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Written By: Atul Modi | Published : June 1, 2021 9:37 PM IST
हैंड सैनिटाइजर से जुड़ी कुछ सच्चाई जिसके बारे में आपको पता होना चाहिए।
हाथों की सफाई और हाइजीन का ध्यान रखना शुरू से ही शिष्टाचार माना गया है। लेकिन महामारी में यह बहुत महत्वपूर्ण हो गया है कि 20 सेकंड तक साबुन से हाथ धोना और यदि साबुन नहीं है तो सैनिटाइजर का प्रयोग। शायद इसलिए कि वह आपको वायरस से बचा सकता है और आपके हाथों को कीटाणुओं से मुक्त रखता है। लेकिन इससे जुड़े कुछ ऐसे सच हैं जो आपने कभी सोचा नहीं होगा। हैंड सैनिटाइजर (Hand Sanitizer Facts) से जुड़े कुछ राज हैं जिनसे पर्दा उठाने की जरूरत है। आइए जानते हैं सैनिटाइजर की सच्चाई।
सैनिटाइजर आपके हाथों से कीटाणुओं को जरूर हटा देता है लेकिन यह आपके हाथों को धूल मिट्टी आदि से साफ नही कर पाता है। इसलिए अगर आप कोई ऐसा काम करते हैं जिसमें मिट्टी या गंदगी का प्रयोग हुआ हो तो हाथों को साबुन से धोएं।
साबुन और पानी से हाथ धोने पर न केवल आपके हाथों से गंदगी उतर जाती है बल्कि हाथों से किटाणु और वायरस भी मुक्त हो जाते हैं इसलिए आपको सैनिटाइजर लगाने के बाद या पहले अपने हाथों को साबुन से भी अवश्य धोना चाहिए।
सीडीसी के मुताबिक आपको केवल उसी सैनिटाइजर का प्रयोग करना चाहिए जिसमें 60% अल्कोहल हो। वही आपको जर्म्स और कीटाणुओं से मुक्ति दिला सकता है।
अच्छे सैनिटाइजर अल्कोहल पर आधारित होते हैं और इसका अर्थ है वह फ्लेमेबल होते हैं और आसानी से आग पकड़ सकते हैं। इसलिए जब भी आग के पास जाएं तो यह जरूर ध्यान रखें कि आपके हाथों पर अभी अभी सेनिटाइजर न लगा हो।
लगभग सभी सैनिटाइजर में मेथेनॉल होती है और यह एक ऐसी अल्कोहल होती है जिसे आपको स्किन अब्जॉर्ब कर लेती है। इससे आपको सिर दर्द, उल्टियां और सिर चकराने, कोमा में चले जाना या यहां तक मृत्यु भी हो सकती है। आप मेथेनॉल के बिना बनने वाले सेनिटाइजर का प्रयोग कर सकते हैं।
सैनिटाइजर तब काम नहीं करता है जब आपके हाथों के पास म्यूकस हो। म्यूकस आपके हाथों में जर्म्स आदि को छुपा लेती है जिस कारण वह हाथों से उतर नहीं पाता है। इसलिए छींकने के बाद आपको हैंड वाश ही करने चाहिए।
अगर आप सैनिटाइजर का बहुत अधिक प्रयोग करते हैं तो इससे आपके हाथों की स्किन बहुत ड्राई हो सकती है और फट भी सकती है जिससे कीटाणु उसमें आसानी से घुस सकते हैं। इसलिए इसके प्रयोग के बाद लोशन जरूर लगाएं।
इसका सही ढंग से प्रयोग करने के लिए पहले यह सुनिश्चित करें कि आपके हाथों में किसी प्रकार की गंदगी न हो। इसके बाद हाथों के बीच में इसे तब तक मलें जब तक हाथ सूख न जाए।
वैसे तो स्टोर से मिलने वाले हैंड सैनिटाइजर ही बेस्ट होते हैं लेकिन अगर आप घर पर बनाना चाहते है तो इसके लिए आपको आइसोप्रोपिल अल्कोहल, हाइड्रोजन पेरोक्साइड, ग्लिसरीन और साफ पानी की आवश्यकता होगी।
इसके केवल कुछ ही बार पीने से आपको अल्कोहल पॉइजनिंग हो सकती है। इसलिए सैनिटाइजर को बच्चों से दूर रखें। सैनिटाइजर को ओवर द काउंटर मिलने वाली ड्रग की श्रेणी में रखा गया है इसलिए आपको हमेशा इसका प्रयोग करने से पहले इसके ऊपर लगे लेबल को पढ़ लेना चाहिए।
सैनिटाइजर इस कोविड काल में हमारे एक हथियार की तरह काम आ रहा है लेकिन इसके द्वारा आपको बहुत से नुकसानों का भी सामना करना पड़ सकता है इसलिए आप यह ध्यान रखें कि कम से कम ही घर से बाहर निकलें। ताकि आपको ज्यादा बार हैंड सैनिटाइजर का प्रयोग न करना पड़े और अगर आप का बाहर निकलने का काम है भी तो आपको सैनिटाइजर की बजाए किसी अच्छे हैंड वाश का प्रयोग करना चाहिए। क्योंकि बाहर जाने पर तो सब जगह आपको सैनिटाइजर का ही प्रयोग करना होता है लेकिन घर पर आप हैंड वाश का प्रयोग कर सकते हैं। खासकर बच्चों से सैनिटाइजर को दूर रखें।