... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Written By: Yogita Yadav | Published : November 24, 2018 6:07 PM IST
हरियाणा स्टेट वूमेन कमीशन ने जेलों के औचक निरीक्षण के बाद राज्य सरकार से सिफारिश की थी कि एचआईवी कैदियों को रोहतक शिफ्ट कर दिया जाए ताकि वहां स्थित एंटी रेट्रो वायरल ट्रीटमेंट(एआरटी) सेंटर में उन्हें उपचार मिल सके। © Shutterstock
फरीदाबाद की नीमका जेल में बंद कैदियों की एचआईवी स्क्रीनिंग के पहले चरण में 15 कैदी एचआईवी पॉजिटिव मिले हैं, जबकि जिले में अक्टूबर तक 120 एचआईवी पॉजिटिव मरीजों की स्क्रीनिंग हो चुकी थी। इन मरीजों में कुछ ऐसे भी हैं, जो हैपेटाइटिस-सी से संक्रमित हैं। इमेनुअल हॉस्पिटल एसोसिएशन के सहयोग से हरियाणा स्टेट एड्स कंट्रोल सोसायटी ने जेलों में स्क्रीनिंग प्रोजेक्ट चलाया है।
यह भी पढ़ें - एचआईवी का वाहक हो सकता है वन नाइट स्टैंड
वर्ष 2017-18 में की गई स्क्रीनिंग में फरीदाबाद जिले में कुल 71, पलवल में 128 और गुरुग्राम में 291 लोग एचआईवी एड्स से ग्रसित थे। इस बार फरीदाबाद में 15 और गुरुग्राम जिलों में 20 कैदियों में एचआईवी की गिरफ्त में होने के संकेत मिले हैं। गत दिनों हरियाणा स्टेट वूमेन कमीशन ने जेलों के औचक निरीक्षण के बाद राज्य सरकार से सिफारिश की थी कि एचआईवी कैदियों को रोहतक शिफ्ट कर दिया जाए ताकि वहां स्थित एंटी रेट्रो वायरल ट्रीटमेंट(एआरटी) सेंटर में उन्हें उपचार मिल सके। वहीं दूसरे चरण में पलवल, पानीपत, रेवाड़ी जिलों में बंद कैदियों की स्क्रीनिंग की जाएगी।
यह भी पढ़ें – एचआईवी से ग्रस्त 9.4 मिलियन लोग अपनी बीमारी से हैं अनजान : यूएनएड्स रिपोर्ट
कैदी करा रहे दिल्ली में इलाज
दिल्ली के नजदीक फरीदाबाद, गुरुग्राम और पलवल के एचआईवी मरीजों को पीजीआई चंडीगढ़ और दिल्ली के अस्पताल के एआरटी सेंटर्स के साथ लिंक किया जा चुका है। इन मरीजों को दिल्ली से इलाज मुहैया हो रहा है, जबकि हरियाणा सरकार अंबाला, जींद, सोनीपत, कैथल और सिरसा में नए एआरटी सेंटर शुरू करने की योजना पर काम कर रही है, जहां नई मशीनों व दवाईयों का स्टॉक पहुंचाया जाएगा।
यह भी पढ़ें - कैंसर का भी कारण बन सकता है अकेलापन, जानें इसके बारे में सब कुछ
तेजी से बढ़ रहे हैं एचआईवी के मरीज
नेशनल एड्स कंट्रोल आर्गेनाइजेशन के आंकड़ों की माने तो हरियाणा में मौजूदा समय में एचआईवी संक्रमित रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। वर्ष 2016-17 में रोगियों की संख्या 23,172 हो चुकी है, जबकि वर्ष 2010-11 में तादाद 18,458 थी और 2007-08 में 15,380 थी। एचआईवी संक्रमित बच्चों की तादाद मौजूदा समय में 1237 हैं, जबकि वर्ष 2010-11 में 925 और 2007-08 में संख्या 733 थी। संकेत है कि वर्ष 2017-18 में एचआईवी संक्रमित रोगियों की संख्या 24 हजार के करीब पहुंच चुकी है।
और बढ़ सकते हैं मामले
एड्स कंट्रोल प्रोग्राम फरीदाबाद की प्रभारी डॉ शीला भगत का कहना है कि इस बार फरीदाबाद जिले में एचआईवी मरीजों की स्क्रीनिंग का काम जारी है। अक्टूबर तक जिले में 120 एचआईवी मरीज कंफर्म थे, वहीं फरीदाबाद की जेल में कैदियों की स्क्रीनिंग में 15 कैदियों को एचआईवी पॉजिटिव पाया गया था। एक दिसम्बर को विश्व एड्स दिवस पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसके लिए हम तैयारियां कर रहे हैं और लेटेस्ट आंकड़े भी सार्वजनिक करेंगे।