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Bird Flu in Maharashtra: ठाणे में बर्ड फ्लू से 100 पक्षियों की मौत, जानिए इंसानों में कैसे फैलता है एवियन इन्फ्लूएंजा

महाराष्ट्र के एक पोल्ट्री फार्म में 100 पक्षियों की अचानक से मौत हो गई है, जिनका सैंपल पुणे लैब में भेजा गया। बर्ड फ्लू या एवियन इन्फ्लूएंजा पक्षियों को होने वाला एक विशेष वायरल इन्फेक्शन है, जो पक्षियों से इंसानों व अन्य जानवरों में भी फैल सकता है।

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Written By: Mukesh Sharma | Updated : February 18, 2022 12:47 PM IST

महाराष्ट्र के ठाणे जिले के एक पोल्ट्री फार्म में 100 पक्षियों की अचानक मौत से बर्ड फ्लू की बात सामने आई है। सभी पक्षियों के सैंपल पुणे लैब भेजे जा चुके हैं। बर्ड फ्लू या एवियन इन्फ्लूएंजा पक्षियों को होने वाला एक विशेष वायरल इन्फेक्शन है, जो पक्षियों से इंसानों व अन्य जानवरों में भी फैल सकता है। देश में कोरोना वायरस की तीसरी लहर (coronavirus third wave in india) का खतरा अभी तक पूरी तरह से टला ही नहीं है, कि बर्ड फ्लू (Bird flu) फैलने की आशंका बढ़ गई है। दरअसल, महाराष्ट्र के ठाणे जिले के शाहपुर तहसील के वेहलोली गांव में एक पोल्ट्री फार्म में करीब 100 पक्षियों की अचानक मौत से डीएम राजेश जे. ने बताया कि मृतक मुर्गियों का सैंपल लेकर उन्हें जांच के लिए पुणे लैब में भेज दिया गया है। साथ ही राजेश जे. ने यह भी बताया कि बर्ड फ्लू को अन्य पक्षियों में फैलने और इंसानों तक पहुंचने से बचाने के लिए लगभग 25 हजार पक्षियों को मारा जाएगा।

इंसानों में कैसे फैलता है बर्ड फ्लू?

इस पर डॉक्टरों का कहना है कि बर्ड फ्लू एक पक्षी से इंसानों में इतनी आसानी से तो नहीं फैलता लेकिन लंबे समय तक पक्षियों के संपर्क में रहने से व्यक्ति बर्ड फ्लू से संक्रमित हो सकता है। उदाहरण के लिए यदि संक्रमित पक्षी का मल या उनकी नाक से निकलने वाला द्रव गलती से किसी व्यक्ति की आंख या मुंह में चला जाए तो वह बर्ड फ्लू से संक्रमित हो सकता है। हालांकि, इस बात का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि बर्ड फ्लू से संक्रमित मुर्गियों से प्राप्त अंडे व मीट को अच्छे से साफ करके व पूरी तरह से पका कर खाने से बर्ड फ्लू फैलता है। साथ ही WHO ने भी इस बात की पुष्टि की है कि अंडों व मीट आदि को धोकर व पूरी तरह से पका कर सुरक्षित है।

क्या है बर्ड फ्लू और इससे कैसे बचें?

बर्ड फ्लू को एवियन इन्फ्लूएंजा (Avian influenza in hindi) भी कहा जाता है, जो पक्षियों और इंसानों के साथ-साथ अन्य जानवरों को भी प्रभावित कर सकता है। बर्ड फ्लू के कई अलग-अलग प्रकार होते हैं और इनमें एच5एन1 (H5N1) इसका सबसे आम प्रकार है। सीडीसी (CDC) द्वारा बर्ड फ्लू से बचने के लिए कुछ सुझाव दिए गए हैं, जिनमें निम्न शामिल हैं -

  • मीट की खुली मार्केट में न घूमें (जहां मीट को किसी एयरटाइट कंटेनर में न रखा गया हो)
  • बर्ड फ्लू से संक्रमित पक्षी या जानवर के संपर्क में न आएं
  • मीट व अंडों को खाने से पहले उन्हें अच्छे से धो लें और पूरी तरह से पका लें
  • उचित सफाई रखें और नियमित रूप से हाथ धोते रहें

हालांकि, यदि आपको लगता है कि आप हाल ही में किसी ऐसे पक्षी या जानवर के संपर्क में आए हैं या फिर आपको सर्दी, खांसी, जुकाम, सांस लेने में दिक्कत, बुखार या सिरदर्द जैसे लक्षण (symptoms of bird flu in hindi) हो रहे हैं, तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें।