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Cancer in Youth : डेली रूटीन में कैंसर का खतरा बढ़ाने का काम करती हैं ये 10 चीजें! 100 में से 90 जवां लोगों को है इनकी लत
Cancer in Youth : कैंसर एक घातक बीमारी है और अगर इस बिमारी का समय पर निदान और इलाज नहीं हुआ तो व्यक्ति की जान जा सकती हैं। पिछले कुछ सालों में देशभर में कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। कैंसर के मरीजों की बढती संख्या चिंता का विषय है क्योंकि यह बीमारी किसी भी उम्र के व्यक्ती के हो सकती है। कई लोगों को लगता हैं की तंबाकू खाने से कैंसर होता हैं। हालांकि इसमें कोई दो राय नहीं कि तंबाकू, कैंसर का एक प्रमुख कारण है लेकिन सिगरेट, तंबाखू, गुटखे का सेवन न करने वाले लोग भी कैंसर से पीड़ित होते हैं। इसके अलावा कम उम्र के बच्चें भी कैंसर जैसी बीमारी से लड़ रहे हैं।
कैंसर के कई अन्य कारण भी हैं। इस कारणों के बारे में लोगों को पता होना काफी जरूरी हैं। दिल्ली के करोल बाग स्थित अपोलो स्पेक्ट्रा अस्पताल के सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. राजिंदर कौर सग्गू का कहना है कि जब हमारे शरीर में कुछ सेल अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगते हैं तो यह कैंसर की शुरुआत होती है। अनियंत्रित रूप से बढ़ रही यह कोशिकाएं इतनी शक्तिशाली होती हैं कि यह शरीर के सामन्य उत्तकों में घुसपैठ करके उन्हें नष्ट कर देती हैं। एक बार कैंसर होने के बाद यह पूरे शरीर में फैल सकता है. कैंसर कितनी घातक बीमारी है, यह तो आप जानते ही होंगे। दुनियाभर में होने वाली कुल मौतों में दूसरा सबसे बड़ा कारण कैंसर ही है। कैंसर की स्क्रीनिंग, उपचार और रोकथाम के लिए उठाए जा रहे कदमों का असर पड़ा है और अच्छी बात यह है कि समय पर इलाज होने के कारण कैंसर मरीजों के ठीक होने और बचने की दर बढ़ रही है।
कैंसर के 200 से अधिक प्रकार हैं। कैंसर के कुछ सामान्य प्रकार स्तन, फेफड़े, सिर और गर्दन, गर्भाशय ग्रीवा, डिम्बग्रंथि, प्रोस्टेट, कोलन, रेक्टल, एसोफैगल, पेट, वृषण, गुर्दे, लिवर कैंसर हैं। कैंसर के कारणों के बारे में जानना और उनसे बचाव करना काफी जरूरी हैं। कैंसर तब होता है जब किसी के शरीर में सामान्य कोशिकाएं असामान्य रूप से व्यवहार करती हैं और तेजी से बढ़ती हैं। कैंसर को लेकर अभी भी जागरूकता की कमी है। बहुत से लोग कारणों के बारे में नहीं जानते हैं।
• तंबाकू
• शराब
• कार्सिनोजन जैसे वायरस, रसायन
• यूवी प्रकाश
• पर्यावरणीय विकिरण
• वायु प्रदुषण
• अस्वास्थ्यकर आहार जैसे प्रसंस्कृत, जंक, डिब्बा बंद, शक्करयुक्त और स्टार्च युक्त भोजन
• ह्यूमन पेपिलोमावायरस (एचपीवी) और एचआईवी
• बढ़ती उम्र
• मोटापा
कैंसर का शुरुआती स्टेज पर निदान होने से इसका इलाज आसान हो जाता है। इस बात को ध्यान में रखते हुए आपको अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए और समझना चाहिए कि आपके लिए कैंसर स्क्रीनिंग का सबसे अच्छा तरीका क्या हो सकता है। कुछ प्रकार के कैंसर में समय पर पहचान होने से लोगों की जान बचाने में मदद मिली है। कैंसर का पता लगाने के लिए व्यक्तिगत जाचं, लैब से जाचं, एक्स-रे, सीटीस्कैन, एमआरआई और बायोप्सी की जाती हैं।
कैंसर का उपचार स्थान, ट्यूमर के आकार और अवस्था पर आधारित होगा। आपका डॉक्टर सही व्यक्ति है जो आपके लिए उपचार की उचित रेखा निर्धारित करेगा। डॉक्टर द्वारा बताए गए दिशा-निर्देशों का ही पालन करना आपके लिए अनिवार्य हैं। कैंसर के प्रकार के आधार पर विभिन्न उपचार के तौर-तरीके सर्जरी, कीमोथेरेपी, विकिरण चिकित्सा, इम्यूनोथेरेपी और लक्षित चिकित्सा हैं। इसके अलावा, कुछ जीवनशैली में बदलाव भी अपनाने होंगे जो जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद करेंगे।
1-तम्बाकू का सेवन न करें
2- धूम्रपान से भी बचें
3- वायु प्रदूषण के संपर्क से बचें
4- वजन नियंत्रण में रखें
5- शराब का सेवन न करें
6- रोजाना व्यायाम करें
7-सूरज की हानिकारक यूवी किरणों के जोखिम को कम करने के लिए सनस्क्रीन का उपयोग करें।
8-जब लंबे समय तक बाहर रहें तो डॉक्टर की सिफारिश के अनुसार टीका लगवाएं।
9- संतुलित आहार लें
10-जंक, ऑयली, प्रोसेस्ड, डिब्बाबंद और स्टार्चयुक्त भोजन से बचें।
11-चाइनीज, बर्गर, पिज्जा, पास्ता, नमकीन, मिठाई, सोडा, कोला और बेकरी आइटम से दूर रहें।
12-डॉक्टर के बताए अनुसार नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं।
13-शरीर में किसी भी तरह के असामान्य बदलाव को नजरअंदाज न करें। तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।