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Written By: Jitendra Gupta | Published : November 11, 2020 4:09 PM IST
Diwali and Diabetes: दीवाली पर ब्लड शुगर कंट्रोल रखने के लिए डायबिटीज रोगी फॉलो करें ये 10 टिप्स
त्यौहारों के दौर में जहां खान-पान के प्रति अक्सर लापरवाही देखने को मिलती है वहीं मिठाईयों का जरूरत से ज्यादा सेवन भी आम सा है। ऐसे में डायबिटीज के मरीजों और इस रोग के जोखिम से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में इस त्यौहार पर डायबिटीज के प्रति अतिरिक्त सचेत हो जाएं और अपने त्योहारों में खुशियां लाएं। बीमारी के रूप में डायबिटीज एक गंभीर रोग तो है ही, लेकिन दो स्थितियां इस रोग के प्रति व्यक्ति को और भी गंभीर बना देती है। एक, जो डायबिटीज का कारण बनते हैं और खुद डायबिटीज जो शरीर में अन्य रोगों का कारण बन सकता है। और यही दो स्थितियां हैं जो इस रोग के प्रति एक व्यापक दृष्टिकोण विकसित करती हैं और इसके जोखिम कम करने के उपायों में भी मदद करतीं हैं। हमें इन्हीं स्थितियों पर व्यापक विचार करने की जरूरत है ताकि इस रोग से सही दिशा में लड़ा जा सके।
मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, आदि ऐसे रोग हैं जो डायबिटीज का जोखिम बढ़ाते हैं, और डायबिटीज एक ऐसा रोग है जिसके परिणामस्वरूप हृदय रोग, किडनी फेलियर या किडनी की समस्या, आंखों की रौशनी पर प्रतिकूल प्रभाव आदि रोगों का जोखिम होता है। भारत में डायबिटीज के संदर्भ में आंकड़े चिंता में डालने वाले हैं, एक अध्ययन के अनुसार दुनिया में हर 6 में से एक डायबिटीज का मरीज़ भारतीय है। साथ ही अभी के कोविड संक्रमण के इस दौर में भी बहुत से कोविड संक्रमण के मरीज़ों में डायबिटीज की स्थितियां देखने को मिलीं हैं। ऐसे में डायबिटीज, इससे जुड़े रोग और बचाव आदि के बारे में बता रहे हैं डॉक्टर साकेत कांत, सीनियर कंसल्टेंट, एंडोक्राइनोलॉजी, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टिट्यूट।
डायबिटीज दरअसल एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति के खाए गए भोजन से ऊर्जा बनाने की प्रक्रिया बाधित हो जाती है और खून में ग्लूकोज़ सामान्य से अधिक हो जाता है जिसके परिणाम शरीर में अलग अलग प्रकार के कष्ट व अन्य संबंधित बीमारियों के रूप में देखने को मिल सकते हैं।
दरअसल कोविड भले ही मूल रूप से फेफड़ों की बीमारी है लेकिन इसका व्यक्ति के शरीर पर व्यापक असर होता है जिसके अंतर्गत किडनी संबंधित समस्याएं, न्यूरोलोजिकल समस्याएं, हृदय रोग, नसों पर दुष्प्रभाव आदि जैसे असर भी शामिल हैं। डायबिटीज की यदि बात करें तो कोविड संक्रमण के कुछ मरीजों में संक्रमण के बाद से डायबिटीज के लक्षण देखने को मिले हैं, साथ ही बहुत से केसेस में डायबिटीज के मरीजों को कोविड बहुत गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है। ऐसे में अभी के दौर में संक्रमण फैलने से रोकने की सभी सावधानियों का पालन करना बेहद ज़रूरी है, और साथ ही कोविड संक्रमण से मुक्त होने के बाद भी अपने संबंधित डॉक्टर से सलाह लें और उसी अनुसार अन्य जांच भी करवाएं ताकि आने वाले जोखिम को रोका जा सके।
कुल मिलाकर डायबिटीज का दायरा केवल अत्यधिक मीठा खाने तक ही सीमित नहीं है, अतिरिक्त तनाव, मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर जैसी स्थितियां भी डायबिटीज की ओर ले जातीं हैं। साथ ही डायबिटीज दरअसल जितनी गंभीर बीमारी है इससे बचाव भी स्वस्थ जीवनशैली के ज़रिये बहुत हद तक उतना ही आसान भी है। इसके लिए इसे दो भागों में समझना जरूरी है :-
अव्यवस्थाएं ही लेकर आता है। बेहतर है अपने काम और जीवनशैली को व्यवस्थित करें।