  • बार-बार पेशाब आना
  • यूरेटर ब्लॉक हो जाना

स्रोत: (IANS Hindi)